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साहूवाला वन रेंज में आग लगी
Mon, 22 Apr 2019 12:00 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:00 AM IST
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साहूवाला वन रेंज में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला
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हरेवली में साहूवाला रेंज के शाहनगर कुराली वन क्षेत्र में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। आग ने कई किमी परिधि की वन संपदा में चपेट में ले रखा है। साल, सागौन, खैर के पौधे जल रहे हैं। वनों के आसपास बसे गांवों के लोगों को आग के फैलने का भय सता रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द ही आग पर काबू पाने की मांग की है।
साहूवाला वन क्षेत्र की शाहनगर कुराली बीट में शनिवार शाम आग लग गई। आग के लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। आग शाहनगर कुराली की ओर तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण होशराम सिंह, विशाल, असर खान, खुर्शीद खान, रोहन सिंह, महावीर सिंह, शकील खान कहना है कि वन क्षेत्र में प्रतिवर्ष आग लगती है। लेकिन वन विभाग की ओर से आग पर काबू पाने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं। विभाग की लापरवाही से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है। वनसंपदा के साथ आग में जीव जंतु भी जलकर नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में गुलदार और अन्य प्रकार के जीव जान बचाने के लिए वनों को निकलकर आबादी की ओर रुख कर देते हैं। जंगल में खड़ी फसलें की आग की चपेट में आकर बर्बाद होती हैं। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। जल्द ही आग पर काबू पाने का प्रयास होगा।
आग पर काबू पाने के लिए वन क्षेत्र में फायरलेन निकाली जाती है। पेड़ों के हरे पत्तों को इकट्ठा कर उनसे आग पर काबू पाया जाता है। आग बुझाने के लिए वन क्षेत्र में पानी की व्यवस्था तो हो नहीं पाती, इन्हीं साधनों से आग बुझाई जाती है।
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हरेवली में वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि वन क्षेत्र में पशु चराने वाले राहगीर आदि बीड़ी सिगरेट पीकर गिरा देते हैं, इससे भी आग लग जाती है। इस समय वन क्षेत्र में सुखा पत्ता अधिक होने के कारण आग के विकराल रूप धारण करने की संभावना रहती है। थोड़ी सी चिंगारी से भी आग भयानक रूप ले लेती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वन क्षेत्र में पशु चराने न जाएं तथा वन क्षेत्र से गुजरने वाले राहगीर जलती हुई बीड़ी सिगरेट न फेंके।
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साहूवाला वन क्षेत्र की शाहनगर कुराली बीट में शनिवार शाम आग लग गई। आग के लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। आग शाहनगर कुराली की ओर तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण होशराम सिंह, विशाल, असर खान, खुर्शीद खान, रोहन सिंह, महावीर सिंह, शकील खान कहना है कि वन क्षेत्र में प्रतिवर्ष आग लगती है। लेकिन वन विभाग की ओर से आग पर काबू पाने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं। विभाग की लापरवाही से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है। वनसंपदा के साथ आग में जीव जंतु भी जलकर नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में गुलदार और अन्य प्रकार के जीव जान बचाने के लिए वनों को निकलकर आबादी की ओर रुख कर देते हैं। जंगल में खड़ी फसलें की आग की चपेट में आकर बर्बाद होती हैं। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। जल्द ही आग पर काबू पाने का प्रयास होगा।
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आग पर काबू पाने के लिए वन क्षेत्र में फायरलेन निकाली जाती है। पेड़ों के हरे पत्तों को इकट्ठा कर उनसे आग पर काबू पाया जाता है। आग बुझाने के लिए वन क्षेत्र में पानी की व्यवस्था तो हो नहीं पाती, इन्हीं साधनों से आग बुझाई जाती है।
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हरेवली में वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि वन क्षेत्र में पशु चराने वाले राहगीर आदि बीड़ी सिगरेट पीकर गिरा देते हैं, इससे भी आग लग जाती है। इस समय वन क्षेत्र में सुखा पत्ता अधिक होने के कारण आग के विकराल रूप धारण करने की संभावना रहती है। थोड़ी सी चिंगारी से भी आग भयानक रूप ले लेती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वन क्षेत्र में पशु चराने न जाएं तथा वन क्षेत्र से गुजरने वाले राहगीर जलती हुई बीड़ी सिगरेट न फेंके।