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जिला पंचायत के अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा, सपा और रालोद गठबंधन भी लड़ेगा चुनाव
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जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर शुरू हुआ घमासान
बिजनौर। जिला पंचायत वार्ड सदस्यों के चुनाव जीतते ही अध्यक्ष पद के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। जीतने वाले सदस्यों पर दावेदारों ने अभी से डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। भाजपा के अलावा सपा भी अपने गठबंधन के साथ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने का मन बना रही है। फिलहाल चार दावेदार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं।
जिला पंचायत के 56 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के आठ, सपा के 20, रालोद के चार, भाकियू के दो, आजाद समाज पार्टी के आठ, बसपा के पांच सदस्य हैं। बाकी निर्दलीय हैं। सदस्यों को ही अध्यक्ष बनाना है। इसके लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। जिला पंचायत में इस बार 21 मुस्लिम सदस्य चुनाव जीतकर आए हैं। मुस्लिम दावेदारों की इसे लेकर बांछें खिली हुई हैं। इनमें ज्यादातर सदस्य सपा के हैं। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों ने अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। सपा की ओर से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी चुनाव लड़ने का मन बना रही हैं। इनके अलावा पूर्व विधायक शाहनवाज राना की पत्नी इंतेखाब राना, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी अध्यक्ष पद के दावेदार हैं।
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी के भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की चर्चा हैं। भाजपा के पास साकेंद्र चौधरी मजबूत चेहरा है पर ये जाट बिरादरी से हैं। चौहान बिरादरी पर दांव खेला गया तो आयुष चौहान भी बड़े दावेदार हो सकते हैं। सपा आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए रालोद, भाकियू गठबंधन के किसी नए चेहरे पर दांव खेलने का मन बना रही है। सपा के पास सबसे मजबूत नया चेहरा भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी हैं। सपा इसका फायदा विधानसभा चुनाव में उठाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक गठबंधन को मजबूत करने लिए सपा यह दांव खेल सकती है।
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किसी भी मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारने से भाजपा सरकार में सपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। भाकियू के साथ रालोद में भी नया चेहरा सपा नेता तलाश रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पूर्व विधायक शाहनवाज राना, आजाद समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के साथ मिलकर अपनी पत्नी को अध्यक्ष बनाने की तैयारी में जुटे हैं। शाहनवाज राना सपा व रालोद के पुराने खिलाड़ी हैं। बिजनौर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। इनकी भी मुस्लिमों में पकड़ है। इन्होंने भी जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए अभी से डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक जिला पंचायत में सपा, रालोद, भाकियू गठबंधन के सबसे ज्यादा प्रत्याशी जीतकर आए हैं। गठबंधन भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेगा। नया चेहरा चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।
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बिजनौर। जिला पंचायत वार्ड सदस्यों के चुनाव जीतते ही अध्यक्ष पद के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। जीतने वाले सदस्यों पर दावेदारों ने अभी से डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। भाजपा के अलावा सपा भी अपने गठबंधन के साथ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने का मन बना रही है। फिलहाल चार दावेदार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं।
जिला पंचायत के 56 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के आठ, सपा के 20, रालोद के चार, भाकियू के दो, आजाद समाज पार्टी के आठ, बसपा के पांच सदस्य हैं। बाकी निर्दलीय हैं। सदस्यों को ही अध्यक्ष बनाना है। इसके लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। जिला पंचायत में इस बार 21 मुस्लिम सदस्य चुनाव जीतकर आए हैं। मुस्लिम दावेदारों की इसे लेकर बांछें खिली हुई हैं। इनमें ज्यादातर सदस्य सपा के हैं। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों ने अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। सपा की ओर से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी चुनाव लड़ने का मन बना रही हैं। इनके अलावा पूर्व विधायक शाहनवाज राना की पत्नी इंतेखाब राना, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी अध्यक्ष पद के दावेदार हैं।
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भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी के भी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की चर्चा हैं। भाजपा के पास साकेंद्र चौधरी मजबूत चेहरा है पर ये जाट बिरादरी से हैं। चौहान बिरादरी पर दांव खेला गया तो आयुष चौहान भी बड़े दावेदार हो सकते हैं। सपा आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए रालोद, भाकियू गठबंधन के किसी नए चेहरे पर दांव खेलने का मन बना रही है। सपा के पास सबसे मजबूत नया चेहरा भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी हैं। सपा इसका फायदा विधानसभा चुनाव में उठाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक गठबंधन को मजबूत करने लिए सपा यह दांव खेल सकती है।
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किसी भी मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारने से भाजपा सरकार में सपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। भाकियू के साथ रालोद में भी नया चेहरा सपा नेता तलाश रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पूर्व विधायक शाहनवाज राना, आजाद समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी के साथ मिलकर अपनी पत्नी को अध्यक्ष बनाने की तैयारी में जुटे हैं। शाहनवाज राना सपा व रालोद के पुराने खिलाड़ी हैं। बिजनौर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। इनकी भी मुस्लिमों में पकड़ है। इन्होंने भी जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए अभी से डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के मुताबिक जिला पंचायत में सपा, रालोद, भाकियू गठबंधन के सबसे ज्यादा प्रत्याशी जीतकर आए हैं। गठबंधन भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेगा। नया चेहरा चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।