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एक चिकित्सक, वो भी बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज
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अफजलगढ़ में सीएचसी पर मरीजों की भीड़।
- फोटो : BIJNOR
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अफजलगढ़। नगर स्थित सीएचसी चिकित्सकों व स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। सीएचसी लंबे अर्से से विभागीय उपेक्षा का शिकार है। जहां चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य कर्मियों के कई पद लंबे अर्से से खाली हैं। चिकित्सक तैनाती के बाद भी ज्वाइन नहीं करते हैं। बावजूद इसके सीएचसी एक बीमार चिकित्सक के हवाले है। सीएचसी पर एक सप्ताह से चिकित्सक नहीं है। क्षेत्रवासियों ने सीएचसी पर चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।
तीस बेड वाले सीएचसी पर चिकित्सा अधीक्षक तथा महिला चिकित्सक सहित 9 चिकित्सकों के अलावा दर्जनों स्वास्थ्य कर्मियों के पद सृजित है, लेकिन अब तक भी इन पदों पर विभाग द्वारा चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में सीएचसी एक ही चिकित्सक के हवाले है। वह भी बीमार हैं और ऐसे में अकेले ही रोगियों का उपचार कर रहें हैं। मास्टर शमीम अहमद, सलीम अंसारी अब्दुल हफीज, हाजी खलील, शब्बन खां, चंपा देवी, नासरा, नईमा , मुन्नी देवी, हनीफा तथा ऋषिपाल आदि कहना है कि सीएचसी पर समूचे क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों सहित नगरपालिका निर्भर है। वहीं बच्चों के बीमार होने की स्थिति में उनके प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। गंभीर रोगियों को उपचार के लिए बाहर ले जाना पड़ता है।
वहीं इसके अलावा फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन वार्ड ब्वाय की भी कमी से सीएचसी जूझ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण आए दिन सड़क हादसों के शिकार लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं हो पाती है। जिसके चलते 90 प्रतिशत घायलों को उपचार के लिए बाहर भेज दिया जाता है। उनका कहना है कि वह दूरदराज से दवाई लेने आते हैं। चिकित्सक के न मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है। मुख्यालय से दूर होने के कारण अधिकतर चिकित्सक व स्टाफ यहां आना नहीं चाहता हैं।
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पत्र लिखकर मांगे गए हैं चिकित्सक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. रजनीश कुमार का कहना है कि चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों के संबंध में विभागीय आलाधिकारियों को अनेकों बार लिखित व मौखिक अवगत कराया जा चुका है। इस संबंध में सीएमओ विजय कुमार गोयल का कहना है कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए शासन को लिखा है। उन्होंने शीघ्र ही दो दिन के भीतर अफजलगढ़ सीएचसी में चिकित्सक तैनात किए जाने की बात कही है।
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तीस बेड वाले सीएचसी पर चिकित्सा अधीक्षक तथा महिला चिकित्सक सहित 9 चिकित्सकों के अलावा दर्जनों स्वास्थ्य कर्मियों के पद सृजित है, लेकिन अब तक भी इन पदों पर विभाग द्वारा चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में सीएचसी एक ही चिकित्सक के हवाले है। वह भी बीमार हैं और ऐसे में अकेले ही रोगियों का उपचार कर रहें हैं। मास्टर शमीम अहमद, सलीम अंसारी अब्दुल हफीज, हाजी खलील, शब्बन खां, चंपा देवी, नासरा, नईमा , मुन्नी देवी, हनीफा तथा ऋषिपाल आदि कहना है कि सीएचसी पर समूचे क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों सहित नगरपालिका निर्भर है। वहीं बच्चों के बीमार होने की स्थिति में उनके प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। गंभीर रोगियों को उपचार के लिए बाहर ले जाना पड़ता है।
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वहीं इसके अलावा फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन वार्ड ब्वाय की भी कमी से सीएचसी जूझ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण आए दिन सड़क हादसों के शिकार लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं हो पाती है। जिसके चलते 90 प्रतिशत घायलों को उपचार के लिए बाहर भेज दिया जाता है। उनका कहना है कि वह दूरदराज से दवाई लेने आते हैं। चिकित्सक के न मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है। मुख्यालय से दूर होने के कारण अधिकतर चिकित्सक व स्टाफ यहां आना नहीं चाहता हैं।
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पत्र लिखकर मांगे गए हैं चिकित्सक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. रजनीश कुमार का कहना है कि चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों के संबंध में विभागीय आलाधिकारियों को अनेकों बार लिखित व मौखिक अवगत कराया जा चुका है। इस संबंध में सीएमओ विजय कुमार गोयल का कहना है कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए शासन को लिखा है। उन्होंने शीघ्र ही दो दिन के भीतर अफजलगढ़ सीएचसी में चिकित्सक तैनात किए जाने की बात कही है।