Bijnor: बाबू हुआ निलंबित, आश्रित कोटे से मिली थी नौकरी, सामने आई ये गड़बड़ी, बीईओ भी जांच के घेरे में
Bijnor News : बिजनौर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक बाबू को निलंबित किया गया है। वहीं, बीईओ भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पढ़िए आखिर क्या गड़बड़ी सामने आई है।
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बिजनौर में बेसिक शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित कोटे में बिना शैक्षिक योग्यता के एक आवेदनकर्ता को शिक्षक पद पर तैनात करने की पत्रावली चलाने का मामला प्रकाश में आया है। अफसरों की जांच में मृतक आश्रित कोटे में बिना शैक्षिक योग्यता की पत्रावली संस्तुति ऑनलाइन करने के मामले में बीएसए ने लिपिक को निलंबित कर दिया।
अफसरों के अनुसार, नजीबाबाद खंड शिक्षा अधिकारी भी जांच के घेरे में है। बीएसए ने उनपर कार्रवाई करने के लिए मुख्यालय को भेज दिया है। नजीबाबाद ब्लॉक के गांव वंश गोपालपुर के समग्र परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तेजपाल सिंह तैनात थे। लंबी बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। उनकी जगह उनके बेटे सुमित ने सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती के लिए आवेदन किया। उन्होंने बीएड कर रखा था। बीएड होने पर उसके आवेदन पर बीएसए कार्यालय से निर्देश दिए गए थे कि उसे शिक्षक पद पर ज्वॉइनिंग नहीं हो सकती। बल्कि चतुर्थ श्रेणी के लिए चयन हो सकता है।
इसके बाद मृतक आश्रित आवेदन कर्ता ने शिक्षक पद के लिए मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर दिया। इस आवेदन को अयोग्य होने के बावजूद नजीबाबाद ब्लॉक के बाबू मोहम्मद इमरान ने पत्रावली का सत्यापन कर संस्तुति कर बीएसए को भेज दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने आवेदन को निरस्त कर दिया। अब इस मामले में बीएसए जयकरन यादव ने नजीबाबाद ब्लाक के बाबू इमरान को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने बताया कि मृतक आश्रित कोटे पर बिना योग्यता के नियुक्ति नहीं हुई है। लेकिन लिपिक व ब्लॉक स्तर से उसे नियुक्ति देने के लिए ऑनलाइन पत्रावली को कार्यालय भेजा गया। इस कारण प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बाबू मोहम्मद इमरान को निलंबित करने की कार्रवाई की। बीएसए ने बताया कि बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी शासन को पत्र लिखा कर प्रेषित कर दिया गया।
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