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करंट से हाथी की जान गई
Bijnor
Updated Tue, 18 Feb 2014 05:30 AM IST
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कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व एरिया से सटे मीरापुर के जंगल में किसान द्वारा प्रकाश के लिए लगाए बिजली के तार की चपेट में आकर एक नर हाथी की मौत हो गई। हाथी की मौत से वन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वनकर्मियों ने शव को कब्जे में ले लिया है।
कार्बेट टाइगर पार्क की सीमा से लगे अमानगढ़ रेंज के गांव मीरापुर में निरबैल सिंह के गेहूं के खेत में नर हाथी का शव पड़ा मिला। हाथी की उम्र करीब 15 वर्ष थी। हाथी के मुंह में बिजली के तार का एक सिरा घुसा हुआ था। किसान ने खेत में प्रकाश की लिए बल्ब लगा रखा था। इसके लिए ट्यूबवेल से खेत तक तार खींचा हुआ था। संभावना है कि यहां से निकलते समय हाथी के मुंह में तार फंस गया होगा। वन अधिकारी भी करंट लगने से ही हाथी की मौत मान रहे हैं। मौके पर पहुंचे अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वन दरोगा जयपाल सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियाें को सूचना दे दी गई है। एक्सपर्ट टीम भी मौके पर पहुंच गई है। उनके साथ राधे श्याम, भोपाल सिंह, दीवान सिंह बिष्ट, जस सिंह आदि हैं।
हाथी के सभी अंग सुरक्षित
मौके पर पहुंचे वन कर्मियाें ने सबसे पहले के हाथी के अंगों को देखा। हाथी के दांत, नाखून व अन्य अंगों को सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली। कार्बेट टाइगर रिजर्व एरिया की सीमा पर हाथी की मौत की सूचना पर कालागढ़ रेंजर भारत सिंह सजवाण, भारत सिंह रावत, हीरा सिंह बिष्ट, ज्ञान चंद, रतन राम, सुरेंद्र व अमरजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया घटनास्थल यूपी का है।
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किसानों में नाराजगी
घटनास्थल पर पहुंचे किसानों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि वन विभाग गश्त पर ध्यान नहीं दे रहा है। हाथी खेतों में आकर गन्ने व धान की फसल नष्ट कर रहे हैं। रविावर की रात चार हाथी यहां थे। रात भर उन्हें भगाने के बाद किसान सुबह अपने घर चले गए । दिन में शोर सुना तो पता चला कि हाथी मरा पड़ा है।
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एसडीओ सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रथम द्रष्टया देखने में हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। सभी स्थिति का पता पोस्टमार्टम के बाद ही लग सकता है।
बाघ के पदचिह्न दिखने से दहशत
कालागढ़। अमानगढ़ रेंज के भिक्कावाला में धर्मकांटे के पास बाघ के पदचिह्न देखे जाने से क्षेत्र में दहशत है। घटना स्थल के निकट सेंट मैरीज स्कूल होने के कारण ग्रामीणों को बाघिन का भय सता रहा है। भिक्कावाला में अफजलगढ़ मार्ग पर स्थित कोल्हू पर बागपत निवासी जगदीश काम करता है। उसका कहना है कि रविवार शाम को यहां एक कपड़ा बेचने वाला जा रहा था तो उसने बड़ के पेड़ के नीचे बाघ देखा। घबराए फेरी वाले ने कोल्हू पर आकर इसकी सूचना दी, लेकिन तब तक बाघ खेत की ओर निकल गया था। बाघ के पंजे जगदीश के कोल्हू व धर्मकांटे के पीछे से होकर गन्ने के खेत में काफी दूर तक नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात बीतने के बाद भी कोई वन अधिकारी तो दूर कर्मचारी तक नहीं पहुंचा।
..............
एसडीओ सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि टीम को घटनास्थल पर भेज दिया है। मीरापुर क्षेत्र में एक हाथी की मौत हो गई थी, वह वहां थे। जल्द घटनास्थल पर पहुंचेंगे। जांच के बाद ही बताया जा सकता है ये पंजे बाघ के अथवा बाघिन के।
केंद्रीय कालोनी दिखाई दिया बाघ
कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी में बाघ दिखाई देने से लोग घबराए हुए हैं। कालोनीवासियाें अमरजीत, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि बाघ की दहशत के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उधर वनक्षेत्राधिकारी भारत सिंह सजवाण का कहना हैं कि यह टाइगर जोन के अंतर्गत आने वाला इलाका है। यहां बाघ पहले से ही दिखाई देता हैं। लोगों को चाहिए कि वह घरों में रहे। जंगल व जीवों से दूर रहें। गश्त कराई जा रही है।
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कार्बेट टाइगर पार्क की सीमा से लगे अमानगढ़ रेंज के गांव मीरापुर में निरबैल सिंह के गेहूं के खेत में नर हाथी का शव पड़ा मिला। हाथी की उम्र करीब 15 वर्ष थी। हाथी के मुंह में बिजली के तार का एक सिरा घुसा हुआ था। किसान ने खेत में प्रकाश की लिए बल्ब लगा रखा था। इसके लिए ट्यूबवेल से खेत तक तार खींचा हुआ था। संभावना है कि यहां से निकलते समय हाथी के मुंह में तार फंस गया होगा। वन अधिकारी भी करंट लगने से ही हाथी की मौत मान रहे हैं। मौके पर पहुंचे अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वन दरोगा जयपाल सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियाें को सूचना दे दी गई है। एक्सपर्ट टीम भी मौके पर पहुंच गई है। उनके साथ राधे श्याम, भोपाल सिंह, दीवान सिंह बिष्ट, जस सिंह आदि हैं।
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हाथी के सभी अंग सुरक्षित
मौके पर पहुंचे वन कर्मियाें ने सबसे पहले के हाथी के अंगों को देखा। हाथी के दांत, नाखून व अन्य अंगों को सुरक्षित देखकर राहत की सांस ली। कार्बेट टाइगर रिजर्व एरिया की सीमा पर हाथी की मौत की सूचना पर कालागढ़ रेंजर भारत सिंह सजवाण, भारत सिंह रावत, हीरा सिंह बिष्ट, ज्ञान चंद, रतन राम, सुरेंद्र व अमरजीत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया घटनास्थल यूपी का है।
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किसानों में नाराजगी
घटनास्थल पर पहुंचे किसानों ने नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि वन विभाग गश्त पर ध्यान नहीं दे रहा है। हाथी खेतों में आकर गन्ने व धान की फसल नष्ट कर रहे हैं। रविावर की रात चार हाथी यहां थे। रात भर उन्हें भगाने के बाद किसान सुबह अपने घर चले गए । दिन में शोर सुना तो पता चला कि हाथी मरा पड़ा है।
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एसडीओ सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रथम द्रष्टया देखने में हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। सभी स्थिति का पता पोस्टमार्टम के बाद ही लग सकता है।
बाघ के पदचिह्न दिखने से दहशत
कालागढ़। अमानगढ़ रेंज के भिक्कावाला में धर्मकांटे के पास बाघ के पदचिह्न देखे जाने से क्षेत्र में दहशत है। घटना स्थल के निकट सेंट मैरीज स्कूल होने के कारण ग्रामीणों को बाघिन का भय सता रहा है। भिक्कावाला में अफजलगढ़ मार्ग पर स्थित कोल्हू पर बागपत निवासी जगदीश काम करता है। उसका कहना है कि रविवार शाम को यहां एक कपड़ा बेचने वाला जा रहा था तो उसने बड़ के पेड़ के नीचे बाघ देखा। घबराए फेरी वाले ने कोल्हू पर आकर इसकी सूचना दी, लेकिन तब तक बाघ खेत की ओर निकल गया था। बाघ के पंजे जगदीश के कोल्हू व धर्मकांटे के पीछे से होकर गन्ने के खेत में काफी दूर तक नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात बीतने के बाद भी कोई वन अधिकारी तो दूर कर्मचारी तक नहीं पहुंचा।
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एसडीओ सलील कुमार शुक्ला ने बताया कि टीम को घटनास्थल पर भेज दिया है। मीरापुर क्षेत्र में एक हाथी की मौत हो गई थी, वह वहां थे। जल्द घटनास्थल पर पहुंचेंगे। जांच के बाद ही बताया जा सकता है ये पंजे बाघ के अथवा बाघिन के।
केंद्रीय कालोनी दिखाई दिया बाघ
कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी में बाघ दिखाई देने से लोग घबराए हुए हैं। कालोनीवासियाें अमरजीत, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि बाघ की दहशत के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। उधर वनक्षेत्राधिकारी भारत सिंह सजवाण का कहना हैं कि यह टाइगर जोन के अंतर्गत आने वाला इलाका है। यहां बाघ पहले से ही दिखाई देता हैं। लोगों को चाहिए कि वह घरों में रहे। जंगल व जीवों से दूर रहें। गश्त कराई जा रही है।