{"_id":"48-45387","slug":"Bijnor-45387-48","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा ने फिर यशवीर पर लगाया दांव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा ने फिर यशवीर पर लगाया दांव
Bijnor
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर। समाजवादी पार्टी ने नगीना लोकसभा सीट पर एक बार फिर निवर्तमान सांसद यशवीर सिंह पर दांव खेला है। अपने इस कार्यकाल में जनता के लिए ईद का चांद साबित हुए सांसद को टिकट मिलने से सपा में भी हलचल शुरू हो गई है।
विधानसभा चुनाव में नहटौर से टिकट नहीं मिलने के बाद लोकसभा चुनाव में टिकट की आस लगाए बैठे स्वीटी और डा. योगेंद्र को इस बार भी पार्टी से निराशा ही हाथ लगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार डा. योगेेंद्र नगीना से लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी ठोक रहे थे, लेकिन पार्टी ने सांसद यशवीर सिंह पर ही अपना भरोसा जताया है। पार्टी के एक खेमे ने हाईकमान से शिकायत भी की थी कि सांसद यशवीर ने बसपा के कार्यकाल में जनता से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उनके कामकाज से जनता तो क्या पार्टी कार्यकर्ता भी खुश नहीं है। माना जा रहा है कि पार्टी ने नगीना सीट से कोई दमदार प्रत्याशी नहीं मिलने के कारण यशवीर सिंह पर ही दांव लगाया है
गठबंधन की कमजोरी का मिला था यशवीर सिंह को लाभ
गत लोकसभा चुनाव में रालोद और भाजपा गठबंधन था। बिजनौर की दोनों सीटें लोकदल के खाते में गई थीं। दोनों सीट लोकदल को मिलने के कारण नगीना सीट पर भाजपा वोट बैंक ने रालोद प्रत्याशी का विरोध किया था। वहीं बसपा के आरके सिंह के खिलाफ भी जनता में नाराजगी थी, जिसका फायदा यशवीर सिंह को मिला था। इस चुनाव में यशवीर सिंह ने करीब 39 हजार मतों से रालोद भाजपा गठब्ंाधन प्रत्याशी मुंशी रामपाल को शिकस्त दी थी। इस बार हालात बिलकुल उलट है। चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में यदाकदा ही दर्शन देने वाले सांसद के खिलाफ इस बार जनता में विरोध के स्वर दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में नहटौर से टिकट नहीं मिलने के बाद लोकसभा चुनाव में टिकट की आस लगाए बैठे स्वीटी और डा. योगेंद्र को इस बार भी पार्टी से निराशा ही हाथ लगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार डा. योगेेंद्र नगीना से लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी ठोक रहे थे, लेकिन पार्टी ने सांसद यशवीर सिंह पर ही अपना भरोसा जताया है। पार्टी के एक खेमे ने हाईकमान से शिकायत भी की थी कि सांसद यशवीर ने बसपा के कार्यकाल में जनता से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उनके कामकाज से जनता तो क्या पार्टी कार्यकर्ता भी खुश नहीं है। माना जा रहा है कि पार्टी ने नगीना सीट से कोई दमदार प्रत्याशी नहीं मिलने के कारण यशवीर सिंह पर ही दांव लगाया है
विज्ञापन
गठबंधन की कमजोरी का मिला था यशवीर सिंह को लाभ
गत लोकसभा चुनाव में रालोद और भाजपा गठबंधन था। बिजनौर की दोनों सीटें लोकदल के खाते में गई थीं। दोनों सीट लोकदल को मिलने के कारण नगीना सीट पर भाजपा वोट बैंक ने रालोद प्रत्याशी का विरोध किया था। वहीं बसपा के आरके सिंह के खिलाफ भी जनता में नाराजगी थी, जिसका फायदा यशवीर सिंह को मिला था। इस चुनाव में यशवीर सिंह ने करीब 39 हजार मतों से रालोद भाजपा गठब्ंाधन प्रत्याशी मुंशी रामपाल को शिकस्त दी थी। इस बार हालात बिलकुल उलट है। चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में यदाकदा ही दर्शन देने वाले सांसद के खिलाफ इस बार जनता में विरोध के स्वर दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन