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अवकाश के दौरान स्कूल में देरी से पहुंचे बच्चों को मुर्गा बना सजा देने के मामले ने तूल पकड़ा
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बच्चों को सजा देने के मामले की होगी जांच
शेरकोट/धामपुर। शेरकोट में डीएम के आदेशों का उल्लंघन कर 23 जनवरी को निजी स्कूलों को खोलने और एक विद्यालय में देरी से पहुंचने पर बच्चों को मुर्गा बनाकर सजा देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभिभावकों ने स्कूल की मान्यता खत्म करने की मांग बीएसए से की है। वहीं, बीएसए महेशचंद ने बीईओ धामपुर योगेेशपाल सिंह को जांच सौंपी है।
जिले में अवकाश घोषित होने के बाद भी शेरकोट में दो विद्यालयों को खोला गया था। सर्दी के कारण देरी से पहुंचे बच्चों को स्कूल संचालक और स्टाफ ने मुर्गा बनाकर सजा दी थी। इसके विरोध में अभिभावकों सईद अहमद, मोहम्मद नईम, परवेज, शहजाद, फईम, जुबैर, जुनैद, जितेंद्र, राहुल, चेतन, विपिन आदि ने प्रदर्शन किया। वहीं, बाल भारती स्कूल के प्रबंधक भूपेंद्र रस्तोगी का कहना है कि बच्चों को 26 जनवरी के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी के लिए बुलाया गया था। बच्चों को सजा दिए जाने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। बीएसए महेशचंद का कहना है कि मामले की जांच बीईओ धामपुर को सौंपी गई है। एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शेरकोट/धामपुर। शेरकोट में डीएम के आदेशों का उल्लंघन कर 23 जनवरी को निजी स्कूलों को खोलने और एक विद्यालय में देरी से पहुंचने पर बच्चों को मुर्गा बनाकर सजा देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभिभावकों ने स्कूल की मान्यता खत्म करने की मांग बीएसए से की है। वहीं, बीएसए महेशचंद ने बीईओ धामपुर योगेेशपाल सिंह को जांच सौंपी है।
जिले में अवकाश घोषित होने के बाद भी शेरकोट में दो विद्यालयों को खोला गया था। सर्दी के कारण देरी से पहुंचे बच्चों को स्कूल संचालक और स्टाफ ने मुर्गा बनाकर सजा दी थी। इसके विरोध में अभिभावकों सईद अहमद, मोहम्मद नईम, परवेज, शहजाद, फईम, जुबैर, जुनैद, जितेंद्र, राहुल, चेतन, विपिन आदि ने प्रदर्शन किया। वहीं, बाल भारती स्कूल के प्रबंधक भूपेंद्र रस्तोगी का कहना है कि बच्चों को 26 जनवरी के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी के लिए बुलाया गया था। बच्चों को सजा दिए जाने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। बीएसए महेशचंद का कहना है कि मामले की जांच बीईओ धामपुर को सौंपी गई है। एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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