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विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान कर बने महादानी
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:21 AM IST
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बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एक अक्तूबर को मनाए जाने वाले विश्व रक्तदान दिवस पर जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। इस अवसर पर गोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। शिविर सुबह नौ बजे से शुरू होकर शाम के चार बजे तक चलेगा।
18 से 60 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है। एक बार में किया गया रक्तदान चार लोगों की जान बचा सकता है। रक्त के अभाव में कई लोगों की जान चली जाती है। इस कारण जरूरतमंदों को जिले से बाहर की ओर रुख करना पड़ता है। कई ब्लड ग्रुप का रक्त नहीं मिल पाता है। ऐसा न हो इसके लिए हम स्वयं भी पहल कर सकते हैं, वह भी स्वैच्छिक रक्तदान करके। एक अक्तूबर को विश्व रक्तदान दिवस पर जिले के लोग अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान कर पुण्य के भागी बनें। खून के अभाव में किसी की जिंदगी की डोर न टूटे अमर उजाला फाउंडेशन इसके लिए कई वर्षों से देशभर में रक्तदान शिविर लगाकर सैकड़ों यूनिट ब्लड एकत्रित कर ब्लड बैंकों को सौंप देता है। रक्तदान करने से किसी का जीवन अगर बच जाए तो इससे बड़ी और क्या बात हो सकती है। क्योंकि जीवनदान सबसे बड़ा दान माना गया है। अमर उजाला फाउंडेशन इसी को चरितार्थ करने में लगा है।
सभी बनें इसका हिस्सा
अमर उजाला फाउंडेशन सभी जनपदवासियों से अपील करता है कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भाग लेकर इसका हिस्सा बन सकते हैं। रक्तदान करने वालों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक प्रभारी डा. संजय शंकर का कहना है कि प्रत्येक तीन माह पर 18 से 60 वर्ष तक का स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
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रक्तदान करने के लाभ
1. पांच बीमारियों की जांच हो जाती है। इनमें हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, मलेरिया, सिथलिस (यौन रोग) शामिल हैं।
2. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
3. मस्तिष्क घात का खतरा कम हो जाता है।
4. क्रायोस यानी शरीर की अंदरुनी ब्लीडिंग को रोकने में मदद करता है।
5. रक्तदान करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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18 से 60 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है। एक बार में किया गया रक्तदान चार लोगों की जान बचा सकता है। रक्त के अभाव में कई लोगों की जान चली जाती है। इस कारण जरूरतमंदों को जिले से बाहर की ओर रुख करना पड़ता है। कई ब्लड ग्रुप का रक्त नहीं मिल पाता है। ऐसा न हो इसके लिए हम स्वयं भी पहल कर सकते हैं, वह भी स्वैच्छिक रक्तदान करके। एक अक्तूबर को विश्व रक्तदान दिवस पर जिले के लोग अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान कर पुण्य के भागी बनें। खून के अभाव में किसी की जिंदगी की डोर न टूटे अमर उजाला फाउंडेशन इसके लिए कई वर्षों से देशभर में रक्तदान शिविर लगाकर सैकड़ों यूनिट ब्लड एकत्रित कर ब्लड बैंकों को सौंप देता है। रक्तदान करने से किसी का जीवन अगर बच जाए तो इससे बड़ी और क्या बात हो सकती है। क्योंकि जीवनदान सबसे बड़ा दान माना गया है। अमर उजाला फाउंडेशन इसी को चरितार्थ करने में लगा है।
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सभी बनें इसका हिस्सा
अमर उजाला फाउंडेशन सभी जनपदवासियों से अपील करता है कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भाग लेकर इसका हिस्सा बन सकते हैं। रक्तदान करने वालों को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक प्रभारी डा. संजय शंकर का कहना है कि प्रत्येक तीन माह पर 18 से 60 वर्ष तक का स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
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रक्तदान करने के लाभ
1. पांच बीमारियों की जांच हो जाती है। इनमें हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, मलेरिया, सिथलिस (यौन रोग) शामिल हैं।
2. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
3. मस्तिष्क घात का खतरा कम हो जाता है।
4. क्रायोस यानी शरीर की अंदरुनी ब्लीडिंग को रोकने में मदद करता है।
5. रक्तदान करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।