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मेहंदीपुर का कायाकल्प कर गया सीएम योगी का दौरा
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:36 AM IST
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सैदनगली (अमरोहा) अप्रैल माह की 26 तारीख को सीएम योगी का दौरा मेहंदीपुर में हुआ था। यहां चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी थी। इसके बाद से ही गांव का कायाकल्प हो गया। ग्रामीणों को तमाम योजनाओं का लाभ घर बैठे ही मिल रहा है। वहीं कुछ समस्याएं अभी बरकरार है।
मेहंदीपुर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। दलित बहुल्य 1989 आबादी वाले मेहंदीपुर गांव में सीएम के आने से लोगों की सोच ही बदल गई। अफसर भी आनन-फानन में सभी समस्याओं को दूर कर चुके हैं। ग्राम प्रधान प्रधान प्रियंका देवी ने बताया कि गांव में 228 शौचालय बनवा दिए गए हैं कई शौचालय निर्माणाधीन हैं। जीवन ज्योति योजना के तहत 64 लाभार्थियों को लाभ दिलाया गया है। जमीनों के तथा मेढ़ के विवाद अब नहीं है। सभी पुराने राशन कार्ड का सत्यापन कराते हुए 180 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं। सात विकलांगों को विकलांगता प्रमाण पत्र और तीस वर्द्धावस्था पेंशन बनाई गई है। इसके अलावा 330 निशुल्क उज्जवला गैस कनेक्शन, 150 घरों में निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। पांच स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ। 10 विधवा पेंशन एवं सड़के ,नालियां ,सफाई आदि सभी विकास कार्य योगी जी के आगमन के बाद एक सप्ताह में ही निपटा दिए गए हैं
विकास कार्यों की आई बाढ़
सैदनगली। अखिल भारतीय अंबेडकर संघ मेहंदीपुर के सचिव सुभाष सागर ने बताया कि गांव में सीएम के आने से विकास कार्यों की बाढ़ सी आ गई है कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक सप्ताह में गांव की तस्वीर ही बदल जाएगी।
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बिजली की समस्या बरकरार
सैदनगली। अम्बरीष कुमार का कहना है कि गांव में बिजली की समस्या जस की तस है बहुत कम बिजली गांव में आ रही है लेकिन बिजली कम आती है और बिल ज्यादा आ रहा है। हालांकि दूसरी समस्याएं दूर हुई है। लोगों को योजनाओं की जानकारी हुई है।
मांगों पर नहीं किया गया अमल
सैदनगली। प्रमोद कुमार ने बताया कि गांव वासियों ने सीएम से शहीद गिरीश नागर के लिए स्मृति द्वार तथा मेहंदीपुर से रमपुरा तक के लिए रोड बनवाने की मांग की थी लेकिन दोनों ही मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। गांव में घुसते ही बड़े-बड़े कूड़ियो के ढेर दिखाई देते हैं जिन्हें हटाने की जरूरत है।
खाना बनाने को नहीं जलानी पड़ रही लकड़ी
सैदनगली। संतोष देवी ने खुश होते हुए बताया कि अब मेरे घर में धुआं और लकड़ियों में खाना नहीं बनता। गैस के चूल्हे पर खाना बनता है लेकिन यह दिन मुख्यमंत्री के गांव में आने से आये हैं। मेरे अलावा गांव में घर-घर निशुल्क गैस कनेक्शन सबको मिल चुके हैं।
कन्या जूनियर हाईस्कूल की स्थापना को भेजा प्रस्ताव
सैदनगली। गांव प्रधान प्रियंका देवी ने बताया कि अच्छे विकास कार्य और भारत स्वच्छता मिशन की ओर चलने पर गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। गांव के बाहर पड़ी कुड़ियों को जल्दी हटाया जाएगा। इसके अलावा मैंने गांव में कन्या जूनियर हाई स्कूल की स्थापना करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। गांव में कूड़ा करकट डालने के लिए जगह-जगह डस्टबिन रखवाने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
तालाब का सौंदर्यीकरण जरूरी
सैदनगली। विजय कुमार का कहना है कि गांव के तालाब के सौंदर्यकरण की बहुत जरूरत है। तालाब में पानी भी भरा जाना चाहिए जिससे पशु और पक्षियों को पीने का पानी मिल सके। इस पर अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है।
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मेहंदीपुर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। दलित बहुल्य 1989 आबादी वाले मेहंदीपुर गांव में सीएम के आने से लोगों की सोच ही बदल गई। अफसर भी आनन-फानन में सभी समस्याओं को दूर कर चुके हैं। ग्राम प्रधान प्रधान प्रियंका देवी ने बताया कि गांव में 228 शौचालय बनवा दिए गए हैं कई शौचालय निर्माणाधीन हैं। जीवन ज्योति योजना के तहत 64 लाभार्थियों को लाभ दिलाया गया है। जमीनों के तथा मेढ़ के विवाद अब नहीं है। सभी पुराने राशन कार्ड का सत्यापन कराते हुए 180 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं। सात विकलांगों को विकलांगता प्रमाण पत्र और तीस वर्द्धावस्था पेंशन बनाई गई है। इसके अलावा 330 निशुल्क उज्जवला गैस कनेक्शन, 150 घरों में निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। पांच स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ। 10 विधवा पेंशन एवं सड़के ,नालियां ,सफाई आदि सभी विकास कार्य योगी जी के आगमन के बाद एक सप्ताह में ही निपटा दिए गए हैं
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विकास कार्यों की आई बाढ़
सैदनगली। अखिल भारतीय अंबेडकर संघ मेहंदीपुर के सचिव सुभाष सागर ने बताया कि गांव में सीएम के आने से विकास कार्यों की बाढ़ सी आ गई है कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक सप्ताह में गांव की तस्वीर ही बदल जाएगी।
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बिजली की समस्या बरकरार
सैदनगली। अम्बरीष कुमार का कहना है कि गांव में बिजली की समस्या जस की तस है बहुत कम बिजली गांव में आ रही है लेकिन बिजली कम आती है और बिल ज्यादा आ रहा है। हालांकि दूसरी समस्याएं दूर हुई है। लोगों को योजनाओं की जानकारी हुई है।
मांगों पर नहीं किया गया अमल
सैदनगली। प्रमोद कुमार ने बताया कि गांव वासियों ने सीएम से शहीद गिरीश नागर के लिए स्मृति द्वार तथा मेहंदीपुर से रमपुरा तक के लिए रोड बनवाने की मांग की थी लेकिन दोनों ही मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। गांव में घुसते ही बड़े-बड़े कूड़ियो के ढेर दिखाई देते हैं जिन्हें हटाने की जरूरत है।
खाना बनाने को नहीं जलानी पड़ रही लकड़ी
सैदनगली। संतोष देवी ने खुश होते हुए बताया कि अब मेरे घर में धुआं और लकड़ियों में खाना नहीं बनता। गैस के चूल्हे पर खाना बनता है लेकिन यह दिन मुख्यमंत्री के गांव में आने से आये हैं। मेरे अलावा गांव में घर-घर निशुल्क गैस कनेक्शन सबको मिल चुके हैं।
कन्या जूनियर हाईस्कूल की स्थापना को भेजा प्रस्ताव
सैदनगली। गांव प्रधान प्रियंका देवी ने बताया कि अच्छे विकास कार्य और भारत स्वच्छता मिशन की ओर चलने पर गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। गांव के बाहर पड़ी कुड़ियों को जल्दी हटाया जाएगा। इसके अलावा मैंने गांव में कन्या जूनियर हाई स्कूल की स्थापना करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। गांव में कूड़ा करकट डालने के लिए जगह-जगह डस्टबिन रखवाने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
तालाब का सौंदर्यीकरण जरूरी
सैदनगली। विजय कुमार का कहना है कि गांव के तालाब के सौंदर्यकरण की बहुत जरूरत है। तालाब में पानी भी भरा जाना चाहिए जिससे पशु और पक्षियों को पीने का पानी मिल सके। इस पर अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है।