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खादर के गांवों में बाढ़ नियंत्रण कार्य न होने से ग्रामीणों में असंतोष
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:32 AM IST
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बाढ़ नियंत्रण कार्य न होने से असंतोष
धामपुर। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनके बार-बार आग्रह किए जाने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उनके क्षेत्र में रामगंगा, खो, बनैली नदियों से होने वाले कटाव को रोकने को कोई नियंत्रण कार्य अभी तक नहीं किए है।
क्षेत्र के गांव हाफिजाबाद, बिहारीपुर, नाथाडोई, नंदगांव, मंधोरा सिपाहियोवाला, ज्योतिहिम्मा, तिपरजोत, मुकुरपुरी, भज्जावाला, मुबारकपुर, हरवेली आदि गांवों के लोग शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिले। देवेंद्र कुमार, करनपाल सिंह, कन्हैया सिंह, दिनेश कुमार का कहना है कि जब क्षेत्र में बाढ़ खत्म हो जाती है तो विभाग के अधिकारी आगामी वर्षाकाल आने से पहले सभी संवेदनशील स्थानों पर कार्ययोजना तैयार करते हैं। उनके क्षेत्र में वर्ष 2010 में जब भयंकर बाढ़ आई थी, लेकिन विभाग की ओर से बाढ़ नियंत्रण का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उधर, अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि विभाग की ओर से कई महीने पहले 34 स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण कार्य पूर्ण कराने को कार्ययोजना को तैयार कर शासन को भेजा गया था। शासन स्तर से सभी कार्ययोजनाओं को मंजूरी दे दी गई थी। इन सभी कार्यों पर करीब दो करोड़ की लागत आना प्रस्तावित है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक विभाग को धन का आवंटन नहीं किया जा सका है। जिसके कारण अभी भी प्रस्तावित यह सभी अधूरे पड़े है।
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धामपुर। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनके बार-बार आग्रह किए जाने के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उनके क्षेत्र में रामगंगा, खो, बनैली नदियों से होने वाले कटाव को रोकने को कोई नियंत्रण कार्य अभी तक नहीं किए है।
क्षेत्र के गांव हाफिजाबाद, बिहारीपुर, नाथाडोई, नंदगांव, मंधोरा सिपाहियोवाला, ज्योतिहिम्मा, तिपरजोत, मुकुरपुरी, भज्जावाला, मुबारकपुर, हरवेली आदि गांवों के लोग शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिले। देवेंद्र कुमार, करनपाल सिंह, कन्हैया सिंह, दिनेश कुमार का कहना है कि जब क्षेत्र में बाढ़ खत्म हो जाती है तो विभाग के अधिकारी आगामी वर्षाकाल आने से पहले सभी संवेदनशील स्थानों पर कार्ययोजना तैयार करते हैं। उनके क्षेत्र में वर्ष 2010 में जब भयंकर बाढ़ आई थी, लेकिन विभाग की ओर से बाढ़ नियंत्रण का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उधर, अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि विभाग की ओर से कई महीने पहले 34 स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण कार्य पूर्ण कराने को कार्ययोजना को तैयार कर शासन को भेजा गया था। शासन स्तर से सभी कार्ययोजनाओं को मंजूरी दे दी गई थी। इन सभी कार्यों पर करीब दो करोड़ की लागत आना प्रस्तावित है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक विभाग को धन का आवंटन नहीं किया जा सका है। जिसके कारण अभी भी प्रस्तावित यह सभी अधूरे पड़े है।
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