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गलतफहमी में छूट गए थे बस स्टैंड पर बच्चे
Updated Wed, 20 Jun 2018 11:20 PM IST
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फल लेने उतरा था पिता, चालक ले गया बस
नूरपुर (बिजनौर)। मंगलवार को रोडवेज बस स्टैंड पर मिले बच्चों को उनका पिता देर शाम थाने से अपने साथ ले गया। दोनों बच्चे गलतफहमी में बस स्टैंड पर छूट गए थे। बच्चों की तलाश में उनका पिता हरिद्वार तक पहुंच गया। बाद में नूरपुर पुलिस की सूचना पर वह वापस आया और दोनों बच्चों को साथ ले गया।
मंगलवार की सुबह पुलिस को दो बच्चे लावारिस अवस्था में रोडवेज बस स्टैंड पर रोते हुए मिले थे। पुलिस दोनों को थाने ले गई थी तथा बच्चों से पूछताछ के बाद उत्तराखंड के चमौली जनपद के गांव कल्यादितली में बच्चों के परिजनों को उनके मिलने की खबर भिजवाई थी। देर शाम करीब आठ बजे थाने पहुंचे बच्चों के पिता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह दोनों बच्चों को लेकर अपने घर चमौली जाने के लिए मुरादाबाद से देहरादून जाने वाली बस में सवार हुआ था। नूरपुर बस स्टैंड पर वह बच्चों के लिए फल व पानी लेने के लिए स्टैंड से बाहर चला गया।
इस दौरान बस चालक उसके बच्चों को बस स्टैंड पर उतारकर बस लेकर चला गया। उसने जब बस को जाते देखा तो सोचा कि उसके दोनों बच्चे बस में चले गए हैं। इसके बाद वह बस स्टैंड न जाकर अन्य वाहन से उस बस का पीछा करते हुए हरिद्वार तक चला गया। इस दौरान नूरपुर पुलिस द्वारा उसके परिजनों को बच्चों के थाने में होने की सूचना दी गई। परिजनों द्वारा बताए जाने पर वह वापस नूरपुर पहुंचा। पिता से मिलने के बाद दोनों बच्चों के चेहरे खिल उठे। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने दोनों बच्चों को उसके पिता को सौंपे जाने की पुष्टि की है।
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नूरपुर (बिजनौर)। मंगलवार को रोडवेज बस स्टैंड पर मिले बच्चों को उनका पिता देर शाम थाने से अपने साथ ले गया। दोनों बच्चे गलतफहमी में बस स्टैंड पर छूट गए थे। बच्चों की तलाश में उनका पिता हरिद्वार तक पहुंच गया। बाद में नूरपुर पुलिस की सूचना पर वह वापस आया और दोनों बच्चों को साथ ले गया।
मंगलवार की सुबह पुलिस को दो बच्चे लावारिस अवस्था में रोडवेज बस स्टैंड पर रोते हुए मिले थे। पुलिस दोनों को थाने ले गई थी तथा बच्चों से पूछताछ के बाद उत्तराखंड के चमौली जनपद के गांव कल्यादितली में बच्चों के परिजनों को उनके मिलने की खबर भिजवाई थी। देर शाम करीब आठ बजे थाने पहुंचे बच्चों के पिता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह दोनों बच्चों को लेकर अपने घर चमौली जाने के लिए मुरादाबाद से देहरादून जाने वाली बस में सवार हुआ था। नूरपुर बस स्टैंड पर वह बच्चों के लिए फल व पानी लेने के लिए स्टैंड से बाहर चला गया।
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इस दौरान बस चालक उसके बच्चों को बस स्टैंड पर उतारकर बस लेकर चला गया। उसने जब बस को जाते देखा तो सोचा कि उसके दोनों बच्चे बस में चले गए हैं। इसके बाद वह बस स्टैंड न जाकर अन्य वाहन से उस बस का पीछा करते हुए हरिद्वार तक चला गया। इस दौरान नूरपुर पुलिस द्वारा उसके परिजनों को बच्चों के थाने में होने की सूचना दी गई। परिजनों द्वारा बताए जाने पर वह वापस नूरपुर पहुंचा। पिता से मिलने के बाद दोनों बच्चों के चेहरे खिल उठे। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने दोनों बच्चों को उसके पिता को सौंपे जाने की पुष्टि की है।
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