{"_id":"5aee01944f1c1ba1098b8583","slug":"91525547412-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसवनी प्लांट के दूषित पानी से नष्ट हो रही फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसवनी प्लांट के दूषित पानी से नष्ट हो रही फसल
Updated Sun, 06 May 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद। चंदनपुरा के ग्रामीणों ने चीनी मिल के आसवनी प्लांट के दूषित पानी और मैली की दुर्गंध से चंदनपुरा क्षेत्र का वातावरण दूषित होने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पति को क्षेत्र का दौरा करा दूषित पानी से गन्ने की फसल नष्ट होने और संक्रामक रोग फैलने की संभावना व्यक्त की।
किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद का आसवनी संयंत्र लगभग एक वर्ष पूर्व शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा की उपस्थिति में इसका उद्घाटन किया था। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला दूषित जल आसपास के खेतों में भरा हुआ है। प्रदूषित पानी से गन्ने की फसल प्रभावित हो रही है। शफीक अहमद, इदरीश अहमद, आबिद ने कहा कि उनकी करीब 15 बीघा गन्ने की फसल गंदे पानी से प्रभावित हुई है। वहीं, मथुरापुरमोर ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान मंजू चौहान के पति पूर्व प्रधान सतीश चौहान ने क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों का आरोप था कि आसवनी प्लांट संचालक अधिकारियों ने प्लांट का पानी खेतों तक न जाने का तर्क देते हुए उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि जल्द उनकी समस्या का निदान नहीं हुआ तो क्षेत्र में संक्रामक रोग फैल सकते हैं।
आसवनी प्लांट फायदे का संयंत्र है : जीएम
नजीबाबाद। किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक दानवीर सिंह ने बताया कि आसवनी प्लांट कृषि के लिए फायदेमंद है। प्लांट के नजदीक चीनी मिल की अपनी भूमि पर मैली एकत्र की जाती है। मैली पर डाला जाने वाला पानी शुद्ध और खेतों के लिए उपयोगी होता है। प्लांट बंद होने, सफाई और टैंक के ओवर फ्लो का पानी खेतों तक नहीं पहुंचता है। जीएम ने मैली की मामूली सी दुर्गंध को रोकने के लिए भी मिल द्वारा प्रयास की जानकारी दी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के आरोप भ्रामक : एके अवस्थी
नजीबाबाद। चीनी मिल के आसवनी प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी नोएडा की इस्जेक कंपनी की है। कंपनी के प्रबंधक एके अवस्थी ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के दुर्गंध युक्त पानी से गन्ने की फसल नष्ट होने और वातावरण दूषित होने को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि खेतों में जमा पानी काले रंग और बारिश का है। आसवनी प्लांट से ब्राउन कलर का पानी निकलता है। अवस्थी ने मैली से कृषि उपयोगी खाद तैयार होने का दावा किया।
विज्ञापन
किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद का आसवनी संयंत्र लगभग एक वर्ष पूर्व शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा की उपस्थिति में इसका उद्घाटन किया था। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला दूषित जल आसपास के खेतों में भरा हुआ है। प्रदूषित पानी से गन्ने की फसल प्रभावित हो रही है। शफीक अहमद, इदरीश अहमद, आबिद ने कहा कि उनकी करीब 15 बीघा गन्ने की फसल गंदे पानी से प्रभावित हुई है। वहीं, मथुरापुरमोर ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान मंजू चौहान के पति पूर्व प्रधान सतीश चौहान ने क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों का आरोप था कि आसवनी प्लांट संचालक अधिकारियों ने प्लांट का पानी खेतों तक न जाने का तर्क देते हुए उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि जल्द उनकी समस्या का निदान नहीं हुआ तो क्षेत्र में संक्रामक रोग फैल सकते हैं।
विज्ञापन
आसवनी प्लांट फायदे का संयंत्र है : जीएम
नजीबाबाद। किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक दानवीर सिंह ने बताया कि आसवनी प्लांट कृषि के लिए फायदेमंद है। प्लांट के नजदीक चीनी मिल की अपनी भूमि पर मैली एकत्र की जाती है। मैली पर डाला जाने वाला पानी शुद्ध और खेतों के लिए उपयोगी होता है। प्लांट बंद होने, सफाई और टैंक के ओवर फ्लो का पानी खेतों तक नहीं पहुंचता है। जीएम ने मैली की मामूली सी दुर्गंध को रोकने के लिए भी मिल द्वारा प्रयास की जानकारी दी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के आरोप भ्रामक : एके अवस्थी
नजीबाबाद। चीनी मिल के आसवनी प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी नोएडा की इस्जेक कंपनी की है। कंपनी के प्रबंधक एके अवस्थी ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के दुर्गंध युक्त पानी से गन्ने की फसल नष्ट होने और वातावरण दूषित होने को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि खेतों में जमा पानी काले रंग और बारिश का है। आसवनी प्लांट से ब्राउन कलर का पानी निकलता है। अवस्थी ने मैली से कृषि उपयोगी खाद तैयार होने का दावा किया।