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60 से अधिक बच्चे फूड प्वाइजिंग का शिकार

Sun, 03 Sep 2017 12:28 AM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:28 AM IST
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60 से अधिक बच्चे फूड प्वाइजिंग का शिकार
बिजनौर। गांव जीवनसराय में बकरीद के मेले में ठेले से छोले, टिक्की और चाऊमीन खाने से करीब 68 बच्चे फूड प्वाइजिंग का शिकार हो गए। बच्चों को परिजनों ने सीएचसी किरतपुर में भर्ती कराया। जहां से छह बच्चों को बिजनौर रेफर किया गया। वहीं, प्रशासन ने दो ठेले वालों को खाद्य सामग्री समेत पकड़ लिया है। एसडीएम नजीबाबाद ने खाद्य विभाग को सैंपलिंग करने के भी निर्देश दिए है।
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गांव जीवनसराय स्थित जामा मस्जिद के बाहर बकरीद पर किरतपुर के गांव ढाकी निवासी सतवीर और पप्पू ने छोले, टिक्की और चाऊमीन के ठेले लगा रखे थे। गांव के बच्चे ने ठेलो पर छोले, टिक्की और चाऊमीन खाई। दोपहर तक गांव में करीब 68 बच्चे बीमार हो गए। ग्रामवासियों को आरोप है कि दोनों ठेलों पर सामान बासी होने के कारण उनके बच्चों की तबियत खराब हो गई। सभी बच्चों को सीएचसी किरतपुर में भर्ती कराया गया। प्रधान ने एसडीएम नजीबाबाद को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। एसडीएम उद्धव त्रिपाठी, सीओ नजीबाबाद महेश कुमार, सीएमओ डा. राकेश मित्तल एवं डीएमओ ब्रजभूषण सीएचसी किरतपुर पहुंच गए। एसडीएम और सीएमओ ने अपने सामने ही चिकित्सकों से बच्चों को उपचार कराया। बच्चों की औसतन उम्र करीब आठ से 15 साल है।
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ठेले वालों को पकड़ा, नमूने लेने के दिए निर्देश: एसडीएम
एसडीएम उद्धव त्रिपाठी ने बताया कि सभी बच्चों की हालत सहीं है। सीएचसी किरतपुर में 68 बच्चों को भर्ती किया गया था। इनमें से छह बच्चों को बिजनौर रेफर किया गया है। 30 बच्चे सही होने पर अपने घर चले गए है। दोनों ठेले वालों को खाद्य सामग्री के साथ पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। खाद्य विभाग के अभिहित अधिकारी को खाद्य पदार्थ के नमूने लेने का निर्देश दिया गया है।
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इलाज के लिए लगाई तीन अस्पतालों की टीम
सीएमओ राकेश मित्तल ने बताया कि मामला फूड प्वाइजिंग का है। सूचना मिलते ही वह स्वयं किरतपुर अस्पताल पहुंच गए थे। नजीबाबाद, समीपुर और किरतपुर के चिकित्सक डा. महेंद्र, डा. संदीप, डा. सुशील कुमार एवं डा. सुमित राठी को लगाया गया है।

बीमार होने वाले बच्चे
उवैस, आदिल, अयान, इशरा, आरजू, सना, शिद्रा, शकीना, तालिब, शदना, इंतजार, सरताज, उमैरा, अफीफा, गुलफ्शा, इलमा, उमर, फैज, अफवान, मुस्कान, नफीसा, हाशिम, अदनान, गुलनाश, रुकसार, अमीर जहां, शफिया, शाकिर, आदिल, अलबख्श, शैबी, मुसीर, नवेद, शमीर, जैद, बिलाल, जोया, सलमान एवं फैजान समेत 68 बीमार हुए है।

अस्पताल में अव्यवस्था नजर आई
अस्पताल में उपचार के दौरान अव्यवस्थाएं नजर आई। मरीज ज्यादा होने के कारण अस्पताल में बिस्तर कम पड़ गए। एक बिस्तर पर दो-दो और तीन-तीन बच्चों को उपचार के लिए लिटाया गया था।


बासी होगी खाद्य सामग्री
मुख्य खाद्य अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि छोले, टिक्की और चाऊमीन ज्यादा देर रखा होने के कारण बच्चों की तबियत खराब हो सकती है। उन्होंने बताया की अगर खाद्य सामग्री को फ्रिज में नहीं रखा जाता है तो करीब चार घंटे बाद यह खराब होनी शुरू हो जाती है।
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