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स्कूल के दो कक्षों में पढ़ाई कर रहे 87 बच्चे
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स्कूल के दो कक्षों में पढ़ाई कर रहे 87 बच्चे
हरेवली। अफजलगढ़ विकासखंड क्षेत्र के ग्राम महापुर परमावाला के प्राइमरी विद्यालय के दो कक्ष जर्जर हैं। स्कूल के बच्चों को भीषण गर्मी के चलते कक्षों के भीतर पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। करीब 12 साल पहले बाढ़ आई थी तो स्कूल के दो कक्ष ढह गए थे, जिन्हें आज तक नहीं बनवाया गया। स्कूल के शिक्षकों को 87 बच्चों को केवल दो कमरों में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। कई बार मांग करने के बाद भी विभाग ने अभी तक कोई प्रयास नहीं किया है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की है।
गांव के दिनेश कुमार, रविंद्र कुमार, रमेश कुमार आदि का कहना है कि गांव के स्कूल के हालात बेहद खराब है। सरकार की ओर से प्राथमिक शिक्षा के नाम पर भारी भरकम धनराशि खर्च की जा रही है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उनके गांव के विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के करीब 87 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इतने बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल के दो कक्षों में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि अधिकारियों को पत्रों के माध्यम से अवगत कराते रहते हैं। लेकिन जब विभाग में सुनवाई नहीं हो रही है। बीएसए जयकरन सिंह यादव का कहना है कि जर्जर भवन का मामला संज्ञान में है। शीघ्र ही निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया जाएगा।
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हरेवली। अफजलगढ़ विकासखंड क्षेत्र के ग्राम महापुर परमावाला के प्राइमरी विद्यालय के दो कक्ष जर्जर हैं। स्कूल के बच्चों को भीषण गर्मी के चलते कक्षों के भीतर पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। करीब 12 साल पहले बाढ़ आई थी तो स्कूल के दो कक्ष ढह गए थे, जिन्हें आज तक नहीं बनवाया गया। स्कूल के शिक्षकों को 87 बच्चों को केवल दो कमरों में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। कई बार मांग करने के बाद भी विभाग ने अभी तक कोई प्रयास नहीं किया है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की है।
गांव के दिनेश कुमार, रविंद्र कुमार, रमेश कुमार आदि का कहना है कि गांव के स्कूल के हालात बेहद खराब है। सरकार की ओर से प्राथमिक शिक्षा के नाम पर भारी भरकम धनराशि खर्च की जा रही है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उनके गांव के विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के करीब 87 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इतने बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल के दो कक्षों में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि अधिकारियों को पत्रों के माध्यम से अवगत कराते रहते हैं। लेकिन जब विभाग में सुनवाई नहीं हो रही है। बीएसए जयकरन सिंह यादव का कहना है कि जर्जर भवन का मामला संज्ञान में है। शीघ्र ही निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया जाएगा।
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