{"_id":"5c743da7bdec224dce167886","slug":"81551121831-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"80 प्रतिशत बच्चों को खिलाई गई कीड़े मारने की गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
80 प्रतिशत बच्चों को खिलाई गई कीड़े मारने की गोली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
80 प्रतिशत बच्चों को खिलाई गई कृमिनाशक गोली
बिजनौर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 80 प्रतिशत बच्चों को पेट के कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। छूटे बच्चों को एक मार्च को गोली खिलाई जाएगी। जिले में कुल 13 लाख बच्चों को दवाई खिलाने का लक्ष्य है।
शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत डीएम सुजीत कुमार, सीएमओ शरद कुमार त्यागी, नोडल अधिकारी शैलेश जैन बच्चों को गोली खिलाकर की। डीएम ने कहा कि शासन बच्चों की सेहत को लेकर बेहद गंभीर है। अभियान चलाकर बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई गई। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी शैलेश जैन ने बताया कि पेट में कीड़े होने से सेहत खराब होती है। कम से कम प्रत्येक छह माह यह खुराक बच्चों के देनी चाहिए। जिले के लिए कुल 13 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य मिला है। सोमवार को करीब 80 प्रतिशत बच्चों को दवाई खिलाई गई। शेष बच्चों को एक मार्च को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इस अवसर पर एसीएमओ रोहताश कुमार, अजीम अहमद, नितिन गौड़ आदि मौजूद रहे। तिमरपुर, काजीवाला, चांदपुर फेरू, धर्मनगरी, इस्लामपुरदास, हेमराज कॉलोनी, मंडावली के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पेट के कीड़े मारने की दवाई खिलाई गई।
विज्ञापन
बिजनौर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 80 प्रतिशत बच्चों को पेट के कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। छूटे बच्चों को एक मार्च को गोली खिलाई जाएगी। जिले में कुल 13 लाख बच्चों को दवाई खिलाने का लक्ष्य है।
शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत डीएम सुजीत कुमार, सीएमओ शरद कुमार त्यागी, नोडल अधिकारी शैलेश जैन बच्चों को गोली खिलाकर की। डीएम ने कहा कि शासन बच्चों की सेहत को लेकर बेहद गंभीर है। अभियान चलाकर बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई गई। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी शैलेश जैन ने बताया कि पेट में कीड़े होने से सेहत खराब होती है। कम से कम प्रत्येक छह माह यह खुराक बच्चों के देनी चाहिए। जिले के लिए कुल 13 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य मिला है। सोमवार को करीब 80 प्रतिशत बच्चों को दवाई खिलाई गई। शेष बच्चों को एक मार्च को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इस अवसर पर एसीएमओ रोहताश कुमार, अजीम अहमद, नितिन गौड़ आदि मौजूद रहे। तिमरपुर, काजीवाला, चांदपुर फेरू, धर्मनगरी, इस्लामपुरदास, हेमराज कॉलोनी, मंडावली के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पेट के कीड़े मारने की दवाई खिलाई गई।
विज्ञापन