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कमिश्नर ने लेखपालों को बच्चों की तरह दी गांवों के विवाद निपटाने की सीख
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:21 AM IST
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बच्चों की तरह दी गांवों के विवाद निपटाने की सीख
बिजनौर। कमिश्नर राजेश कुमार ने राजस्व विवादों के निपटारे के लिए लेखपालों को घर के बच्चों की तरह सीख देकर अमिट छाप छोड़ी। कमिश्नर ने बैठक का पारिवारिक माहौल बनाते हुए कहा कि लेखपाल अपना महत्व पहचानें। प्रदेश में राज्यपाल और जिले में लेखपाल प्रभावशाली होते हैं। राजस्व के श्रावस्ती माडल को लागू करने में तेजी लाए। गांवों में उनका काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
कमिश्नर ने मंगलवार को नजीबाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में जिले के लेखपालों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने लेखपालों को घर के बच्चों की तरह समस्याओं के निपटारे के टिप्स दिए। कहा कि 20 साल पहले जब मै डीएम था तो तब भी वे ही समस्याएं थीं, आज हर दफ्तर हाईटेक हो गया है, इसके बाद भी समस्याओं के निपटारे में कोई बदलाव नहीं आया है। लेखपाल गांववार डायरी बनाएं, गांववार समस्याएं चिह्नित करें। समस्याओं को डायरी में अंकित करके उनका बिंदुवार निपटारा करें।
जिले में राजस्व व विभाग द्वारा तालाबों से अवैध कब्जे हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को कमिश्नर ने जमकर सराहा। कहा कि लेखपाल का काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने श्रावस्ती मॉडल की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि अब राजस्व, विकास व पुलिस की टीम संयुक्त रूप से गांवों में जाकर जमीन के विवादों का निपटारा करेंगी। जिले को राजस्व विवाद रहित बनाने की जिम्मेदारी लेखपालों की है। समर्पण एवं ग्रामवासियों का विश्वास जीतकर समस्याएं निपटाने पर जिला प्रदेश में नंबर वन होगा। डीएम जगतराज ने कहा कि यदि लेखपाल अपना काम जिम्मेदारी से करेंगे तो प्रशासन का काम अपने आप ठीक हो जाएगा। बैठक में डीएम जगतराज, डीआईजी ओंमकार सिंह, एसपी प्रभाकर चौधरी, सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल मौजूद रहे।
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बिजनौर। कमिश्नर राजेश कुमार ने राजस्व विवादों के निपटारे के लिए लेखपालों को घर के बच्चों की तरह सीख देकर अमिट छाप छोड़ी। कमिश्नर ने बैठक का पारिवारिक माहौल बनाते हुए कहा कि लेखपाल अपना महत्व पहचानें। प्रदेश में राज्यपाल और जिले में लेखपाल प्रभावशाली होते हैं। राजस्व के श्रावस्ती माडल को लागू करने में तेजी लाए। गांवों में उनका काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
कमिश्नर ने मंगलवार को नजीबाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में जिले के लेखपालों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने लेखपालों को घर के बच्चों की तरह समस्याओं के निपटारे के टिप्स दिए। कहा कि 20 साल पहले जब मै डीएम था तो तब भी वे ही समस्याएं थीं, आज हर दफ्तर हाईटेक हो गया है, इसके बाद भी समस्याओं के निपटारे में कोई बदलाव नहीं आया है। लेखपाल गांववार डायरी बनाएं, गांववार समस्याएं चिह्नित करें। समस्याओं को डायरी में अंकित करके उनका बिंदुवार निपटारा करें।
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जिले में राजस्व व विभाग द्वारा तालाबों से अवैध कब्जे हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को कमिश्नर ने जमकर सराहा। कहा कि लेखपाल का काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने श्रावस्ती मॉडल की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि अब राजस्व, विकास व पुलिस की टीम संयुक्त रूप से गांवों में जाकर जमीन के विवादों का निपटारा करेंगी। जिले को राजस्व विवाद रहित बनाने की जिम्मेदारी लेखपालों की है। समर्पण एवं ग्रामवासियों का विश्वास जीतकर समस्याएं निपटाने पर जिला प्रदेश में नंबर वन होगा। डीएम जगतराज ने कहा कि यदि लेखपाल अपना काम जिम्मेदारी से करेंगे तो प्रशासन का काम अपने आप ठीक हो जाएगा। बैठक में डीएम जगतराज, डीआईजी ओंमकार सिंह, एसपी प्रभाकर चौधरी, सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल मौजूद रहे।
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