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शायद किसी हादसे का है इंतजार
Updated Mon, 11 Sep 2017 12:28 AM IST
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नजीबाबाद। देहरादून-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे से मिट्टी खिसक रही है, मगर प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसकी भनक तक नहीं है। रतनाल नदी क्षेत्र में हाईवे के दोनों ओर खाई होने से किसी भी क्षण गंभीर हादसे की आशंका बनी है।
नजीबाबाद से करीब चार किलोमीटर दूर हरिद्वार मार्ग पर रतनाल नदी नेशनल हाईवे को क्रॉस करती है। रतनाल नदी क्षेत्र में हाईवे के दोनों ओर गहरे खड्ड हैं। रतनाल नदी के दोनों ओर हाईवे की दोनों साइडों के नीचे से मिट्टी खिसक रही है। दरअसल जब कभी क्षेत्र में तेज बारिश होती है और रतनाल नदी में उफान आता है, तब-तब हाईवे के दोनों ओर मिट्टी का कटान होता है। बीते कई महीनों से धीरे-धीरे कट रही मिट्टी के हालात अगस्त में हुई तेज बारिश से और भी बदतर हो गए हैं।
अब आलम यह है कि हाईवे के नीचे से काफी मात्रा में मिट्टी निकल चुकी है और हाईवे का काफी हिस्सा हवा में ही लटका है। माना जा रहा है कि कई बार बन चुके हाईवे की लेयर काफी मोटी होने के कारण अब तक मार्ग ध्वस्त नहीं हुआ। हाईवे पर रोजाना सैकड़ों भारी वाहनों के गुजरने से किसी भी क्षण हाईवे ध्वस्त होने और कोई बड़ा हादसा पेश आने की आशंका बनी है।
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क्षेत्रवासी राजकुमार प्रजापति का कहना है कि स्थिति से डीएम और एसडीएम को उनके कार्यालयों में मिलकर अवगत कराया जा चुका है। सुशील राजपूत, विजय वर्मा का कहना है कि श्रावण कांवड़ मेला शुरू होने से पहले एसडीएम और लोनिवि अधिकारियों को समस्या बताई गई। मगर किसी भी स्तर से कोई कदम नहीं उठाया गया। गौरव कौशिक, योगेश भुईयार, अजय वर्मा का कहना है कि पांच मई को पेट्रोलियम गैस का टैंकर खड्ड में पलटने के साथ बीते एक वर्ष में रतनाल नदी क्षेत्र में कई वाहन पलट चुके है। मगर प्रशासन ने घटनाओं से भी सबक नहीं लिया।
क्या है नेशनल हाईवे का मानक
नेशनल हाईवे के दोनों साइडों में समानांतर सफेद पट्टी पेंट की जाती है। हाईवे पर सुरक्षित चलने के लिए इस पट्टी को संकेतक के रूप में देखा जाता है। सफेद पट्टी से बाहर की ओर से करीब डेढ़ मीटर हिस्सा छोड़ा जाता है, ताकि उस स्थान का उपयोग राहगीर, साइकिल सवार कर सकें। इसका उपयोग वाहन चालकों द्वारा आपात स्थिति में किया जाता है। साथ ही यह हिस्सा हाईवे को सुरक्षित व मजबूत रखता है। मगर जिस स्थान पर हाईवे के नीचे से मिट्टी खिसक रही है, उस जगह सफेद पट्टी गायब हो चुकी है। मगर मार्ग से अक्सर गुजरने वाले अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।
अधिकारियों ने दिए आश्वासन
नजीबाबाद। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर पीएस पांडेय ने हाईवे के नीचे से मिट्टी खिसकने से अनभिज्ञता जताई। कहा कि पता लगाकर तुरंत मरम्मत कार्य कराने की बात कही। वहीं एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने स्थिति के संबंध में जानकारी करने की बात कहते हुए एनएचएआई के अधिकारियों को मरम्मत कार्य कराने को कहा है।
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नजीबाबाद से करीब चार किलोमीटर दूर हरिद्वार मार्ग पर रतनाल नदी नेशनल हाईवे को क्रॉस करती है। रतनाल नदी क्षेत्र में हाईवे के दोनों ओर गहरे खड्ड हैं। रतनाल नदी के दोनों ओर हाईवे की दोनों साइडों के नीचे से मिट्टी खिसक रही है। दरअसल जब कभी क्षेत्र में तेज बारिश होती है और रतनाल नदी में उफान आता है, तब-तब हाईवे के दोनों ओर मिट्टी का कटान होता है। बीते कई महीनों से धीरे-धीरे कट रही मिट्टी के हालात अगस्त में हुई तेज बारिश से और भी बदतर हो गए हैं।
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अब आलम यह है कि हाईवे के नीचे से काफी मात्रा में मिट्टी निकल चुकी है और हाईवे का काफी हिस्सा हवा में ही लटका है। माना जा रहा है कि कई बार बन चुके हाईवे की लेयर काफी मोटी होने के कारण अब तक मार्ग ध्वस्त नहीं हुआ। हाईवे पर रोजाना सैकड़ों भारी वाहनों के गुजरने से किसी भी क्षण हाईवे ध्वस्त होने और कोई बड़ा हादसा पेश आने की आशंका बनी है।
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क्षेत्रवासी राजकुमार प्रजापति का कहना है कि स्थिति से डीएम और एसडीएम को उनके कार्यालयों में मिलकर अवगत कराया जा चुका है। सुशील राजपूत, विजय वर्मा का कहना है कि श्रावण कांवड़ मेला शुरू होने से पहले एसडीएम और लोनिवि अधिकारियों को समस्या बताई गई। मगर किसी भी स्तर से कोई कदम नहीं उठाया गया। गौरव कौशिक, योगेश भुईयार, अजय वर्मा का कहना है कि पांच मई को पेट्रोलियम गैस का टैंकर खड्ड में पलटने के साथ बीते एक वर्ष में रतनाल नदी क्षेत्र में कई वाहन पलट चुके है। मगर प्रशासन ने घटनाओं से भी सबक नहीं लिया।
क्या है नेशनल हाईवे का मानक
नेशनल हाईवे के दोनों साइडों में समानांतर सफेद पट्टी पेंट की जाती है। हाईवे पर सुरक्षित चलने के लिए इस पट्टी को संकेतक के रूप में देखा जाता है। सफेद पट्टी से बाहर की ओर से करीब डेढ़ मीटर हिस्सा छोड़ा जाता है, ताकि उस स्थान का उपयोग राहगीर, साइकिल सवार कर सकें। इसका उपयोग वाहन चालकों द्वारा आपात स्थिति में किया जाता है। साथ ही यह हिस्सा हाईवे को सुरक्षित व मजबूत रखता है। मगर जिस स्थान पर हाईवे के नीचे से मिट्टी खिसक रही है, उस जगह सफेद पट्टी गायब हो चुकी है। मगर मार्ग से अक्सर गुजरने वाले अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।
अधिकारियों ने दिए आश्वासन
नजीबाबाद। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर पीएस पांडेय ने हाईवे के नीचे से मिट्टी खिसकने से अनभिज्ञता जताई। कहा कि पता लगाकर तुरंत मरम्मत कार्य कराने की बात कही। वहीं एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने स्थिति के संबंध में जानकारी करने की बात कहते हुए एनएचएआई के अधिकारियों को मरम्मत कार्य कराने को कहा है।