{"_id":"595a8fe54f1c1b0d7e8b45aa","slug":"81499107301-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय के लिए डीआईओएस कार्यालय में की तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानदेय के लिए डीआईओएस कार्यालय में की तालाबंदी
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानदेय के लिए डीआईओएस कार्यालय में की तालाबंदी
बिजनौर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने अनेक मांगों को लेकर डीआईओएस कार्यालय में तालाबंदी करते हुए कार्यालय परिसर में धरना दिया।
शिक्षक नेता व एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी रहीं रेणु मिश्रा ने कार्यालय गेट पर तालाबंदी की। उन्होंने कहा कि गत सत्र से वित्तविहीन शिक्षकों को मिल रहे मानदेय को बंद किया जा रहा है। प्रदेश के 87 प्रतिशत विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले ढाई लाख वित्त विहीन शिक्षकों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो जाएंगी। कार्यालय पर दस बजे से साढ़े 11 बजे तक तालाबंदी रखी गई। मुख्यमंत्री को संबंधित ज्ञापन एसडीएम सतेंद्र सिंह व तहसीलदार राजेश वर्मा को देते हुए समान विद्यालयों में समान शिक्षा दे रहे शिक्षकों को समान वेतन देने, सभी शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मानदेय दिलाने, छूटे शिक्षकों को मानदेय की परिधि में लाने, कई सालों से कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षण में छूट प्रदान कर मानदेय में सम्मिलित करने, पांच वर्ष या ज्यादा समय से कार्यरत शिक्षकों को सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पदों पर रखने सहित अनेक मांगें की। इस दौरान जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह, भूदेव सिंह चंदेल, गणेश ठाकुर, विजयपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बिजनौर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने अनेक मांगों को लेकर डीआईओएस कार्यालय में तालाबंदी करते हुए कार्यालय परिसर में धरना दिया।
शिक्षक नेता व एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी रहीं रेणु मिश्रा ने कार्यालय गेट पर तालाबंदी की। उन्होंने कहा कि गत सत्र से वित्तविहीन शिक्षकों को मिल रहे मानदेय को बंद किया जा रहा है। प्रदेश के 87 प्रतिशत विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले ढाई लाख वित्त विहीन शिक्षकों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो जाएंगी। कार्यालय पर दस बजे से साढ़े 11 बजे तक तालाबंदी रखी गई। मुख्यमंत्री को संबंधित ज्ञापन एसडीएम सतेंद्र सिंह व तहसीलदार राजेश वर्मा को देते हुए समान विद्यालयों में समान शिक्षा दे रहे शिक्षकों को समान वेतन देने, सभी शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मानदेय दिलाने, छूटे शिक्षकों को मानदेय की परिधि में लाने, कई सालों से कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षण में छूट प्रदान कर मानदेय में सम्मिलित करने, पांच वर्ष या ज्यादा समय से कार्यरत शिक्षकों को सहायता प्राप्त विद्यालयों में रिक्त पदों पर रखने सहित अनेक मांगें की। इस दौरान जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह, भूदेव सिंह चंदेल, गणेश ठाकुर, विजयपाल सिंह आदि मौजूद रहे।