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जर्जर लाइन के तारों को बदलवाने का काम शुरू
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:39 AM IST
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जर्जर लाइन के तारों को बदलवाने का काम शुरू
धामपुर (बिजनौर)। विद्युत निगम की ओर से चार करोड़ की लागत से डिवीजन में करीब 100 किमी लंबी जर्जर लाइन के तारों को बदलने का काम शुरू हो गया है।
निगम के एक्सईएन हरीश कुमार चौधरी ने बताया कि डिवीजन से करीब 100 किमी लंबी जर्जर लाइन के तारों को बदलवाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था। सरकार की ओर से स्वीकृति मिल गई है। इनमें से करीब 20 किमी लंबी जर्जर लाइन के तारों को बदलवा दिया गया है, बाकी तारों को बदलवाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। एक्सईएन ने बताया कि एक किमी लंबी लाइन के जर्जर तारों को बदलवाने में करीब 40 हजार का खर्चा आ रहा है। एक्स्ईएन ने किसानों से विद्युत लाइन के नीचे आने वाले पेड़ों को स्वयं काट कर लाइन को साफ रखने को प्रेरित किया है। यदि लाइन साफ होगी तो लाइन के तार पड़ों से टकराने के कारण कमजोर नहीं होंगे, न ही पेड़ों में करंट आने से किसी को जोखिम उठाना पड़ेगा। अक्सर तार वहीं कमजोर होते हैं। जहां पर तार पेड़ से टकराते हैं और लाइन को नीचे साफ नहीं किया जाता है।
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धामपुर (बिजनौर)। विद्युत निगम की ओर से चार करोड़ की लागत से डिवीजन में करीब 100 किमी लंबी जर्जर लाइन के तारों को बदलने का काम शुरू हो गया है।
निगम के एक्सईएन हरीश कुमार चौधरी ने बताया कि डिवीजन से करीब 100 किमी लंबी जर्जर लाइन के तारों को बदलवाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था। सरकार की ओर से स्वीकृति मिल गई है। इनमें से करीब 20 किमी लंबी जर्जर लाइन के तारों को बदलवा दिया गया है, बाकी तारों को बदलवाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। एक्सईएन ने बताया कि एक किमी लंबी लाइन के जर्जर तारों को बदलवाने में करीब 40 हजार का खर्चा आ रहा है। एक्स्ईएन ने किसानों से विद्युत लाइन के नीचे आने वाले पेड़ों को स्वयं काट कर लाइन को साफ रखने को प्रेरित किया है। यदि लाइन साफ होगी तो लाइन के तार पड़ों से टकराने के कारण कमजोर नहीं होंगे, न ही पेड़ों में करंट आने से किसी को जोखिम उठाना पड़ेगा। अक्सर तार वहीं कमजोर होते हैं। जहां पर तार पेड़ से टकराते हैं और लाइन को नीचे साफ नहीं किया जाता है।