{"_id":"5b7c60ee42c792464e176912","slug":"71534877934-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने मत्सय पालन के पांच पट्टे बांटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने मत्सय पालन के पांच पट्टे बांटे
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम ने मत्स्य पालन के पांच पट्टे बांटे
बिजनौर। तहसील में समाधान दिवस पर जिलाधिकारी ने पांच मत्स्य पालन के पट्टेदारों को प्रमाणपत्र वितरित किए हैं।
बिजनौर में आयोजित तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी अटल कुमार राय ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा अपनी शिकायत दुबारा प्रस्तुत करने का सीधा अर्थ है कि उसकी शिकायत को गम्भीरता से सुना नहीं गया या उसका गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण नहीं किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि विभागीय जन शिकायतों का पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप निस्तारण करना सुनिश्चित करें। प्रयास करें कि मौके पर जा कर शिकायतकर्ता से संपर्क कर स्थानीय लोगों से भी वार्ता करें ताकि शिकायत की सत्यता प्रमाणित होने के साथ-साथ उसका निस्तारण भी गुणवत्तापरक होना संभव हो सके। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा आयोजित होने वाले जनता दर्शन के दौरान यदि इस प्रकार का कोई मामला संज्ञान में आता है कि शिकायतकर्ता को अधिकारी उपलब्ध नहीं मिला अथवा उसकी शिकायत को गंभीरतापूर्वक नहीं सुना गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए शासन को लिखा जाएगा। समाधान दिवस पर कुल 35 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें एक का मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों के माध्यम से निस्तारण करा दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह, डीएफओ एम सम्मीरन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश मित्तल, उप जिलाधिकारी सदर बृृजेश कुमार अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
बिजनौर। तहसील में समाधान दिवस पर जिलाधिकारी ने पांच मत्स्य पालन के पट्टेदारों को प्रमाणपत्र वितरित किए हैं।
बिजनौर में आयोजित तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी अटल कुमार राय ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा अपनी शिकायत दुबारा प्रस्तुत करने का सीधा अर्थ है कि उसकी शिकायत को गम्भीरता से सुना नहीं गया या उसका गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण नहीं किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि विभागीय जन शिकायतों का पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप निस्तारण करना सुनिश्चित करें। प्रयास करें कि मौके पर जा कर शिकायतकर्ता से संपर्क कर स्थानीय लोगों से भी वार्ता करें ताकि शिकायत की सत्यता प्रमाणित होने के साथ-साथ उसका निस्तारण भी गुणवत्तापरक होना संभव हो सके। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा आयोजित होने वाले जनता दर्शन के दौरान यदि इस प्रकार का कोई मामला संज्ञान में आता है कि शिकायतकर्ता को अधिकारी उपलब्ध नहीं मिला अथवा उसकी शिकायत को गंभीरतापूर्वक नहीं सुना गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए शासन को लिखा जाएगा। समाधान दिवस पर कुल 35 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें एक का मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों के माध्यम से निस्तारण करा दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह, डीएफओ एम सम्मीरन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश मित्तल, उप जिलाधिकारी सदर बृृजेश कुमार अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।