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ज्योतिर्गमय विद्यालयों की कार्यशाला
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:48 AM IST
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‘गुरु शिष्य परंपरा पुन: स्थापित हो’
बिजनौर। जिले के ज्योतिर्गमय विद्यालयों में गुरू शिष्य की प्राचीन परंपरा पुनर्जीवित होगी। इन स्कूलों में आधुनिक शिक्षा दी जाएगी। इन विद्यालयों के शिक्षकों की विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में शिक्षा का स्तर सुधारने के गुर बताए गए। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी और प्रशिक्षु आईएएस एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने प्राथमिक विद्यालयों की जमीनी हकीकत बताते हुए शिक्षकों से नवीनतम शिक्षण तकनीकों को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के टिप्स प्रोजेक्टर से दिए।
कार्यशाला में हल्दौर, किरतपुर , मौहम्मदपुर देवमल ब्लाक के सभी ज्योतिर्गमय विद्यालयों के शिक्षकों समेत बाकी आठ ब्लॉक के ज्योतिर्गमय विद्यालयों के दस दस शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज का भाग्य विधाता है। आज इस हकीकत को साकार रूप देने की आवश्यकता है। प्राथमिक स्कूलों के बच्चों का जीवन उज्ज्वल बनाने के लिए शासन की ज्योतिर्गमय महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना है। शिक्षक बच्चों के साथ पारिवारिक माहौल बनाएं। बच्चों के साथ घुल मिलकर उनके मनोभावों को समझें। जिन छात्रों के अभिभावक अनपढ़ हैं, सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछडे़ हैं, शिक्षक उन्हें अभिभावक समझकर शिक्षा दें।
शिक्षा अधिकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में सहयोग करें। अधिकारी नहीं परिवार का मुखिया बनकर काम करें। प्रशिक्षु आईएएस तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह प्राथमिक स्कूलों का शिक्षा स्तर सुधारने में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा का स्तर सुधारने के गुर बताए। बीएसए से कहा कि वह ऐसे विद्यालयों की सूची बनाए जहां बिजली नहीं है। डीआईओएस राजेश कुमार, बीएसए महेश चंद, डायट प्राचार्य ने विचार रखे। इस दौरान गुलशन गुप्ता, अशोक कुमार, अरुण जिंघला, आदेश पाल आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जिले के ज्योतिर्गमय विद्यालयों में गुरू शिष्य की प्राचीन परंपरा पुनर्जीवित होगी। इन स्कूलों में आधुनिक शिक्षा दी जाएगी। इन विद्यालयों के शिक्षकों की विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में शिक्षा का स्तर सुधारने के गुर बताए गए। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी और प्रशिक्षु आईएएस एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने प्राथमिक विद्यालयों की जमीनी हकीकत बताते हुए शिक्षकों से नवीनतम शिक्षण तकनीकों को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के टिप्स प्रोजेक्टर से दिए।
कार्यशाला में हल्दौर, किरतपुर , मौहम्मदपुर देवमल ब्लाक के सभी ज्योतिर्गमय विद्यालयों के शिक्षकों समेत बाकी आठ ब्लॉक के ज्योतिर्गमय विद्यालयों के दस दस शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज का भाग्य विधाता है। आज इस हकीकत को साकार रूप देने की आवश्यकता है। प्राथमिक स्कूलों के बच्चों का जीवन उज्ज्वल बनाने के लिए शासन की ज्योतिर्गमय महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना है। शिक्षक बच्चों के साथ पारिवारिक माहौल बनाएं। बच्चों के साथ घुल मिलकर उनके मनोभावों को समझें। जिन छात्रों के अभिभावक अनपढ़ हैं, सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछडे़ हैं, शिक्षक उन्हें अभिभावक समझकर शिक्षा दें।
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शिक्षा अधिकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में सहयोग करें। अधिकारी नहीं परिवार का मुखिया बनकर काम करें। प्रशिक्षु आईएएस तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह प्राथमिक स्कूलों का शिक्षा स्तर सुधारने में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा का स्तर सुधारने के गुर बताए। बीएसए से कहा कि वह ऐसे विद्यालयों की सूची बनाए जहां बिजली नहीं है। डीआईओएस राजेश कुमार, बीएसए महेश चंद, डायट प्राचार्य ने विचार रखे। इस दौरान गुलशन गुप्ता, अशोक कुमार, अरुण जिंघला, आदेश पाल आदि मौजूद रहे।
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