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तेज बारिश से स्वच्छ भारत मिशन में बने दर्जनभर शौचालय जमींदोज, नदियों में उफान
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:24 AM IST
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धामपुर/अफजलगढ़। तेज बारिश आफत बनकर टूटने लगी है। बारिश ने स्वच्छता भारत मिशन के अंतर्गत बने एक दर्जन से ज्यादा शौचालय जमींदोज हो गए। लगातार हो रही बारिश से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। अफजलगढ़ में बारिश से एक मोबाइल टावर की दीवार गिर गई। बाजार में जलभराव होने से व्यापारियों की दुकान व घरों में पानी भर गया। व्यापारियों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया। दो दिन से लगातार हो रही बारिश को देख लोग बाढ़ के खतरे से भयभीत हैं। पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश से रामगंगा क्षेत्र की नदी नाले नदियां उफान पर हैं। बारिश से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट चुका है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर दो दिन से हो रही बारिश के बाद भी सुध न लेने का आरोप लगाया है।
दूसरे दिन भी बदरा जमकर बरसें। बारिश ने आधा दर्जन से ज्यादा गांव में आफत खड़ी कर दी है। खादर के दर्जनों गांव पानी से लबालब भरे हैं। मार्गो पर पानी घूम रहा है। ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। फसलें जलमग्न होने से पशु चारे की किल्लत हो गई है। धामपुर ब्लॉक के गांव जमालपुर आलम में बारिश में स्वच्छ भारत मिशन में बने एक दर्जन से ज्यादा शौचालय जमींदोज हो गए। ग्रामीणों ने प्रधान पर मानकों के अनुसार सामग्री न लगाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय गिरने की सूचना के बाद भी विकास विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रधान से लेकर सचिव तक मुंह छिपाते फिर रहे हैं। अफजलगढ़ की नचना नदी पहाड़ों पर हो रही बारिश से उफान पर आ गई। नगर जलमग्न हो गया। व्यापारियों की दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव की समस्या के चलते नमाजियों को ईद की नमाज पढ़ने के लिए घुटने घुटने पानी से होकर मस्जिदों तक जाना पड़ा। मोहल्ला चिरंजीलाल में बारिश से एक मकान की दीवार गिर गई। हालांकि परिवार हादसे से बच गया। भूतपुरी व दल्लीवाला गांव में आवासीय पट्टों में तीन से चार फुट पानी भरकर खड़ा हो गया। रास्तों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बनैली नदी में जलस्तर बढ़ने से नई बस्ती के ओमप्रकाश सिंह, मूलचंद सिंह, हरिओम सिंह, हरिराज सिंह, परसादी सिंह का कहना है कि उनके घरों के मुख्य मार्ग पर तीन फुट पानी खड़ा है। बनैली में पानी आने से भूतपुरी मार्ग से दर्जनों गांव का संपर्क टूट गया। ग्रामीणों शाहपुरजमाल, हसनपुर, मच्छमार आदि गांव को जाने के लिए सुआवाला से घूमकर आना पड़ रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों को भय सता रहा है कि 2010 में भी सितंबर माह में दो तीन लगातार बारिश हुई थी। गांववासी चारों तरफ से पानी से गिर गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कालागढ़ बांध से अचानक पानी छूटने का खतरा सता रहा है। बांध प्रशासन पहले ही अलर्ट जारी कर चुका है। पिछले सालों में भी बांध प्रशासन से अचानक पानी छोड़कर तबाही मचा दी थी।
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दूसरे दिन भी बदरा जमकर बरसें। बारिश ने आधा दर्जन से ज्यादा गांव में आफत खड़ी कर दी है। खादर के दर्जनों गांव पानी से लबालब भरे हैं। मार्गो पर पानी घूम रहा है। ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। फसलें जलमग्न होने से पशु चारे की किल्लत हो गई है। धामपुर ब्लॉक के गांव जमालपुर आलम में बारिश में स्वच्छ भारत मिशन में बने एक दर्जन से ज्यादा शौचालय जमींदोज हो गए। ग्रामीणों ने प्रधान पर मानकों के अनुसार सामग्री न लगाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय गिरने की सूचना के बाद भी विकास विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रधान से लेकर सचिव तक मुंह छिपाते फिर रहे हैं। अफजलगढ़ की नचना नदी पहाड़ों पर हो रही बारिश से उफान पर आ गई। नगर जलमग्न हो गया। व्यापारियों की दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव की समस्या के चलते नमाजियों को ईद की नमाज पढ़ने के लिए घुटने घुटने पानी से होकर मस्जिदों तक जाना पड़ा। मोहल्ला चिरंजीलाल में बारिश से एक मकान की दीवार गिर गई। हालांकि परिवार हादसे से बच गया। भूतपुरी व दल्लीवाला गांव में आवासीय पट्टों में तीन से चार फुट पानी भरकर खड़ा हो गया। रास्तों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बनैली नदी में जलस्तर बढ़ने से नई बस्ती के ओमप्रकाश सिंह, मूलचंद सिंह, हरिओम सिंह, हरिराज सिंह, परसादी सिंह का कहना है कि उनके घरों के मुख्य मार्ग पर तीन फुट पानी खड़ा है। बनैली में पानी आने से भूतपुरी मार्ग से दर्जनों गांव का संपर्क टूट गया। ग्रामीणों शाहपुरजमाल, हसनपुर, मच्छमार आदि गांव को जाने के लिए सुआवाला से घूमकर आना पड़ रहा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों को भय सता रहा है कि 2010 में भी सितंबर माह में दो तीन लगातार बारिश हुई थी। गांववासी चारों तरफ से पानी से गिर गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कालागढ़ बांध से अचानक पानी छूटने का खतरा सता रहा है। बांध प्रशासन पहले ही अलर्ट जारी कर चुका है। पिछले सालों में भी बांध प्रशासन से अचानक पानी छोड़कर तबाही मचा दी थी।
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