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डेंगू का संचरण काल शुरू, उपाय ही बेहतर उपचार
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:11 AM IST
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डेंगू से बचाव सबसे बेहतर उपचार
बिजनौर।
डेंगू का संचरण काल जुलाई में शुरू होता है। इसके बचाव के लिए लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग समेत सभी सरकारी विभागों को शासन ने निर्देश जारी किया है।
डीएमओ बृजभूषण ने बताया कि जुलाई माह में डेंगू का संचरण काल शुरू हो गया है। इसमें रुके हुए पानी या गंदगी में डेंगू के मच्छर पैदा होने शुरू हो जाते हैं। इसके लिए उपाय कर संचरण काल में पैदा होने वाले डेंगू के मच्छर को रोका जा सकता है। इसके लिए जिला अस्पताल में दस बिस्तर का फीवर वार्ड और संक्रामक रोग कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। डीएम जगतराज सभी नगरपालिका और नगर पंचायतों को इसके लिए निर्देशित कर चुके है। डीएम ने कहा कि कई भी जलभराव न होने दे। डीएम ने बीएसए से सभी विद्यालय के प्रधानाचार्यों से कहा है कि प्रार्थना के समय डेंगू के बचाव की जानकारी दी। कहा कि स्कूल में जलभराव नहीं होने दिया जाए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए।
डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण
- अचानक तेज सिरदर्द और बुखार का होना।
- मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
- जी मिचलाना एवं उल्टी होना।
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
सावधानियां
- घर में या आस-पास पानी जमा नहीं होने दे।
- पानी से भरे बर्तन और टंकियों को ढककर रखे।
- सप्ताह में कूलर को खाली करके सुखा ले।
- इन दिनों में पूरे कपड़े पहनें, जिससे मच्छर नहीं काटें।
- अधिक बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह लें।
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बिजनौर।
डेंगू का संचरण काल जुलाई में शुरू होता है। इसके बचाव के लिए लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग समेत सभी सरकारी विभागों को शासन ने निर्देश जारी किया है।
डीएमओ बृजभूषण ने बताया कि जुलाई माह में डेंगू का संचरण काल शुरू हो गया है। इसमें रुके हुए पानी या गंदगी में डेंगू के मच्छर पैदा होने शुरू हो जाते हैं। इसके लिए उपाय कर संचरण काल में पैदा होने वाले डेंगू के मच्छर को रोका जा सकता है। इसके लिए जिला अस्पताल में दस बिस्तर का फीवर वार्ड और संक्रामक रोग कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। डीएम जगतराज सभी नगरपालिका और नगर पंचायतों को इसके लिए निर्देशित कर चुके है। डीएम ने कहा कि कई भी जलभराव न होने दे। डीएम ने बीएसए से सभी विद्यालय के प्रधानाचार्यों से कहा है कि प्रार्थना के समय डेंगू के बचाव की जानकारी दी। कहा कि स्कूल में जलभराव नहीं होने दिया जाए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए।
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डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण
- अचानक तेज सिरदर्द और बुखार का होना।
- मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
- जी मिचलाना एवं उल्टी होना।
- गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
सावधानियां
- घर में या आस-पास पानी जमा नहीं होने दे।
- पानी से भरे बर्तन और टंकियों को ढककर रखे।
- सप्ताह में कूलर को खाली करके सुखा ले।
- इन दिनों में पूरे कपड़े पहनें, जिससे मच्छर नहीं काटें।
- अधिक बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह लें।