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बाघ का सड़ा गला शव मिला
Updated Mon, 07 May 2018 12:20 AM IST
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कालागढ़। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वन में बाघ का सड़ा गला शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मचा है। डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं। मौत के कारणों का पीएम के बाद पता चलेगा। वनों में सतर्कता बढ़ाते हुए गश्त तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
रविवार को रामगंगा बांध को जाने वाले मार्ग के निकट वन विभाग के गश्ती दलों को बाघ का सड़ा गला शव मिला। वन विभाग के कर्मचारियों ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। बाघ का शव मिलने की सूचना पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जांच-पड़ताल करने मौके पर वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज के तहत घटनास्थल आता है। कालागढ़ ब्लाक के कक्ष संख्या छह में यह शव मिला है। बाघ का सड़ा गला जाने से पता नहीं चल रहा है कि यह नर है या मादा। पीएम के बाद ही मौत का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी की तलाश में एक-दूसरे के इलाके में बाघ घुस आते हैं और वर्चस्व की जंग में मारे जाते हैं। वहीं गर्मी में शिकारी भी सक्रिय हो जाते हैं। उन्हें मालूम होता है कि पानी के स्रोत के पास जंगली-जानवर आएंगे और वे उनका शिकार कर लेते हैं। इसलिए उन्होंने वन क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
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रविवार को रामगंगा बांध को जाने वाले मार्ग के निकट वन विभाग के गश्ती दलों को बाघ का सड़ा गला शव मिला। वन विभाग के कर्मचारियों ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। बाघ का शव मिलने की सूचना पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जांच-पड़ताल करने मौके पर वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। डीएफओ एके त्रिपाठी का कहना है कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज के तहत घटनास्थल आता है। कालागढ़ ब्लाक के कक्ष संख्या छह में यह शव मिला है। बाघ का सड़ा गला जाने से पता नहीं चल रहा है कि यह नर है या मादा। पीएम के बाद ही मौत का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी की तलाश में एक-दूसरे के इलाके में बाघ घुस आते हैं और वर्चस्व की जंग में मारे जाते हैं। वहीं गर्मी में शिकारी भी सक्रिय हो जाते हैं। उन्हें मालूम होता है कि पानी के स्रोत के पास जंगली-जानवर आएंगे और वे उनका शिकार कर लेते हैं। इसलिए उन्होंने वन क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
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