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श्यामीवाला में तनावपूर्ण शांति
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:32 AM IST
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भागूवाला/नजीबाबाद। प्रशासन की ओर से रविदास जुलूस निकालने से रोकने पर श्यामीवाला की महिलाओं ने दूसरे दिन भी दोपहर तक धरना दिया। ग्रामीणों के समझाने पर महिलाओं ने धरना समाप्त किया।
श्यामीवाला में रविदास धर्मशाला के निकट दूसरे दिन भी रविदास समाज की महिलाओं ने धरना दिया। रविदास जयंती पर बुधवार को जुलूस शुरू किया गया था। करीब 50 मीटर चलने के बाद प्रशासन ने रविदास जुलूस रोक दिया था। जिस स्थान पर जुलूस रोका गया था रविदास समाज ने वहीं पर रविदास झंडा गाड़कर धरना शुरू कर दिया था। बुधवार की देर शाम तक महिलाएं धरने पर बैठी रहीं। बृहस्पतिवार को प्रात: से ही महिलाएं पुन: धरने पर बैठ गईं। धरने पर बैठी महिलाओं बबली, ऊषा, आशा, मंगली, ममता, गुड्डी देवी, शकुंतला, श्यामो, चम्मो सहित महिलाओं ने प्रदेश सरकार पर दलित विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि जब तक रविदास झंडा जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलती वे धरना जारी रखेंगीं।
रविदास समाज के कल्याण सिंह, प्रवीण सिंह, कोमल सिंह, संजीव कुमार, दयाराम सहित अनेक ग्रामीणों ने न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा जुलूस रोके जाने का तर्क देते हुए महिलाओं से धरना समाप्त करने को कहा। ग्रामीणों ने न्यायालय में जुलूस निकालने की पैरवी करने की बात कहते हुए प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाया। दोपहर करीब 12:30 बजे महिलाओं ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन रविदास झंडा अभी भी वहीं लगा हुआ है। उधर, गांव में एहतियात के तौर पर गांव में पीएससी और पुलिस बल भारी संख्या में तैनात है।
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श्यामीवाला में रविदास धर्मशाला के निकट दूसरे दिन भी रविदास समाज की महिलाओं ने धरना दिया। रविदास जयंती पर बुधवार को जुलूस शुरू किया गया था। करीब 50 मीटर चलने के बाद प्रशासन ने रविदास जुलूस रोक दिया था। जिस स्थान पर जुलूस रोका गया था रविदास समाज ने वहीं पर रविदास झंडा गाड़कर धरना शुरू कर दिया था। बुधवार की देर शाम तक महिलाएं धरने पर बैठी रहीं। बृहस्पतिवार को प्रात: से ही महिलाएं पुन: धरने पर बैठ गईं। धरने पर बैठी महिलाओं बबली, ऊषा, आशा, मंगली, ममता, गुड्डी देवी, शकुंतला, श्यामो, चम्मो सहित महिलाओं ने प्रदेश सरकार पर दलित विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि जब तक रविदास झंडा जुलूस निकालने की अनुमति नहीं मिलती वे धरना जारी रखेंगीं।
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रविदास समाज के कल्याण सिंह, प्रवीण सिंह, कोमल सिंह, संजीव कुमार, दयाराम सहित अनेक ग्रामीणों ने न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा जुलूस रोके जाने का तर्क देते हुए महिलाओं से धरना समाप्त करने को कहा। ग्रामीणों ने न्यायालय में जुलूस निकालने की पैरवी करने की बात कहते हुए प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाया। दोपहर करीब 12:30 बजे महिलाओं ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन रविदास झंडा अभी भी वहीं लगा हुआ है। उधर, गांव में एहतियात के तौर पर गांव में पीएससी और पुलिस बल भारी संख्या में तैनात है।
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