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माध्यमिक शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार करने का ऐलान: जिला मंत्री
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:37 PM IST
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धामपुर (बिजनौर)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री विनोद कुमार ने सरकार पर शिक्षक विरोधी होने का आरोप लगाते हुए छह फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उन्होंने वित्त विहीन शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने सहित कई मांगों को जल्द पूरा कराने को लेकर चलने वाले आंदोलन को तेज करने की बात कही है।
फैजाबाद में 28 जनवरी से आयोजित हुए तीन दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने के बाद मंगलवार को धामपुर पहुंचे जिला मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन में संघ ने यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का पूरी तरह से बहिष्कार करने को ऐलान कर दिया है। सरकार को अवगत करा दिया गया है। जिला मंत्री ने बताया कि बुलंदशहर में 13 जनवरी को डीआईओएस के उत्पीड़न से तंग होकर दलित शिक्षक ब्रजेश कुमार ने आत्महत्या कर जीवन लीला को खत्म कर लिया। सरकार ने अभी तक इस मामले को गंभीरता से लेकर मृतक शिक्षक के परिवार के लिए कुछ नहीं किया और न ही अभी तक डीआईओएस के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। नई तैनाती होने के कारण मृतक शिक्षक डीआईओएस और संबंधित विद्यालय के प्रबंधक को चार माह के रुके वेतन को आहरित कराने को चार लाख रुपये रिश्वत में भी दे चुका था। कोई भी शिक्षक यूपी बोर्ड की छह फरवरी से होने वाली परीक्षाओं में ड्यूटी नहीं करेगा। जिला सरकार से वित्त विहीन शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने, पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग की। इस सम्मेलन में बिजनौर जिले से सुरेंद्र मलिक, मयूर मलिक, विनोद कुमार, टीकेश चौधरी, हंसराज सिंह, उदयराज सिंह, गतेंद्र सोलंकी, धर्मवीर सिंह, पृथ्वीराज सिंह, अमर सिंह, चेतन कुमार रहे।
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फैजाबाद में 28 जनवरी से आयोजित हुए तीन दिवसीय सम्मेलन में शामिल होने के बाद मंगलवार को धामपुर पहुंचे जिला मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन में संघ ने यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का पूरी तरह से बहिष्कार करने को ऐलान कर दिया है। सरकार को अवगत करा दिया गया है। जिला मंत्री ने बताया कि बुलंदशहर में 13 जनवरी को डीआईओएस के उत्पीड़न से तंग होकर दलित शिक्षक ब्रजेश कुमार ने आत्महत्या कर जीवन लीला को खत्म कर लिया। सरकार ने अभी तक इस मामले को गंभीरता से लेकर मृतक शिक्षक के परिवार के लिए कुछ नहीं किया और न ही अभी तक डीआईओएस के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। नई तैनाती होने के कारण मृतक शिक्षक डीआईओएस और संबंधित विद्यालय के प्रबंधक को चार माह के रुके वेतन को आहरित कराने को चार लाख रुपये रिश्वत में भी दे चुका था। कोई भी शिक्षक यूपी बोर्ड की छह फरवरी से होने वाली परीक्षाओं में ड्यूटी नहीं करेगा। जिला सरकार से वित्त विहीन शिक्षकों को पूर्ण कालिक शिक्षक का दर्जा दिलाने, पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग की। इस सम्मेलन में बिजनौर जिले से सुरेंद्र मलिक, मयूर मलिक, विनोद कुमार, टीकेश चौधरी, हंसराज सिंह, उदयराज सिंह, गतेंद्र सोलंकी, धर्मवीर सिंह, पृथ्वीराज सिंह, अमर सिंह, चेतन कुमार रहे।
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