{"_id":"5a4e70354f1c1bfe7a8b530f","slug":"61515089973-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिजन व ग्रामीण थे दोनों की प्रेम कहानी से अनजान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिजन व ग्रामीण थे दोनों की प्रेम कहानी से अनजान
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर/ शेरकोट। शहजादपुर गांव के पंकज व उसकी प्रेमिका शिवानी की प्रेम कहानी से परिजन व ग्रामीण पूरी तरह अनजान थे। किसी को नहीं मालूम था कि दोनों के मन में क्या है। दोनों ने आपस में ही एक दूसरे के साथ जीने मरने की कस्में खा रखी थी। दोनों बेहद गरीब परिवार के थे। दोनों के नदी से एक साथ शव मिलने से परिजनों के साथ ग्रामीण भी हतप्रभ रह गए।
शेरकोट थाने के गांव शहजादपुर निवासी गांव के अमीरचंद वाल्मीकि के 21 साल के पुत्र पंकज होरी लाल की 18 साल की पुत्री शिवानी की के शव बुधवार की शाम खो बैराज पुल के पिलर में फंसे मिले थे। दोनों की हाथ की कलाई में दुपट्टा बंधा था। दोनों 28 दिसंबर को गांव से फरार हुए थे। युवती की मां ने 31 दिसंबर को पुलिस में शिवानी को भगा के ले जाने की पंकज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों दलित थे। दोनों के घर में में करीब 300 मीटर की दूरी है। ग्रामीणों व परिजनों के मुताबिक दोनों की प्रेम कहानी के बारे में किसी को कुछ मालूम नहीं था। दोनों ने किसी के सामने भी कभी शादी करने का जिक्र नहीं किया। किसी के घरवालों को नहीं मालूम कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। शेरकोट थानाध्यक्ष शिशुपाल शर्मा के मुताबिक दोनों ने नदी में कूदकर खुदकशी की है।
उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दोनों की पानी में डूबने से मौत हुई है। रिपोर्ट में तीन दिन पहले दोनों की मौत होना पाया गया है। शव पानी में पड़े होने के कारण काफी फूल गए थे। हालांकि दोनों के परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। यह बात परिजनों ने पुलिस को बता दी है। दोनों के परिजनों ने पहले कही कह दिया था कि दोनों ने खुदकशी की है। वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते है।
विज्ञापन
पिता का शव भी मिला था नहर से
पुलिस के मुताबिक युवती के पिता होरीलाल आठ माह पूर्व लापता हो गया था। उसका शव भी नहर से मिला था। ग्रामीणों के साथ परिजनों ने शव पहचान तो लिया था पर अंतिम संस्कार के लिए धन नहीं होने पर शव को नहीं लिया था। बाद में पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कराया था। पुलिस की माने तो हीरा लाल ने भी आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी की थी। गांव वालों ने ही पुलिस को यह बात बताई है।
विज्ञापन
शेरकोट थाने के गांव शहजादपुर निवासी गांव के अमीरचंद वाल्मीकि के 21 साल के पुत्र पंकज होरी लाल की 18 साल की पुत्री शिवानी की के शव बुधवार की शाम खो बैराज पुल के पिलर में फंसे मिले थे। दोनों की हाथ की कलाई में दुपट्टा बंधा था। दोनों 28 दिसंबर को गांव से फरार हुए थे। युवती की मां ने 31 दिसंबर को पुलिस में शिवानी को भगा के ले जाने की पंकज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों दलित थे। दोनों के घर में में करीब 300 मीटर की दूरी है। ग्रामीणों व परिजनों के मुताबिक दोनों की प्रेम कहानी के बारे में किसी को कुछ मालूम नहीं था। दोनों ने किसी के सामने भी कभी शादी करने का जिक्र नहीं किया। किसी के घरवालों को नहीं मालूम कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। शेरकोट थानाध्यक्ष शिशुपाल शर्मा के मुताबिक दोनों ने नदी में कूदकर खुदकशी की है।
विज्ञापन
उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दोनों की पानी में डूबने से मौत हुई है। रिपोर्ट में तीन दिन पहले दोनों की मौत होना पाया गया है। शव पानी में पड़े होने के कारण काफी फूल गए थे। हालांकि दोनों के परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। यह बात परिजनों ने पुलिस को बता दी है। दोनों के परिजनों ने पहले कही कह दिया था कि दोनों ने खुदकशी की है। वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते है।
विज्ञापन
पिता का शव भी मिला था नहर से
पुलिस के मुताबिक युवती के पिता होरीलाल आठ माह पूर्व लापता हो गया था। उसका शव भी नहर से मिला था। ग्रामीणों के साथ परिजनों ने शव पहचान तो लिया था पर अंतिम संस्कार के लिए धन नहीं होने पर शव को नहीं लिया था। बाद में पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कराया था। पुलिस की माने तो हीरा लाल ने भी आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी की थी। गांव वालों ने ही पुलिस को यह बात बताई है।