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हर दिन जिला अस्पताल पहुंच रहे डॉग बाइट के 60 मरीज

Wed, 28 Sep 2022 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 12:12 AM IST
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60 patients of dog bite reaching the district hospital every day
हर दिन जिला अस्पताल पहुंच रहे डॉग बाइट के 60 मरीज
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अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। कुत्तों का आतंक लोगों पर भारी पड़ रहा है। इसका जवाब जिला अस्पताल से मिले आंकड़े दे रहे हैं। जिला अस्पताल में हर साल डॉग बाइट के करीब 10 हजार मरीज तक पहुंच रहे हैं। अगर अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो रोजाना 50 से 60 मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। इस साल अब तक 6059 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगी है।
जिले में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कहीं आवारा कुत्ते तो पालतू कुत्ते भी लोगों पर हमला कर रहे हैं। यही कारण है कि जिला अस्पताल में कमरा नंबर तीन के बाहर कुत्ते के काटने के मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। इन दिनों शहर से लेकर गांवों तक में आवारा कुत्ते झुंड में दिखाई देते हैं। सरकार की ओर से कुत्तों की नसबंदी पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं। जिला अस्पताल में जनवरी से अब तक 6059 डॉग बाइट के मरीज आ चुके हैं। जिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के मुताबिक कुत्ते के काटने के हर साल औसतन 10 हजार मरीज आते हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक शहर से ही गांवों से भी लोग एआरबी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगवाने जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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मेडिसिन स्टोर इंचार्ज गजेंद्र शर्मा ने बताया कि छह महीने कुत्ते के काटने के ज्यादा मरीज आते हैं। इसलिए बरसात और सर्दियों के दिनों में एंटी रेबीज वैक्सीन की खपत बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक कुत्ते के काटने इंजेक्शन लगते हैं।
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प्रजनन के महीनों में काटते हैं कुत्ते
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि साल में छह महीने कुत्तों के प्रजनन के होते हैं। बरसात और सर्दियों के दिनों में कुत्ते हिट पर होते हैं। जिसकी वजह से कुत्ते झुंड में दिखाई देते हैं। इस समय अगर इन्हें कोई छेड़ता है तो यह हमला कर देते हैं। यही वजह है बरसात के दिनों में कुत्ते के काटने के केस बढ़ जाते हैं। हालांकि वैसे कुत्ते हमला नहीं करते, अगर कोई कुत्ता पागल हो जाए तो वह काटता है।
जिला अस्पताल के आंकड़े
साल एआरबी लगवाने वाले
2018- 10121
2019- 9615
2020- 9753
2021- 10748
2022- 6059
नोट : 2022 के डॉग बाइट के आंकड़े जनवरी से अब तक के हैं।
कुत्ते पालने को पंजीकरण के लिए शासन से कोई निर्देश नहीं है। हालांकि कुछ नगर निगमों में यह व्यवस्था लागू की गई है। जिस पर हम भी प्लानिंग कर रहे हैं। भविष्य में इस खाका तैयार हो सकता है। शहर में 700 आवारा कुत्ते हैं। जिनकी नसबंदी को अभियान चलाया जाएगा - विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी, पालिका बिजनौर

जिला अस्पताल में रोजाना औसतन कुत्ते काटे के 50 मरीज तक पहुंचते हैं। लोगों में जागरूकता कम होने की वजह से भी अस्पताल में कुत्ते काटने के ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। कुत्ते के काटने के एक सप्ताह के अंदर एआरबी लगवाना चाहिए। तुरंत नहीं लगवाना चाहिए। कुत्ते की हत्या नहीं करनी चाहिए - डॉ. अरुण कुमार पांडेय, सीएमएस
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