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जिले की 60 नहरें पानी से लबालब
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जिले की 60 नहरें पानी से लबालब
बिजनौर। लंबे इंतजार के बाद जिले की 200 में से 60 नहरें पानी से लबालब हो गई हैं। इन नहरों में हरिद्वार से पानी छोड़ा गया हैं। नहरों में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे। अभी नजीबाबाद, नगीना व चंदक ब्रांच की नहरों में पानी छोड़ा गया हैं। बाकी नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी है।
जिले में पूर्वी गंगा की 200 नहरे हैं। ये नहरें खरीफ में बरसात होने पर चलती है। दीपावली तक नहरें पानी से लबालब रहती हैं। इसके बाद ये सूखी रहती हैं। बीच में किसान की मांग पर एक दो बार नहरों में पानी छोड़ दिया जाता हैं। इस बार इन नहरों में एक बूंद पानी भी नही आया था। पिछले दिनों तीन दिन तक पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश के बाद हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़ने के बाद गंगा खतरे के निशान को पार कर गई थी। गंगा में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी आ गया था। प्रशासन के साथ तटीय गांव के लोगों की सांसे अटक गई थी। पर इसके बाद भी जिले की नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। किसान काफी समय से नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे है पर उनकी बात भी नहीं सुनी जा रही थी।
जिले की 60 नहरों में सोमवार को हरिद्वार से पानी छोड़ दिया गया। नहरों में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। नहरों के आसपास खेती करने वाले किसान अब अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। अभी केवल नजीबाबाद, नगीना व चंदक ब्रांच की नहरों में पानी छोड़ा गया है। बाकी नहरों मेें पानी नहीं आया है। इन नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी चल रही है।
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पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के मुताबिक अभी कुछ नहरों में पानी छोड़ा गया है। नहरों में पानी चल रहा है। जल्द ही अन्य नहरें भी पानी से लबालब होगी।
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बिजनौर। लंबे इंतजार के बाद जिले की 200 में से 60 नहरें पानी से लबालब हो गई हैं। इन नहरों में हरिद्वार से पानी छोड़ा गया हैं। नहरों में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे। अभी नजीबाबाद, नगीना व चंदक ब्रांच की नहरों में पानी छोड़ा गया हैं। बाकी नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी है।
जिले में पूर्वी गंगा की 200 नहरे हैं। ये नहरें खरीफ में बरसात होने पर चलती है। दीपावली तक नहरें पानी से लबालब रहती हैं। इसके बाद ये सूखी रहती हैं। बीच में किसान की मांग पर एक दो बार नहरों में पानी छोड़ दिया जाता हैं। इस बार इन नहरों में एक बूंद पानी भी नही आया था। पिछले दिनों तीन दिन तक पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश के बाद हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़ने के बाद गंगा खतरे के निशान को पार कर गई थी। गंगा में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी आ गया था। प्रशासन के साथ तटीय गांव के लोगों की सांसे अटक गई थी। पर इसके बाद भी जिले की नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। किसान काफी समय से नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे है पर उनकी बात भी नहीं सुनी जा रही थी।
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जिले की 60 नहरों में सोमवार को हरिद्वार से पानी छोड़ दिया गया। नहरों में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। नहरों के आसपास खेती करने वाले किसान अब अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। अभी केवल नजीबाबाद, नगीना व चंदक ब्रांच की नहरों में पानी छोड़ा गया है। बाकी नहरों मेें पानी नहीं आया है। इन नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी चल रही है।
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पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के मुताबिक अभी कुछ नहरों में पानी छोड़ा गया है। नहरों में पानी चल रहा है। जल्द ही अन्य नहरें भी पानी से लबालब होगी।