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5651 अभ्यर्थियों ने दी वन रक्षक की परीक्षा
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5651 अभ्यर्थियों ने दी वन रक्षक की परीक्षा
बिजनौर। वन विभाग में वन रक्षक पद के लिए रविवार को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच परीक्षा संपन्न हुई। हालांकि 5846 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे, जबकि 11497 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। अभ्यर्थियों की हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन से लगी। वहीं प्रवेश पत्रों पर परीक्षा केंद्रों का पूरा पता अंकित नहीं होने से अभ्यर्थी इधर-उधर भटकने को मजबूर हो गए। आधे से ज्यादा अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
रविवार को जिले में 22 केंद्रों पर परीक्षा हुई। सुरक्षा इंतजाम बनाए रखने के लिए एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। पांच सीओ, 15 थानेदारों सहित भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई। एएसपी सिटी ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर इंतजाम का जायजा लिया। डीआईओएस कार्यालय के प्रतिनिधि डॉ. निशांत कुमार ने बताया कि वन रक्षक परीक्षा के लिए 22 केंद्रों पर 11497 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 5651 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 5846 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर 300 अभ्यर्थी से लेकर 601 अभ्यर्थी आवंटित थे। सबसे अधिक अभ्यर्थी एमजीएमपी इंटर कॉलेज किरतपुर केंद्र पर पंजीकृत रहे। उन्होंने बताया कि एक-दो केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर लगे फोटो को पहचानने को लेकर चेकिंग टीम की अभ्यर्थियों से नोकझोंक भी हुई। सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
परीक्षा केंद्रों का पता पूरा नहीं होने से रही परेशानी
वनरक्षक की परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय समेत हल्दौर, किरतपुर तथा मंडावली में परीक्षा केंद्र बनाए गए गए थे। अभ्यर्थियों रविकुमार, सत्येंद्र आदि ने बताया कि हम गैर जिले से आए हैं। हमें जिला बिजनौर की भौगोलिक जानकारी नहीं है। उनके प्रवेशपत्र पर केंद्र का पता पूरा नहीं लिखा है। प्रवेशपत्र पर केंद्र एमजीएमपी बसी किरतपुर बिजनौर लिखा है। वह केंद्र बिजनौर मुख्यालय पर समझकर यहां आए हैं, जबकि केंद्र 12 किमी दूर कस्बा किरतपुर में है। कई अभ्यर्थी केंद्रों का पता पूछने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
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बिजनौर। वन विभाग में वन रक्षक पद के लिए रविवार को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच परीक्षा संपन्न हुई। हालांकि 5846 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे, जबकि 11497 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। अभ्यर्थियों की हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन से लगी। वहीं प्रवेश पत्रों पर परीक्षा केंद्रों का पूरा पता अंकित नहीं होने से अभ्यर्थी इधर-उधर भटकने को मजबूर हो गए। आधे से ज्यादा अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
रविवार को जिले में 22 केंद्रों पर परीक्षा हुई। सुरक्षा इंतजाम बनाए रखने के लिए एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। पांच सीओ, 15 थानेदारों सहित भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई। एएसपी सिटी ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर इंतजाम का जायजा लिया। डीआईओएस कार्यालय के प्रतिनिधि डॉ. निशांत कुमार ने बताया कि वन रक्षक परीक्षा के लिए 22 केंद्रों पर 11497 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 5651 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 5846 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर 300 अभ्यर्थी से लेकर 601 अभ्यर्थी आवंटित थे। सबसे अधिक अभ्यर्थी एमजीएमपी इंटर कॉलेज किरतपुर केंद्र पर पंजीकृत रहे। उन्होंने बताया कि एक-दो केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर लगे फोटो को पहचानने को लेकर चेकिंग टीम की अभ्यर्थियों से नोकझोंक भी हुई। सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
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परीक्षा केंद्रों का पता पूरा नहीं होने से रही परेशानी
वनरक्षक की परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय समेत हल्दौर, किरतपुर तथा मंडावली में परीक्षा केंद्र बनाए गए गए थे। अभ्यर्थियों रविकुमार, सत्येंद्र आदि ने बताया कि हम गैर जिले से आए हैं। हमें जिला बिजनौर की भौगोलिक जानकारी नहीं है। उनके प्रवेशपत्र पर केंद्र का पता पूरा नहीं लिखा है। प्रवेशपत्र पर केंद्र एमजीएमपी बसी किरतपुर बिजनौर लिखा है। वह केंद्र बिजनौर मुख्यालय पर समझकर यहां आए हैं, जबकि केंद्र 12 किमी दूर कस्बा किरतपुर में है। कई अभ्यर्थी केंद्रों का पता पूछने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
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