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बैंक की नकदी की सीमा घटने से उपभोक्ता परेशान
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:34 AM IST
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बैंक की नकदी सीमा घटने से उपभोक्ता परेशान
कालागढ़। कालागढ़ के एकमात्र भारतीय स्टेट बैंक की शाखा को रोजाना मिलने वाली नकदी की सीमा घट जाने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाखा प्रबंधक निरूपम शर्मा के अनुसार बैंक को प्रतिदिन अब केवल दस लाख रुपया ही मिल रहा है। जबकि यहां लेनदेन के लिए 45 लाख रुपये की आवश्यकता होती है।
नोटबंदी के एक साल बीतने के बाद भी कालागढ़ के स्टेट बैंक शाखा के हालात सुधरे नहीं हैँ। बैंक को मिलने वाली नकदी की सीमा लगातार कम होती जा रही है। पहले आरबीआई से सीधे नकदी कालागढ़ बैंक आती थी। बाद में यहां से बैंक की नकदी को बंद कर दिया गया। तब से यहां की शाखा को जसपुर से जोड़ दिया गया था। रोज जसपुर से कालागढ़ शाखा को रुपया दिया जाता था। वर्तमान में जसपुर को भी आरबीआई से सीधे नकदी मिलना बंद कर दिया गया है। जिसके चलते अब कालागढ़ बैंक के सामने नकदी का संकट आ गया है। यहां उपभोक्ताओं के लेनदेन के लिए 40 45 लाख रोजाना के लिए दिए जा रहे थे। अब तीन दिनों से मात्र 10 लाख ही मिल रहे हैं। जो एक दो घंटे मे ही समाप्त हो जाते हैं। बैंक में आने वाले उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ता है। बैंक में लगे एक मात्र एटीएम को भी बस एक खिलौना ही कहा जा सकता है। इसमें भी नकदी नहीं मिल रही है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजकुमार का कहना है कि काबीना मंत्री डॉॅ. हरक सिंह रावत ने बैंक के उच्च अधिकारियों से कालागढ़ बैंक को पूर्व के समान ही दर्जा दिए जाने को लिख था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। उधर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष आकाशदीप शर्मा, नदीम अहमद खान, आशीष चौधरी, हाजी इसरार अहमद आदि ने अन्य बैंक की शाखा खोले जाने की मांग वित्त मंत्री से की है।
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कालागढ़। कालागढ़ के एकमात्र भारतीय स्टेट बैंक की शाखा को रोजाना मिलने वाली नकदी की सीमा घट जाने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाखा प्रबंधक निरूपम शर्मा के अनुसार बैंक को प्रतिदिन अब केवल दस लाख रुपया ही मिल रहा है। जबकि यहां लेनदेन के लिए 45 लाख रुपये की आवश्यकता होती है।
नोटबंदी के एक साल बीतने के बाद भी कालागढ़ के स्टेट बैंक शाखा के हालात सुधरे नहीं हैँ। बैंक को मिलने वाली नकदी की सीमा लगातार कम होती जा रही है। पहले आरबीआई से सीधे नकदी कालागढ़ बैंक आती थी। बाद में यहां से बैंक की नकदी को बंद कर दिया गया। तब से यहां की शाखा को जसपुर से जोड़ दिया गया था। रोज जसपुर से कालागढ़ शाखा को रुपया दिया जाता था। वर्तमान में जसपुर को भी आरबीआई से सीधे नकदी मिलना बंद कर दिया गया है। जिसके चलते अब कालागढ़ बैंक के सामने नकदी का संकट आ गया है। यहां उपभोक्ताओं के लेनदेन के लिए 40 45 लाख रोजाना के लिए दिए जा रहे थे। अब तीन दिनों से मात्र 10 लाख ही मिल रहे हैं। जो एक दो घंटे मे ही समाप्त हो जाते हैं। बैंक में आने वाले उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ता है। बैंक में लगे एक मात्र एटीएम को भी बस एक खिलौना ही कहा जा सकता है। इसमें भी नकदी नहीं मिल रही है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजकुमार का कहना है कि काबीना मंत्री डॉॅ. हरक सिंह रावत ने बैंक के उच्च अधिकारियों से कालागढ़ बैंक को पूर्व के समान ही दर्जा दिए जाने को लिख था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। उधर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष आकाशदीप शर्मा, नदीम अहमद खान, आशीष चौधरी, हाजी इसरार अहमद आदि ने अन्य बैंक की शाखा खोले जाने की मांग वित्त मंत्री से की है।
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