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जांच में शुद्ध निकला नगर पालिका बिजनौर का पानी
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:18 AM IST
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सभी 24 नलकूपों के पानी की कराई गई थी जांच
बिजनौर। बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र का पानी शुद्ध निकला है। सभी 24 नलकूपों के पानी की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। सभी पोषक तत्वों की मात्रा मानक के अनुरूप ही निकले।
नगर पालिका क्षेत्र में 24 नलकूप हैं। इन नलकूपों के द्वारा ही पेयजल आपूर्ति की जाती है। बिजनौर में करीब साढ़े 11 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लिए हुए हैं। नगर पालिका द्वारा हर साल पानी की शुद्धता की जांच कराई जाती है। इस साल भी जल निगम द्वारा सभी 24 नलकूपों के पानी की जांच कराई गई थी। पानी में पीएच(पोटेंशियल ऑफ हाईड्रोजन) की मात्रा 7 से 8.5 तक होनी चाहिए। साथ ही टीडीएस (टोटल डिसोल्वड सोलिड) की मात्रा 500 अंक से ऊपर नहीं होनी चाहिए। अगर पीएच या टीडीएस की मात्रा मानक से कम या अधिक पाई जाती है तो इसका मतलब होता है कि पानी में अम्लीयता(एसिडिक) का असर आ गया है। जांच में नलकूपों के पानी में पीएच व टीडीएस मानक के अनुरूप ही मिले हैं। यह नमूने पानी में क्लोरीन घुलने से पहले लिए गए थे। क्लोरीन घुलने के बाद पानी की शुद्धता और बढ़ जाती है। बिजनौर का पानी इतना शुद्ध है कि बिना आरओ या फिल्टर के भी बिजनौर नगर पालिका के पानी को पिया जा सकता है।
नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के मुताबिक जांच में नगर पालिका बिजनौर का पानी शुद्ध निकला है। नागरिकों को शुद्ध पानी की आपूर्ति की जा रही है। कोई भी नागरिक पानी को बर्बाद न करें और पानी बचाने में नगर पालिका का सहयोग करें।
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बिजनौर। बिजनौर नगर पालिका क्षेत्र का पानी शुद्ध निकला है। सभी 24 नलकूपों के पानी की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। सभी पोषक तत्वों की मात्रा मानक के अनुरूप ही निकले।
नगर पालिका क्षेत्र में 24 नलकूप हैं। इन नलकूपों के द्वारा ही पेयजल आपूर्ति की जाती है। बिजनौर में करीब साढ़े 11 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लिए हुए हैं। नगर पालिका द्वारा हर साल पानी की शुद्धता की जांच कराई जाती है। इस साल भी जल निगम द्वारा सभी 24 नलकूपों के पानी की जांच कराई गई थी। पानी में पीएच(पोटेंशियल ऑफ हाईड्रोजन) की मात्रा 7 से 8.5 तक होनी चाहिए। साथ ही टीडीएस (टोटल डिसोल्वड सोलिड) की मात्रा 500 अंक से ऊपर नहीं होनी चाहिए। अगर पीएच या टीडीएस की मात्रा मानक से कम या अधिक पाई जाती है तो इसका मतलब होता है कि पानी में अम्लीयता(एसिडिक) का असर आ गया है। जांच में नलकूपों के पानी में पीएच व टीडीएस मानक के अनुरूप ही मिले हैं। यह नमूने पानी में क्लोरीन घुलने से पहले लिए गए थे। क्लोरीन घुलने के बाद पानी की शुद्धता और बढ़ जाती है। बिजनौर का पानी इतना शुद्ध है कि बिना आरओ या फिल्टर के भी बिजनौर नगर पालिका के पानी को पिया जा सकता है।
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नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के मुताबिक जांच में नगर पालिका बिजनौर का पानी शुद्ध निकला है। नागरिकों को शुद्ध पानी की आपूर्ति की जा रही है। कोई भी नागरिक पानी को बर्बाद न करें और पानी बचाने में नगर पालिका का सहयोग करें।
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