{"_id":"5e9dd03b8ebc3ed5720a171d","slug":"50-thousand-students-got-benefit-in-online-studies-bijnor-news-mrt478521810","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन पढ़ाई में 50 हजार विद्यार्थियों को मिला लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन पढ़ाई में 50 हजार विद्यार्थियों को मिला लाभ
विज्ञापन
ऑनलाइन पढ़ाई में 50 हजार विद्यार्थियों को मिला लाभ
बिजनौर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई हैं। पहले दिन 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं इनसे लाभान्वित हुए। ऑनलाइन पढ़ाई में शहरी विद्यालयों की छात्राओं ने अधिक दिलचस्पी ली हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की धीमी गति पढ़ाई में बाधक रही। डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि मंगलवार से व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
शासन ने लॉकडाउन अवधि में छात्र-छात्राओं को टाइम टेबल बनाकर सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक अलग-अलग विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए हैं। जिले में 32 राजकीय, 73 सहायता प्राप्त तथा 282 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। डीआईओएस दफ्तर की एक सप्ताह की कवायद से सोमवार 20 अप्रैल से कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई। शहरी क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अधिक संख्या में अपने ग्रुपों से जुड़े हैं। जीजीआईसी बिजनौर की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा के अनुसार पढ़ाई के बीच में छात्राओं ने मोबाइल के द्वारा सवालों से जुड़ी समस्याएं भी रखी हैं। जिले में वित्त विहीन विद्यालयों की संख्या सबसे अधिक है। अधिकांश वित्त विहीन विद्यालय ग्रामीण अंचलों में हैं। ग्रामीण छात्र-छात्राओं के पास एंड्रायड फोन भी काफी कम संख्या में हैं। इसलिए पहले दिन लाभान्वित होने वाले ग्रामीण छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही।
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए इंटरनेट की धीमी स्पीड भी परेशानी पैदा करती रही। दूरस्थ ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों ने मोबाइल फोन से छात्रों को पढ़ाई के टिप्स दिए। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत यादव के अनुसार सभी विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण हुआ है। छात्रों में उत्साह था। तकनीकी समस्याओं को दूर किया जा रहा है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पहले दिन जिले के 382 विद्यालयों में समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई हुई। 3046 शिक्षकों ने विभिन्न विषय की क्लास ली, करीब 53,858 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई हैं। पहले दिन 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं इनसे लाभान्वित हुए। ऑनलाइन पढ़ाई में शहरी विद्यालयों की छात्राओं ने अधिक दिलचस्पी ली हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की धीमी गति पढ़ाई में बाधक रही। डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि मंगलवार से व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
शासन ने लॉकडाउन अवधि में छात्र-छात्राओं को टाइम टेबल बनाकर सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक अलग-अलग विषयों की ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए हैं। जिले में 32 राजकीय, 73 सहायता प्राप्त तथा 282 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। डीआईओएस दफ्तर की एक सप्ताह की कवायद से सोमवार 20 अप्रैल से कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई। शहरी क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अधिक संख्या में अपने ग्रुपों से जुड़े हैं। जीजीआईसी बिजनौर की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा के अनुसार पढ़ाई के बीच में छात्राओं ने मोबाइल के द्वारा सवालों से जुड़ी समस्याएं भी रखी हैं। जिले में वित्त विहीन विद्यालयों की संख्या सबसे अधिक है। अधिकांश वित्त विहीन विद्यालय ग्रामीण अंचलों में हैं। ग्रामीण छात्र-छात्राओं के पास एंड्रायड फोन भी काफी कम संख्या में हैं। इसलिए पहले दिन लाभान्वित होने वाले ग्रामीण छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही।
विज्ञापन
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए इंटरनेट की धीमी स्पीड भी परेशानी पैदा करती रही। दूरस्थ ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों ने मोबाइल फोन से छात्रों को पढ़ाई के टिप्स दिए। डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत यादव के अनुसार सभी विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण हुआ है। छात्रों में उत्साह था। तकनीकी समस्याओं को दूर किया जा रहा है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पहले दिन जिले के 382 विद्यालयों में समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई हुई। 3046 शिक्षकों ने विभिन्न विषय की क्लास ली, करीब 53,858 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए हैं।
विज्ञापन