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हर दिन फेल हो रहे 50 प्रतिशत लाइसेंस आवेदक
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हर दिन फेल हो रहे 50 प्रतिशत लाइसेंस आवेदक
बिजनौर। हर दिन करीब 50 प्रतिशत लाइसेंस आवेदक फेल हो रहे हैं। यातायात संकेतों की सही जानकारी न होने पर अभ्यर्थी परीक्षा पास नहीं कर पा रहे हैं। अफसरों के अनुसार रोजाना लगभग 200 अभ्यर्थियों का ऑनलाइन टेस्ट होता है। फेल होने वाले अभ्यर्थी दोबारा से ऑनलाइन 50 रुपये का शुल्क जमा कर पुन: ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं।
किसी भी वाहन का संचालन करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना जरूरी है। जिले में उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 16 से 18 साल तक के किशोरों को बिना गियर वाले वाहन चलाने के लिए और 18 साल से ऊपर के अभ्यर्थियों को गियर एवं विदआउट गियर वाले वाहनों का संचालन करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं। वर्तमान में लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन ही 350 रुपये फीस जमा करने के बाद आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद मिली तारीख और समय के आधार पर एआरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन टेस्ट देना पड़ता है। अफसरों के अनुसार ऑनलाइन मिले स्लॉट के अनुसार प्रतिदिन करीब 200 अभ्यर्थी लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए एआरटीओ ऑफिस आते हैं। ऑनलाइन टेस्ट के दौरान करीब इनमें से करीब 50 प्रतिशत अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं। आवेदकों को परीक्षा की तैयारी करके ही परीक्षा देनी चाहिए, जिससे सफलता मिल सके। एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने बताया कि यातायात नियमों की जानकारी के अभाव में दर्जनों आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस के ऑनलाइन टेस्ट में फेल हो रहे हैं। बताया कि फेल होने वाले अभ्यर्थी दोबारा से ऑनलाइन 50 रुपये फीस जमा करने के बाद रिटेस्ट दे सकते हैं।
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बिजनौर। हर दिन करीब 50 प्रतिशत लाइसेंस आवेदक फेल हो रहे हैं। यातायात संकेतों की सही जानकारी न होने पर अभ्यर्थी परीक्षा पास नहीं कर पा रहे हैं। अफसरों के अनुसार रोजाना लगभग 200 अभ्यर्थियों का ऑनलाइन टेस्ट होता है। फेल होने वाले अभ्यर्थी दोबारा से ऑनलाइन 50 रुपये का शुल्क जमा कर पुन: ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं।
किसी भी वाहन का संचालन करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना जरूरी है। जिले में उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 16 से 18 साल तक के किशोरों को बिना गियर वाले वाहन चलाने के लिए और 18 साल से ऊपर के अभ्यर्थियों को गियर एवं विदआउट गियर वाले वाहनों का संचालन करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं। वर्तमान में लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन ही 350 रुपये फीस जमा करने के बाद आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद मिली तारीख और समय के आधार पर एआरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन टेस्ट देना पड़ता है। अफसरों के अनुसार ऑनलाइन मिले स्लॉट के अनुसार प्रतिदिन करीब 200 अभ्यर्थी लाइसेंस का टेस्ट देने के लिए एआरटीओ ऑफिस आते हैं। ऑनलाइन टेस्ट के दौरान करीब इनमें से करीब 50 प्रतिशत अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं। आवेदकों को परीक्षा की तैयारी करके ही परीक्षा देनी चाहिए, जिससे सफलता मिल सके। एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने बताया कि यातायात नियमों की जानकारी के अभाव में दर्जनों आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस के ऑनलाइन टेस्ट में फेल हो रहे हैं। बताया कि फेल होने वाले अभ्यर्थी दोबारा से ऑनलाइन 50 रुपये फीस जमा करने के बाद रिटेस्ट दे सकते हैं।
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