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तेज हवाओं के चलने से किसानों की धड़कने बढ़ी
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:44 AM IST
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अमरोहा। मौसम ने शुक्रवार की शाम अचानक करवट बदल ली। तेज हवाएं चलने लगी और आसमान मेें बादल छा गए। इससे किसानों की धड़कने बढ़ गई।
शुक्रवार को दिनभर मौसम का मिजाज गर्म रहा। अन्य दिनों के मुकाबले दिन थोड़ा गर्म था। उमस भरी गर्मी का अहसास होने के साथ ही बारिश का अंदेशा बन रहा था। शाम होने तक बारिश तो नहीं पड़ी लेकिन, तेज हवाएं चलने लगी। तेज हवाओं से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गौरतलब है कि गेहूं की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी है। केवल गेहूं का कटना बाकी रह गया है। हवा या आंधी के चलने से गेहूं गिर सकता है। वहीं तेज हवाओं के साथ बारिश पड़ गई तो गेहूं के लिए काफी नुकसानदायक साबित होगी। हवाओं के साथ बारिश होने के डर से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई। किसान ओमपाल सिंह, रामवीर सिंह, सुरेश आदि ने बताया कि इन दिनों ओला पड़ने की संभावना भी रहती है। वहीं बारिश भी पड़ गई तो किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। पकी हुई फसल बर्बाद हो सकती है। उधर तेज हवाओं के चलने से सड़कों पर धूल के गुब्बार उड़ने लगे।
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शुक्रवार को दिनभर मौसम का मिजाज गर्म रहा। अन्य दिनों के मुकाबले दिन थोड़ा गर्म था। उमस भरी गर्मी का अहसास होने के साथ ही बारिश का अंदेशा बन रहा था। शाम होने तक बारिश तो नहीं पड़ी लेकिन, तेज हवाएं चलने लगी। तेज हवाओं से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गौरतलब है कि गेहूं की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी है। केवल गेहूं का कटना बाकी रह गया है। हवा या आंधी के चलने से गेहूं गिर सकता है। वहीं तेज हवाओं के साथ बारिश पड़ गई तो गेहूं के लिए काफी नुकसानदायक साबित होगी। हवाओं के साथ बारिश होने के डर से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई। किसान ओमपाल सिंह, रामवीर सिंह, सुरेश आदि ने बताया कि इन दिनों ओला पड़ने की संभावना भी रहती है। वहीं बारिश भी पड़ गई तो किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। पकी हुई फसल बर्बाद हो सकती है। उधर तेज हवाओं के चलने से सड़कों पर धूल के गुब्बार उड़ने लगे।