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एसई दफ्तर पर शव रख किया हंगामा
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:44 AM IST
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बिजनौर। तिमरपुर बिजलीघर के संविदा कर्मी की फाल्ट ठीक करते समय करंट लगने से हुई मौत से नाराज ग्रामीणों ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर शव रखकर हंगामा किया। करीब पौने दो घंटे के हंगामे के बाद अधीक्षण अभियंता के मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का चेक और पचास हजार रुपये नगद दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।
थाना मंडावर के ग्राम तीतरवाला निवासी अमित कुमार (24) तिमरपुर बिजलीघर पर तीन साल से संविदा पर काम कर रहा है। बुधवार की शाम चार बजे वह ग्राम टीमला के रहने वाले राजेंद्र सिंह के दो टूटे विद्युत खंभे ठीक करने गया था। दूसरा संविदा कर्मी ग्राम बिलासपुर निवासी लोकेश कुमार साथ था। परिजनों के अनुसार अमित ने खंभे ठीक करने के लिए शट डाउन ले रखा था। लोकेश कुमार खंभे पर चढ़ा था। अमित टूटे तार को बांध रहा था। आरोप है कि अचानक तार में करंट आ गया। इससे अमित गंभीर रूप से झुलस गया। बिजनौर अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जेई दीपक कुमार के अतिरिक्त कोई भी बिजली अधिकारी उनके गांव सांत्वना देने नहीं पहुंचा है। बृहस्पतिवार को अमित का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद ग्रामवासी शव लेकर अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। उस समय अधीक्षण अभियंता दफ्तर में नहीं थे। इस बीच वहां पहुंचे रालोद जिला अध्यक्ष अशोक चौधरी ने एडीएम प्रशासन को घटना की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता रणजीत सिंह यादव भी मौके पर आ गए। जिला अध्यक्ष ने मृतक के परिजनों के साथ अधीक्षण से बात की। ग्रामवासी पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।
अधिशासी अभियंता नजीबाबाद को मौके पर बुला लिया गया। करीब डेढ़ बजे पांच लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। ग्रामवासी तुरंत चेक देने की मांग कर रहे थे। इस पर अधीक्षण अभियंता ने चेक दिलवा दिया। उन्होंने 50 हजार रुपये अपनी ओर से दिए। इसके बाद मामला शांत हो गया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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क्षेत्र में अवैध बिजली लाइन चलने का आरोप
बिजनौर। ग्रामवासियों के अनुसार अमित अविवाहित था। उसका रिश्ता तय हो गया था। ग्रामीण अनिल, गंभीर, नेपाल आदि का आरोप था कि क्षेत्र में अवैध बिजली लाइल धड़ल्ले से चल रही है। निगम अधिकारी और कर्मचारी हमसाज है। लकड़ी की बल्लियों पर तार खिंचे हैं। तार कमजोर हैं। आए दिन टूटते रहते हैं।
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थाना मंडावर के ग्राम तीतरवाला निवासी अमित कुमार (24) तिमरपुर बिजलीघर पर तीन साल से संविदा पर काम कर रहा है। बुधवार की शाम चार बजे वह ग्राम टीमला के रहने वाले राजेंद्र सिंह के दो टूटे विद्युत खंभे ठीक करने गया था। दूसरा संविदा कर्मी ग्राम बिलासपुर निवासी लोकेश कुमार साथ था। परिजनों के अनुसार अमित ने खंभे ठीक करने के लिए शट डाउन ले रखा था। लोकेश कुमार खंभे पर चढ़ा था। अमित टूटे तार को बांध रहा था। आरोप है कि अचानक तार में करंट आ गया। इससे अमित गंभीर रूप से झुलस गया। बिजनौर अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जेई दीपक कुमार के अतिरिक्त कोई भी बिजली अधिकारी उनके गांव सांत्वना देने नहीं पहुंचा है। बृहस्पतिवार को अमित का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद ग्रामवासी शव लेकर अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। उस समय अधीक्षण अभियंता दफ्तर में नहीं थे। इस बीच वहां पहुंचे रालोद जिला अध्यक्ष अशोक चौधरी ने एडीएम प्रशासन को घटना की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता रणजीत सिंह यादव भी मौके पर आ गए। जिला अध्यक्ष ने मृतक के परिजनों के साथ अधीक्षण से बात की। ग्रामवासी पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।
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अधिशासी अभियंता नजीबाबाद को मौके पर बुला लिया गया। करीब डेढ़ बजे पांच लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। ग्रामवासी तुरंत चेक देने की मांग कर रहे थे। इस पर अधीक्षण अभियंता ने चेक दिलवा दिया। उन्होंने 50 हजार रुपये अपनी ओर से दिए। इसके बाद मामला शांत हो गया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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क्षेत्र में अवैध बिजली लाइन चलने का आरोप
बिजनौर। ग्रामवासियों के अनुसार अमित अविवाहित था। उसका रिश्ता तय हो गया था। ग्रामीण अनिल, गंभीर, नेपाल आदि का आरोप था कि क्षेत्र में अवैध बिजली लाइल धड़ल्ले से चल रही है। निगम अधिकारी और कर्मचारी हमसाज है। लकड़ी की बल्लियों पर तार खिंचे हैं। तार कमजोर हैं। आए दिन टूटते रहते हैं।