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बाल संसद में गूंजेंगी स्कूली बच्चों की समस्याएं
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:28 AM IST
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बिजनौर । परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाल संसद का गठन किया जाएगा। प्रत्येक सप्ताह बाल संसद की बैठक होगी। जिसमें बच्चों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की समीक्षा की जाएगी। बाल संसद में बच्चों को मंत्रियों की तरह ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
बाल संसद में स्वच्छता मंत्री, अनुशासन मंत्री, जलमंत्री, पर्यावरण मंत्री आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए बाल संसद का अध्यक्ष व सचिव का गठन भी करने के आदेश दिए गए हैं। बाल संसद की बैठक प्रत्येक सप्ताह में एक बार आयोजित होगी। इसमें सप्ताह के कामकाज पर चर्चा कराई जाएगी। स्कूलों में अच्छा माहौल तैयार करने, पौधरोपण आदि कार्यों में भी बाल संसद का सहयोग लिया जाएगा। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा उमा पाल ने बताया कि जिले के स्कूलों में बाल संसद के गठन करने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों में अभी तक बाल संसद नहीं बनी हैं। उन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को जल्द गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उच्च प्राथमिक स्कूलों में बने मीना मंचों को सक्रिय करने को कहा गया है।
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बाल संसद में स्वच्छता मंत्री, अनुशासन मंत्री, जलमंत्री, पर्यावरण मंत्री आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए बाल संसद का अध्यक्ष व सचिव का गठन भी करने के आदेश दिए गए हैं। बाल संसद की बैठक प्रत्येक सप्ताह में एक बार आयोजित होगी। इसमें सप्ताह के कामकाज पर चर्चा कराई जाएगी। स्कूलों में अच्छा माहौल तैयार करने, पौधरोपण आदि कार्यों में भी बाल संसद का सहयोग लिया जाएगा। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा उमा पाल ने बताया कि जिले के स्कूलों में बाल संसद के गठन करने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों में अभी तक बाल संसद नहीं बनी हैं। उन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को जल्द गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उच्च प्राथमिक स्कूलों में बने मीना मंचों को सक्रिय करने को कहा गया है।
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