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बंद से 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:29 AM IST
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भारत बंद के दौरान बिजनौर में बंद पड़ा बाजार।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में व्यापारियों की दुकानों पर मनमाने तरीके से खाद्यान्नों का सैंपल लेने और जीएसटी के विरोध में जिले में भारत बंद सफल रहा। जिला मुख्यालय में पूरा बाजार बंद रहा। चाय की दुकान तक नहीं खुली। बाजार सन्नाटा पसरा रहा। कुछ दुकानें खुली भी तो उन्हें बंद करा दिया गया। दुकानें बंद कराने को लेेकर व्यापारियों की एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह से नोकझोंक भी हुई। भारत बंद से जिले में करीब 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
भारत बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारी दो दिन से बाइक रैली निकाल रहे थे। बृहस्पतिवार रात को ही मुख्य और आसपास के बाजार में लाउड स्पीकर लगवाए गए थे। सुबह को आठ बजे से ही उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल के नेतृत्व में व्यापारी मुख्य पोस्ट ऑफिस के पास चौराहे पर जाकर बैठ गए और माइक से व्यापारियों से बंद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बाजार में कहीं पर भी दुकान खुलती तो व्यापारी माइक से अपील कर दुकान बंद करा देते। मुख्य बाजार के अलावा चाहशीरी, राम का चौराहा, रम्मू का चौराहा, सिविल लाइंस आदि पर दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। चाय की दुकान, होटल भी बंद रहे। शास्त्री चौक के पास कुछ दुकानें खुलीं तो व्यापारी दुकान बंद कराने के लिए वहां पहुंच गए। एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह भी वहां आ गए। उन्होंने कहा कि बंद स्वैच्छिक है, किसी को भी दुकान बंद करने के लिए दबाव में नहीं लिया जा सकता है। इस बात पर व्यापारियों व एसपी सिटी में नोकझोंक हो गई। मनोज कुच्छल समेत तमाम व्यापारी शास्त्री चौक पर नजीबाबाद रोड पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस के समझाने पर करीब 15 मिनट व्यापारी सड़क से उठे। एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह पुलिस बल के साथ बाजार में गश्त करते रहे। भारत बंद पूरी तरह सफल होने पर व्यापारी गदगद नजर आए। व्यापारी नेता मनोज कुच्छल ने बताया कि ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से जिले में करीब 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस दौरान दिलशाद खान, रजनीश अग्रवाल, अरूण वर्मा, सचिन राजपूत, मानव सचदेवा, विजेंद्र चौहान, बब्बर, संजीव अग्रवाल, अजय अग्रवाल, राजेंद्र गौतम, नदीम अहमद, शहजाद आदि मौजूद रहे।
ई फार्मेसी के विरोध में उतरे दवा विक्रेता
बिजनौर। ऑल इंडिया ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट फेडरेशन के आह्वान पर वेब पोर्टल द्वारा ऑन लाइन दवा बिक्री के प्रस्ताव के विरोध में जिला मुख्यालय पर स्थित मेडिकल स्टोर पूर्णत: बंद रहे। इसके विरोध में औषधि विक्रेता संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन एवं औषधि विक्रेता संघ के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में औषधि विक्रेता सिविल लाइन स्थित नवयुग मार्केट में एकत्रित हुए। कलक्ट्रेट पहुंचकर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि भारत सरकार दवाओं की बिक्री के संबंध में नए अध्यादेश लाकर औषधि विक्रेताओं का उत्पीड़न कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ई फार्मेसी लागू करने से औषधि विक्रेताओं पर आर्थिक भार पड़ेगा। जबकि उपभोक्ता को कोई लाभ नहीं होगा। ज्ञापन में औषधि विक्रेताओं ने ई फार्मेसी पर रोक लगाने, दवाओं के निर्माण से लेकर उपयोग तक ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट का पालन कराने, भंडारण नियमों और कोल्ड चेन को लागू कराने, गैर कानूनी दवा के व्यापार पर अविलंब रोक लगाने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने, क्षय रोग की दवाओं की बिक्री का विवरण जिला क्षय रोग अधिकारी को प्रति माह देने आदि शामिल हैं। ज्ञापन देने वालों में संरक्षक शरद खन्ना, अध्यक्ष सोनवीर सिंह, डॉ. जितेंद्र चौधरी, सचिव जमीरुद्दीन उस्मानी, नरेश गुलाटी, नवीन भारद्वाज, अवधेश चौधरी, हिमांशु भारद्वाज, गौतम शर्मा आदि रहे।
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स्टोर बंद होने से मरीज परेशान
बिजनौर। ई फार्मेसी के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को मेडिकल स्टोर पूर्णत: बंद रहे। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को राष्ट्रीय आह्वान पर जिले भर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदने के आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे एक ओर जहां मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं दवा विक्रेताओं ने भी काफी नुकसान हुआ। ओमपाल सिंह, राजकुमार, बिजेंद्र कुमार, बंटी, आशीष आदि ने बताया कि वे सुबह करीब 11 बजे से दवाई के लिए भटक रहे हैं। लेकिन उन्हें कोई मेडिकल स्टोर खुला नहीं मिला। मायूस होकर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
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भारत बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारी दो दिन से बाइक रैली निकाल रहे थे। बृहस्पतिवार रात को ही मुख्य और आसपास के बाजार में लाउड स्पीकर लगवाए गए थे। सुबह को आठ बजे से ही उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल के नेतृत्व में व्यापारी मुख्य पोस्ट ऑफिस के पास चौराहे पर जाकर बैठ गए और माइक से व्यापारियों से बंद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बाजार में कहीं पर भी दुकान खुलती तो व्यापारी माइक से अपील कर दुकान बंद करा देते। मुख्य बाजार के अलावा चाहशीरी, राम का चौराहा, रम्मू का चौराहा, सिविल लाइंस आदि पर दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। चाय की दुकान, होटल भी बंद रहे। शास्त्री चौक के पास कुछ दुकानें खुलीं तो व्यापारी दुकान बंद कराने के लिए वहां पहुंच गए। एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह भी वहां आ गए। उन्होंने कहा कि बंद स्वैच्छिक है, किसी को भी दुकान बंद करने के लिए दबाव में नहीं लिया जा सकता है। इस बात पर व्यापारियों व एसपी सिटी में नोकझोंक हो गई। मनोज कुच्छल समेत तमाम व्यापारी शास्त्री चौक पर नजीबाबाद रोड पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस के समझाने पर करीब 15 मिनट व्यापारी सड़क से उठे। एसपी सिटी डा. दिनेश सिंह पुलिस बल के साथ बाजार में गश्त करते रहे। भारत बंद पूरी तरह सफल होने पर व्यापारी गदगद नजर आए। व्यापारी नेता मनोज कुच्छल ने बताया कि ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से जिले में करीब 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस दौरान दिलशाद खान, रजनीश अग्रवाल, अरूण वर्मा, सचिन राजपूत, मानव सचदेवा, विजेंद्र चौहान, बब्बर, संजीव अग्रवाल, अजय अग्रवाल, राजेंद्र गौतम, नदीम अहमद, शहजाद आदि मौजूद रहे।
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ई फार्मेसी के विरोध में उतरे दवा विक्रेता
बिजनौर। ऑल इंडिया ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट फेडरेशन के आह्वान पर वेब पोर्टल द्वारा ऑन लाइन दवा बिक्री के प्रस्ताव के विरोध में जिला मुख्यालय पर स्थित मेडिकल स्टोर पूर्णत: बंद रहे। इसके विरोध में औषधि विक्रेता संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन एवं औषधि विक्रेता संघ के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में औषधि विक्रेता सिविल लाइन स्थित नवयुग मार्केट में एकत्रित हुए। कलक्ट्रेट पहुंचकर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि भारत सरकार दवाओं की बिक्री के संबंध में नए अध्यादेश लाकर औषधि विक्रेताओं का उत्पीड़न कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ई फार्मेसी लागू करने से औषधि विक्रेताओं पर आर्थिक भार पड़ेगा। जबकि उपभोक्ता को कोई लाभ नहीं होगा। ज्ञापन में औषधि विक्रेताओं ने ई फार्मेसी पर रोक लगाने, दवाओं के निर्माण से लेकर उपयोग तक ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट का पालन कराने, भंडारण नियमों और कोल्ड चेन को लागू कराने, गैर कानूनी दवा के व्यापार पर अविलंब रोक लगाने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने, क्षय रोग की दवाओं की बिक्री का विवरण जिला क्षय रोग अधिकारी को प्रति माह देने आदि शामिल हैं। ज्ञापन देने वालों में संरक्षक शरद खन्ना, अध्यक्ष सोनवीर सिंह, डॉ. जितेंद्र चौधरी, सचिव जमीरुद्दीन उस्मानी, नरेश गुलाटी, नवीन भारद्वाज, अवधेश चौधरी, हिमांशु भारद्वाज, गौतम शर्मा आदि रहे।
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स्टोर बंद होने से मरीज परेशान
बिजनौर। ई फार्मेसी के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को मेडिकल स्टोर पूर्णत: बंद रहे। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को राष्ट्रीय आह्वान पर जिले भर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदने के आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे एक ओर जहां मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं दवा विक्रेताओं ने भी काफी नुकसान हुआ। ओमपाल सिंह, राजकुमार, बिजेंद्र कुमार, बंटी, आशीष आदि ने बताया कि वे सुबह करीब 11 बजे से दवाई के लिए भटक रहे हैं। लेकिन उन्हें कोई मेडिकल स्टोर खुला नहीं मिला। मायूस होकर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।