{"_id":"5e54108b8ebc3ef40d4ec2d0","slug":"38-complaints-against-noise-pollution-bijnor-news-mrt4706562186","type":"story","status":"publish","title_hn":"ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आईं 38 शिकायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आईं 38 शिकायतें
विज्ञापन
ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आईं 38 शिकायतें
बिजनौर। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ शासन की मुहिम का असर दिखने लगा है। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ शुरू की गई 112 हेल्पलाइन नंबर पर जनता शिकायत कर रही है। जिले में में अब तक 38 शिकायतें आ चुकी हैं। ध्वनि प्रदूषण करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है।
बैंक्वेट हॉल आदि स्थानों पर ध्वनि के मापदंडों का उल्लंघन किया जाता है। ध्वनि के प्रसार के मापदंड होते हैं, लेकिन इनका पालन नहीं किया जाता है। ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए शासन ने 112 हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। बोर्ड परीक्षा में इसकी शुरूआत की गई। ध्वनि प्रदूषण विद्यार्थियों की पढ़ाई तो बाधित करता ही है, बीमार व बुजुर्गों को भी इससे परेशानी उठानी पड़ती है। ध्वनि प्रदूषण को डेसिबल में मापा जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75, रात में 70, वाणिज्य क्षेत्र में दिन में 65, रात में 55, आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 व रात में 45, शांत परिक्षेत्र में दिन में 50 तथा रात में 40 डेसिबल है। जिले में भी इसके बारे में जनता को बताया गया। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जनता ने शिकायतें भी की हैं। हेल्पलाइन 112 में तैनात कर्मचारियों को पूरा प्रशिक्षण दिया गया था। जिले में अब तक ध्वनि प्रदूषण की 38 शिकायतेें मिलीं हैं। इन सब में कार्रवाई की गई है। केवल दो मामलों में ध्वनि प्रदूषण की दोबारा शिकायत की गई है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण के मामलों में जो शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
बिजनौर। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ शासन की मुहिम का असर दिखने लगा है। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ शुरू की गई 112 हेल्पलाइन नंबर पर जनता शिकायत कर रही है। जिले में में अब तक 38 शिकायतें आ चुकी हैं। ध्वनि प्रदूषण करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है।
बैंक्वेट हॉल आदि स्थानों पर ध्वनि के मापदंडों का उल्लंघन किया जाता है। ध्वनि के प्रसार के मापदंड होते हैं, लेकिन इनका पालन नहीं किया जाता है। ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए शासन ने 112 हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। बोर्ड परीक्षा में इसकी शुरूआत की गई। ध्वनि प्रदूषण विद्यार्थियों की पढ़ाई तो बाधित करता ही है, बीमार व बुजुर्गों को भी इससे परेशानी उठानी पड़ती है। ध्वनि प्रदूषण को डेसिबल में मापा जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75, रात में 70, वाणिज्य क्षेत्र में दिन में 65, रात में 55, आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 व रात में 45, शांत परिक्षेत्र में दिन में 50 तथा रात में 40 डेसिबल है। जिले में भी इसके बारे में जनता को बताया गया। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जनता ने शिकायतें भी की हैं। हेल्पलाइन 112 में तैनात कर्मचारियों को पूरा प्रशिक्षण दिया गया था। जिले में अब तक ध्वनि प्रदूषण की 38 शिकायतेें मिलीं हैं। इन सब में कार्रवाई की गई है। केवल दो मामलों में ध्वनि प्रदूषण की दोबारा शिकायत की गई है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक ध्वनि प्रदूषण के मामलों में जो शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन