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वाहनों की गति को नियंत्रित करेगा स्पीड गवर्नर

Wed, 06 Feb 2019 12:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:31 AM IST
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वाहनों की गति को नियंत्रित करेगा स्पीड गवर्नर
वाहनों की गति को नियंत्रित करेगा स्पीड गवर्नर
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बिजनौर। जिले में संचालित होने वाले वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए जिला परिवहन विभाग सख्त हो गया है। तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए वाहनों में स्पीड गवर्नर को लेकर जांच पड़ताल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे एक ओर वाहनों में स्पीड गवर्नर लगवाने से वाहनों की गति नियंत्रित होगी, तो वहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं का अंदेशा भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
प्रतिदिन जिले में करीब 50 हजार वाहनों का संचालन होता है। इनमें करीब 12 हजार के आसपास कामर्शियल वाहन हैं। शहर में अन्य जिलों को जोड़ने वाले कई प्रमुख मार्ग भी हैं, जहां दिन भर ट्रैफिक रहता है। इस स्थिति के बावजूद जिले में अनेक वाहन चालक ऐसे हैं, जो नियमों का पालन करने में कोताही बरतते हैं। वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क पर अंधाधुंध दौड़ाते हैं। ऐसे वाहनों की गति पर विराम लगाने के लिए जिला परिवहन विभाग योजना पर काम कर रहा है। अफसरों के अनुसार कामर्शियल वाहनों की अंधाधुंध गति को कंट्रोल करने के लिए स्पीड गवर्नर पर जोर दिया जा रहा है।
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इसके अंतर्गत अब बस, ट्रक, डंपर, स्कूल बसों सहित अन्य कामर्शियल वाहनों स्पीड गवर्नर को लेकर सख्ती की जाएगी। वाहनों गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए जिले का परिवहन विभाग कामर्शियल वाहनों में ऑटोमेटिक स्पीड गवर्नर लगवाएगा। ऐसा होने पर वाहन चालक ओवरस्पीडिंग नहीं कर पाएंगे। एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि अभियान चलाकर वाहनों में स्पीड गवर्नर लगवाए जाएंगे। इनमें ऐसी तकनीक लगी है, वाहन चालक इससे छेड़छाड़ करेंगे तो फिटनेस के समय इसका चल जाएगा।
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छेड़छाड़ की तो फिटनेस होगी निरस्त
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे के अनुसार यदि जांच के दौरान स्पीड गवर्नर डिवाइस में छेड़छाड़ पाई जाती है, तो वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा वाहनों की विंड स्क्रीन पर वाहन की गति और क्यूआर कोड का वर्णन करने वाला एक स्टीकर भी चस्पा किया जाना आवश्यक है, जो वेदर प्रूफ को प्रदर्शित करेगा। वाहनों में निर्धारित मापदंड के स्पीड गवर्नर लगवाने से वाहनों की गति नियंत्रण में होगी और दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी। स्पीड गवर्नर डिवाइस की यूनिक आईडी नंबर व ऑनलाइन फीडिंग होना अनिवार्य है। व्यवस्था से शासन से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार तय मानकों का पालन होगा।
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