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शासन के निर्देश के बाद बोर्ड परीक्षा में सैक्टरों की संख्या बढ़ी
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:33 AM IST
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बोर्ड परीक्षा में सेक्टर की संख्या बढ़ी
बिजनौर। शासन बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए कोई कसर छोड़ना नहीं चाहता है। लगातार विडियो कांफ्रेंसिंग हो रही है। नए निर्देशों के बाद बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए उड़नदस्तों, सेक्टर मजिस्ट्रेट की संख्या बढ़ा दी गई है। अब जिले को 20 सेक्टर में बांटकर निगरानी होगी। एलआईयू ड्यूटी पर लगे हर केंद्र की गतिविधि पर निगाह रखेगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटर की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो रही हैं। शासन नकलविहिन परीक्षा कराने के लिए डीआईओएस के साथ लगातार समीक्षा कर रहा है। शासन के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यवस्थाओं को और चुस्त दुरुस्त करने के निर्देश मिले हैं। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पहले जिले को 15 सेक्टर में बांटा गया था। अब सेक्टर बढ़ाकर 20 कर दिए गए हैं। परीक्षा में छापामारी के लिए उड़नदस्तों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ कर दी गई है। अतिसंवेदनशील, संवेदनशील परीक्षा केंद्र पर गुप्त निगाह होगी। एलआईयू परीक्षा केंद्र और कक्ष निरीक्षकों की हर पाली की सूचना रोजाना देगी। कहीं शिकायत मिली तो त्वरित मौके पर ही कार्रवाई होगी। परीक्षा में करीब सात हजार कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं। इनमें माध्यमिक विद्यालयों के चार हजार और बेसिक शिक्षा विभाग के करीब तीन हजार शिक्षक हैं।
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बिजनौर। शासन बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए कोई कसर छोड़ना नहीं चाहता है। लगातार विडियो कांफ्रेंसिंग हो रही है। नए निर्देशों के बाद बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए उड़नदस्तों, सेक्टर मजिस्ट्रेट की संख्या बढ़ा दी गई है। अब जिले को 20 सेक्टर में बांटकर निगरानी होगी। एलआईयू ड्यूटी पर लगे हर केंद्र की गतिविधि पर निगाह रखेगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटर की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू हो रही हैं। शासन नकलविहिन परीक्षा कराने के लिए डीआईओएस के साथ लगातार समीक्षा कर रहा है। शासन के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यवस्थाओं को और चुस्त दुरुस्त करने के निर्देश मिले हैं। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पहले जिले को 15 सेक्टर में बांटा गया था। अब सेक्टर बढ़ाकर 20 कर दिए गए हैं। परीक्षा में छापामारी के लिए उड़नदस्तों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ कर दी गई है। अतिसंवेदनशील, संवेदनशील परीक्षा केंद्र पर गुप्त निगाह होगी। एलआईयू परीक्षा केंद्र और कक्ष निरीक्षकों की हर पाली की सूचना रोजाना देगी। कहीं शिकायत मिली तो त्वरित मौके पर ही कार्रवाई होगी। परीक्षा में करीब सात हजार कक्ष निरीक्षक लगाए गए हैं। इनमें माध्यमिक विद्यालयों के चार हजार और बेसिक शिक्षा विभाग के करीब तीन हजार शिक्षक हैं।
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