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स्लाटर हाउस पर शासन के फैसले का स्वागत
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:09 AM IST
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स्लाटर हाउस पर शासन के फैसले का स्वागत
बिजनौर। अब नगर पालिका और नगर पंचायत स्लाटर हाउस का संचालन नहीं करेंगे शासन ने इस से संबंधित अधिनियम में संशोधन किया है। शासन का यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संबंध में जब पालिका अध्यक्षों से बात की गई तो उन्होंने प्रदेश सरकार के फैसले को सही बताया।
नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में स्लाटर हाउस चलाने के लिए इन विभागों की परमिशन लेनी होती है, लेकिन स्थानीय राजनीति के चलते यहां पर नियमों को ताक पर रख दिया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्लाटर हाउस की जांच कराई तो प्रदेश भर में स्लाटर हाउस संचालन में घोर लापरवाही सामने आई थी बिजनौर में भी कई नगरपालिकाओं में नियमों को ताक पर रखकर स्लाटर हाउस चलाए जा रहे थे। बिजनौर नगर पालिका चेयर पर्सन रुखसाना परवीन का कहना है की शासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। समाजसेवी हसनैन नकवी का कहना है कि स्लाटर हाउस में बीमार पशु भी काट दिए जाते थे। अब स्लाटर हाउस की व्यवस्था किसी जिम्मेदार विभाग को मिलनी चाहिए। नगर पंचायत झालू के चेयरमैन शहजाद अहमद का कहना है की उनके कार्यकाल में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं होगी। अगर शासन ने स्लाटर हाउस के अधिनियम में परिवर्तन किया है तो उसका स्वागत होगा।
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बिजनौर। अब नगर पालिका और नगर पंचायत स्लाटर हाउस का संचालन नहीं करेंगे शासन ने इस से संबंधित अधिनियम में संशोधन किया है। शासन का यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संबंध में जब पालिका अध्यक्षों से बात की गई तो उन्होंने प्रदेश सरकार के फैसले को सही बताया।
नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में स्लाटर हाउस चलाने के लिए इन विभागों की परमिशन लेनी होती है, लेकिन स्थानीय राजनीति के चलते यहां पर नियमों को ताक पर रख दिया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्लाटर हाउस की जांच कराई तो प्रदेश भर में स्लाटर हाउस संचालन में घोर लापरवाही सामने आई थी बिजनौर में भी कई नगरपालिकाओं में नियमों को ताक पर रखकर स्लाटर हाउस चलाए जा रहे थे। बिजनौर नगर पालिका चेयर पर्सन रुखसाना परवीन का कहना है की शासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। समाजसेवी हसनैन नकवी का कहना है कि स्लाटर हाउस में बीमार पशु भी काट दिए जाते थे। अब स्लाटर हाउस की व्यवस्था किसी जिम्मेदार विभाग को मिलनी चाहिए। नगर पंचायत झालू के चेयरमैन शहजाद अहमद का कहना है की उनके कार्यकाल में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं होगी। अगर शासन ने स्लाटर हाउस के अधिनियम में परिवर्तन किया है तो उसका स्वागत होगा।
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