{"_id":"59fcbfb04f1c1b78548babcf","slug":"31509736368-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में स्वच्छता अभियान की होगी निरन्तर समीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में स्वच्छता अभियान की होगी निरन्तर समीक्षा
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूलों में स्वच्छता अभियान की होगी निरंतर समीक्षा
बिजनौर। शासन के निर्देश पर परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों में साफ सफाई के लिए अभियान चलेगा। सफाई अभियान की शिक्षा विभाग के अधिकारी निरंतर समीक्षा भी करेंगे। साफ-सफाई नहीं होने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के आदेश दिए हैं। स्कूलों में शौचालयों की सफाई के साथ आंतरिक सौंदर्यीकरण एवं स्कूल के बाह्य सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने को कहा गया है। शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश में दो सप्ताह के भीतर स्कूलों की साफ सफाई कराने को कहा है। इस कार्य को अभियान चला कर इसकी निगरानी रखने के आदेश भी दिए हैं। स्कूलों का सौंदर्यीकरण कराने में शिक्षा विभाग के शिक्षक रुचि लें। कार्यक्रम की निरंतर समीक्षा शिक्षा विभाग के अधिकारी करेंगे। जो शिक्षक लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाए कि स्कूलों की प्रतिदिन साफ सफाई हो रही है या नहीं। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शासन के निर्देशों का पालन कराने को कहा है तथा सफाई अभियान की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
सफाई कर्मचारी नहीं होने से आती है परेशानी
जिले में करीब 2500 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। पर इन स्कूलों में अलग से सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। 400 स्कूल ऐसे बताए जाते हैं जिनमें मानदेय पर सफाई कर्मचारी हैं। अन्य स्कूलों की साफ सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों में लगे सफाई कर्मचारियों की है। शिक्षकों का कहना है कि सफाई कर्मचारी समय पर स्कूलों में नहीं आते। अधिकांश स्कूलों में एक सप्ताह में एक बार सफाई कर्मचारी आते हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह, चौधरी अंगजीत सिंह व उपाध्यक्ष सुहेल अख्तर बेग ने परिषदीय स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। शासन के निर्देश पर परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों में साफ सफाई के लिए अभियान चलेगा। सफाई अभियान की शिक्षा विभाग के अधिकारी निरंतर समीक्षा भी करेंगे। साफ-सफाई नहीं होने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के आदेश दिए हैं। स्कूलों में शौचालयों की सफाई के साथ आंतरिक सौंदर्यीकरण एवं स्कूल के बाह्य सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने को कहा गया है। शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश में दो सप्ताह के भीतर स्कूलों की साफ सफाई कराने को कहा है। इस कार्य को अभियान चला कर इसकी निगरानी रखने के आदेश भी दिए हैं। स्कूलों का सौंदर्यीकरण कराने में शिक्षा विभाग के शिक्षक रुचि लें। कार्यक्रम की निरंतर समीक्षा शिक्षा विभाग के अधिकारी करेंगे। जो शिक्षक लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाए कि स्कूलों की प्रतिदिन साफ सफाई हो रही है या नहीं। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शासन के निर्देशों का पालन कराने को कहा है तथा सफाई अभियान की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सफाई कर्मचारी नहीं होने से आती है परेशानी
जिले में करीब 2500 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। पर इन स्कूलों में अलग से सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। 400 स्कूल ऐसे बताए जाते हैं जिनमें मानदेय पर सफाई कर्मचारी हैं। अन्य स्कूलों की साफ सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों में लगे सफाई कर्मचारियों की है। शिक्षकों का कहना है कि सफाई कर्मचारी समय पर स्कूलों में नहीं आते। अधिकांश स्कूलों में एक सप्ताह में एक बार सफाई कर्मचारी आते हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह, चौधरी अंगजीत सिंह व उपाध्यक्ष सुहेल अख्तर बेग ने परिषदीय स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विज्ञापन