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कासमपुरगढ़ी ब्लॉक की आधा दर्जन पंचायतों सचिवों से विहीन
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:36 AM IST
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छह से ज्यादा पंचायतों मेें सचिव नहीं
रेहड़। कासमपुरगढ़ी ब्लाक की आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों में ग्राम पंचायत सचिव नहीं हैं। पंचायतों में सचिवों की तैनाती न होने से गांवों के विकास कार्य चौपट हो गए हैं। निर्माण कार्य कराने के बाद ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
ब्लाक की गोवर्धनपुर, उदयपुर, चांदपुर, भटपुरा, पुक्खेवाला, त्रिलोकपुर, फतेहपुर धारा, छजमलवाला सहित आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों में ग्राम सचिवों के पद खाली हैं। ग्राम प्रधानों का आरोप है कि पंचायत खाली हुए एक माह से ज्यादा का समय हो गया है। लेकिन अभी तक सेक्रेटरी को पंचायत में नहीं भेजा रहा है। गांववासी विकास कार्य कराने का दबाव बना रहे हैं। ठेकेदारों का विकास कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना का भी सर्वे नहीं हो पा रहा है। न ही जरूरतमंदों की पेंशन ही हो पा रही हैं। राज्य वित्त में धन होने के बाद भी उसे विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया जा रहा है। डेढ़ साल तक ब्लाक में विकास कार्य अधिकारियों की हिलावाली के चलते ठप रहे। अब अधिकारियों ने सचिवों को ओडीएफ में लगा दिया है। प्रधानों ने डीएम से सचिवों को वापस पंचायतों में भेजने की मांग की है। उधर, एडीओ रविकांत वर्मा का कहना है कि शीघ्र ही सचिवों की पंचायतों में वापसी हो जाएगी।
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रेहड़। कासमपुरगढ़ी ब्लाक की आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों में ग्राम पंचायत सचिव नहीं हैं। पंचायतों में सचिवों की तैनाती न होने से गांवों के विकास कार्य चौपट हो गए हैं। निर्माण कार्य कराने के बाद ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
ब्लाक की गोवर्धनपुर, उदयपुर, चांदपुर, भटपुरा, पुक्खेवाला, त्रिलोकपुर, फतेहपुर धारा, छजमलवाला सहित आधा दर्जन से ज्यादा पंचायतों में ग्राम सचिवों के पद खाली हैं। ग्राम प्रधानों का आरोप है कि पंचायत खाली हुए एक माह से ज्यादा का समय हो गया है। लेकिन अभी तक सेक्रेटरी को पंचायत में नहीं भेजा रहा है। गांववासी विकास कार्य कराने का दबाव बना रहे हैं। ठेकेदारों का विकास कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना का भी सर्वे नहीं हो पा रहा है। न ही जरूरतमंदों की पेंशन ही हो पा रही हैं। राज्य वित्त में धन होने के बाद भी उसे विकास कार्यों पर खर्च नहीं किया जा रहा है। डेढ़ साल तक ब्लाक में विकास कार्य अधिकारियों की हिलावाली के चलते ठप रहे। अब अधिकारियों ने सचिवों को ओडीएफ में लगा दिया है। प्रधानों ने डीएम से सचिवों को वापस पंचायतों में भेजने की मांग की है। उधर, एडीओ रविकांत वर्मा का कहना है कि शीघ्र ही सचिवों की पंचायतों में वापसी हो जाएगी।
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