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यूक्रेन से लौटे जिले के 29 छात्र, बाकी का इंतजार
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यूक्रेन से लौटने के बाद बिजनौर के ग्राम स्वाहेड़ी में अपने परिजनों से आपबीती सुनाते विपिन कुमार?
- फोटो : BIJNOR
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यूक्रेन से लौटे जिले के 29 छात्र, बाकी का इंतजार
बिजनौर। अब तक जिले के 29 छात्रों की यूक्रेन से वतनवापसी हो गई है। छात्र-छात्राओं के घर लौट आने से परिवार वालों की चिंताएं दूर हो गई हैं। हालांकि काफी छात्रों के अभी लौटने का इंतजार किया जा रहा है, जिनमें कुछ रोमानिया और कुछ पोलैंड में फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। कुछ छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हो सकते हैं। प्रशासन ने 92 छात्र-छात्राओं की सूची तैयार की थी जो यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा लेने के लिए गए। इनमें कई छात्रों के प्रशासन के पास भी फोन नंबर नहीं हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि 92 छात्रों की लिस्ट तैयार हुई थी, जिनमें 29 छात्रों की वापसी हो चुकी है।
किरतपुर का आदिल यूक्रेन से लौटा
किरतपुर। यूक्रेन में फंसा किरतपुर निवासी मोहम्मद आदिल शुक्रवार की सुबह पांच बजे अपने घर आ गया। जिगर के टुकड़े को अपने बीच पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। आदिल ने बताया कि वह यूक्रेन के पोलतावा शहर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। युद्ध बमबारी के धमाकों से हम सब दहशत में जी रहे थे। दहशत के माहौल में हमारे ग्रुप के 180 छात्र और 30 छात्राएं लगभग 1700 किमी दूर रोमानिया पहुंचे, जहां से भारतीय वायुसेना का विमान से भारत लाया गया। परिजनों ने भारत सरकार का आभार जताया।
अबूजर के लौटते ही खिल उठे चेहरे
अफजलगढ़। मोहल्ला नायकसराय निवासी मेडिकल का छात्र मो. अबूजर यूक्रेन में फंस गया था। जो बृहस्पतिवार की रात सकुशल अपने घर लौटा। अबूजर ने बताया कि रोमानिया बार्डर पर उन्हें तीन दिन रुकना पड़ा। 15 किमी पैदल भी चले। खाने-पीने सहित अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अबूजर के घर वापस लौटने से उसके परिजनों में खुशी का माहौल है। अबूजर ने बताया कि उनका किराये में कोई खर्च नही हुआ है। इसके लिए भारत सरकार की सराहना की है।
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शुएब यूक्रेन से वापस लौटा
नहटौर। मोहल्ला रंगरेजान निवासी मौहम्मद फारूख का पुत्र शुएब यूक्रेन से वापस लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल शुएब नोएडा में अपने भाई के पास है। शुएब यूक्रेन में एमबीबीएस करने के लिए गया था। वह प्रथम वर्ष का छात्र है। वह यूक्रेन से बार्डर पार करते हुए रोमानिया पहुंचा, वहां से इंडियन एयर फोर्स के विमान से हिंडन एयर बेस गाजियाबाद आया। शुएब के भारत लौटने पर मोहल्ले वासियों व परिजनों ने सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
हंगरी होते हुए लौटा विपिन
गजरौला शिव। गांव स्वाहेड़ी बुजुर्ग निवासी ऋषिपाल विश्वकर्मा का पुत्र विपिन कुमार 2017 में यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। घर लौटने पर विपिन ने बताया कि 24 फरवरी को यूक्रेन के कीव शहर में अटैक हुआ तो वह घबरा गया। युद्ध शुरू होते ही वह 24 फरवरी को यूनिवर्सिटी छोड़ कीव चले गए। 25 फरवरी को वह लवीब सिटी में रहे। रात में ही बॉर्डर पास कर 27 फरवरी को हंगरी पहुंच गए। जहां 2 मार्च की रात 9:00 बजे वह दिल्ली के लिए रवाना हुए। 3 मार्च की सुबह वह 9:00 बजे दिल्ली एयरपोर्ट आ गए। जहां उन्हें यूपी के अधिकारी मिले । वे उन्हें यूपी भवन ले गए। अब घर लौटने पर परिजनों में खुशी का माहौल है।
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बिजनौर। अब तक जिले के 29 छात्रों की यूक्रेन से वतनवापसी हो गई है। छात्र-छात्राओं के घर लौट आने से परिवार वालों की चिंताएं दूर हो गई हैं। हालांकि काफी छात्रों के अभी लौटने का इंतजार किया जा रहा है, जिनमें कुछ रोमानिया और कुछ पोलैंड में फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। कुछ छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हो सकते हैं। प्रशासन ने 92 छात्र-छात्राओं की सूची तैयार की थी जो यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा लेने के लिए गए। इनमें कई छात्रों के प्रशासन के पास भी फोन नंबर नहीं हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि 92 छात्रों की लिस्ट तैयार हुई थी, जिनमें 29 छात्रों की वापसी हो चुकी है।
किरतपुर का आदिल यूक्रेन से लौटा
किरतपुर। यूक्रेन में फंसा किरतपुर निवासी मोहम्मद आदिल शुक्रवार की सुबह पांच बजे अपने घर आ गया। जिगर के टुकड़े को अपने बीच पाकर परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। आदिल ने बताया कि वह यूक्रेन के पोलतावा शहर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। युद्ध बमबारी के धमाकों से हम सब दहशत में जी रहे थे। दहशत के माहौल में हमारे ग्रुप के 180 छात्र और 30 छात्राएं लगभग 1700 किमी दूर रोमानिया पहुंचे, जहां से भारतीय वायुसेना का विमान से भारत लाया गया। परिजनों ने भारत सरकार का आभार जताया।
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अबूजर के लौटते ही खिल उठे चेहरे
अफजलगढ़। मोहल्ला नायकसराय निवासी मेडिकल का छात्र मो. अबूजर यूक्रेन में फंस गया था। जो बृहस्पतिवार की रात सकुशल अपने घर लौटा। अबूजर ने बताया कि रोमानिया बार्डर पर उन्हें तीन दिन रुकना पड़ा। 15 किमी पैदल भी चले। खाने-पीने सहित अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अबूजर के घर वापस लौटने से उसके परिजनों में खुशी का माहौल है। अबूजर ने बताया कि उनका किराये में कोई खर्च नही हुआ है। इसके लिए भारत सरकार की सराहना की है।
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शुएब यूक्रेन से वापस लौटा
नहटौर। मोहल्ला रंगरेजान निवासी मौहम्मद फारूख का पुत्र शुएब यूक्रेन से वापस लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल शुएब नोएडा में अपने भाई के पास है। शुएब यूक्रेन में एमबीबीएस करने के लिए गया था। वह प्रथम वर्ष का छात्र है। वह यूक्रेन से बार्डर पार करते हुए रोमानिया पहुंचा, वहां से इंडियन एयर फोर्स के विमान से हिंडन एयर बेस गाजियाबाद आया। शुएब के भारत लौटने पर मोहल्ले वासियों व परिजनों ने सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
हंगरी होते हुए लौटा विपिन
गजरौला शिव। गांव स्वाहेड़ी बुजुर्ग निवासी ऋषिपाल विश्वकर्मा का पुत्र विपिन कुमार 2017 में यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। घर लौटने पर विपिन ने बताया कि 24 फरवरी को यूक्रेन के कीव शहर में अटैक हुआ तो वह घबरा गया। युद्ध शुरू होते ही वह 24 फरवरी को यूनिवर्सिटी छोड़ कीव चले गए। 25 फरवरी को वह लवीब सिटी में रहे। रात में ही बॉर्डर पास कर 27 फरवरी को हंगरी पहुंच गए। जहां 2 मार्च की रात 9:00 बजे वह दिल्ली के लिए रवाना हुए। 3 मार्च की सुबह वह 9:00 बजे दिल्ली एयरपोर्ट आ गए। जहां उन्हें यूपी के अधिकारी मिले । वे उन्हें यूपी भवन ले गए। अब घर लौटने पर परिजनों में खुशी का माहौल है।

यूक्रेन से लौटने के बाद अपने परिवार के साथ मंडावर का सुहेल।- फोटो : BIJNOR

यूक्रेन से लौटने के बाद अपने परिजनो के साथ किरतपुर का मोहम्मद आदिल।- फोटो : BIJNOR

यूक्रेन से लौटने के बाद अपने परिजनों के साथ अफजलगढ़ का अबूजर।- फोटो : BIJNOR