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खरीदारी के पहले दिन सूने पडे रहे धान के 29 खरीद केंद्र
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बिजनौर के ग्राम पेद्दा में सुना पड़ा धान खरीद केंद्र।
- फोटो : BIJNOR
पहले दिन सूने पड़े रहे धान के 29 खरीद केंद्र
बिजनौर। बृहस्पतिवार को धान खरीद केंद्र तो चालू हो गए लेकिन उन पर धान बेचने के लिए एक भी किसान नहीं पहुंचा। दिन भर खरीद केंद्रों पर स्टाफ हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। सभी खरीद केंद्र सूने पड़े रहे। एक सप्ताह बाद खरीद केंद्रों पर धान आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में बृहस्पतिवार से धान की खरीद शुरू हो गई जो 31 जनवरी तक चलेगी। शासन से धान खरीद का अभी कोई लक्ष्य नहीं आया आया है। खरीद केंद्रों पर सामान्य धान 1868 रुपये व ग्रेड ए का धान 1888 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। धान खरीद के लिए बृहस्पतिवार को 29 केंद्र चालू कर दिए गए। इनमें सात खरीद केंद्र एसएफसी (उत्तर प्रदेश राज्य आवश्यक खाद्य वस्तु निगम), सात मार्केटिंग, आठ पीसीएफ (उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ), छह नैफेड व एक भारतीय खाद्य निगम का है। किसी भी खरीद केंद्र पर पहले दिन एक भी किसान धान की बिक्री के लिए नहीं पहुंचा। सभी खरीद केंद्र सूने पड़े रहे। इसकी वजह है कि जिले में अभी धान की कटाई ठीक से शुरू नहीं हुई है। किसान के पास बिक्री के लिए धान भी नहीं है।
इससे पहले कर्मचारी कल्याण निगम के छह व एग्रो के दो खरीद केंद्रों को खोलने पर रोक लगा दी गई थी। इन खरीद केंद्रों को खोलने की बृहस्पतिवार शाम अधिकारियों ने हरी झंडी दे दी। शुक्रवार से ये खरीद केंद्र भी खुल जाएंगे। धान की खरीदारी के लिए बारदाना व अन्य सामान आ गया है। खरीद केंद्र पर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। जिला खाद्य एवं विपरण अधिकारी धनश्याम वर्मा के मुताबिक पहले दिन 29 खरीद केंद्र खुल गए । किसी भी खरीद केंद्र पर कोई किसान धान बेचने नही आया। एक सप्ताह बाद खरीद केंद्र पर धान आने की उम्मीद है। आठ खरीद केंद्रों को खोलने पर जो रोक लगाई गई थी। उसे भी हटा लिया गया है। धान की खरीद का शासन से अभी कोई लक्ष्य नहीं आया है।
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धान के लिए किसानों पर डोरे डालने लगे कर्मचारी
खरीद केंद्र खुलने के साथ वहां तैनात कर्मचारी किसानों को खरीद केंद्रों पर धान लाने के तरह-तरह के प्रलोभन भी दे रहे हैं। क्षेत्र के किसानों को समझा रहे कि वे अपना धान सरकारी खरीद केंद्रों पर ही बेचें। इसके अलावा किसी को नहीं दे। किसान भी कर्मचारी से धान देने का वायदा कर रहे हैं। किसान कह रहें है कि पहले धान की कटाई होकर धान घर पर आ जाए। तब उसे बेचने के बारे में सोचेंगे।
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बिजनौर। बृहस्पतिवार को धान खरीद केंद्र तो चालू हो गए लेकिन उन पर धान बेचने के लिए एक भी किसान नहीं पहुंचा। दिन भर खरीद केंद्रों पर स्टाफ हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। सभी खरीद केंद्र सूने पड़े रहे। एक सप्ताह बाद खरीद केंद्रों पर धान आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में बृहस्पतिवार से धान की खरीद शुरू हो गई जो 31 जनवरी तक चलेगी। शासन से धान खरीद का अभी कोई लक्ष्य नहीं आया आया है। खरीद केंद्रों पर सामान्य धान 1868 रुपये व ग्रेड ए का धान 1888 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। धान खरीद के लिए बृहस्पतिवार को 29 केंद्र चालू कर दिए गए। इनमें सात खरीद केंद्र एसएफसी (उत्तर प्रदेश राज्य आवश्यक खाद्य वस्तु निगम), सात मार्केटिंग, आठ पीसीएफ (उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ), छह नैफेड व एक भारतीय खाद्य निगम का है। किसी भी खरीद केंद्र पर पहले दिन एक भी किसान धान की बिक्री के लिए नहीं पहुंचा। सभी खरीद केंद्र सूने पड़े रहे। इसकी वजह है कि जिले में अभी धान की कटाई ठीक से शुरू नहीं हुई है। किसान के पास बिक्री के लिए धान भी नहीं है।
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इससे पहले कर्मचारी कल्याण निगम के छह व एग्रो के दो खरीद केंद्रों को खोलने पर रोक लगा दी गई थी। इन खरीद केंद्रों को खोलने की बृहस्पतिवार शाम अधिकारियों ने हरी झंडी दे दी। शुक्रवार से ये खरीद केंद्र भी खुल जाएंगे। धान की खरीदारी के लिए बारदाना व अन्य सामान आ गया है। खरीद केंद्र पर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। जिला खाद्य एवं विपरण अधिकारी धनश्याम वर्मा के मुताबिक पहले दिन 29 खरीद केंद्र खुल गए । किसी भी खरीद केंद्र पर कोई किसान धान बेचने नही आया। एक सप्ताह बाद खरीद केंद्र पर धान आने की उम्मीद है। आठ खरीद केंद्रों को खोलने पर जो रोक लगाई गई थी। उसे भी हटा लिया गया है। धान की खरीद का शासन से अभी कोई लक्ष्य नहीं आया है।
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धान के लिए किसानों पर डोरे डालने लगे कर्मचारी
खरीद केंद्र खुलने के साथ वहां तैनात कर्मचारी किसानों को खरीद केंद्रों पर धान लाने के तरह-तरह के प्रलोभन भी दे रहे हैं। क्षेत्र के किसानों को समझा रहे कि वे अपना धान सरकारी खरीद केंद्रों पर ही बेचें। इसके अलावा किसी को नहीं दे। किसान भी कर्मचारी से धान देने का वायदा कर रहे हैं। किसान कह रहें है कि पहले धान की कटाई होकर धान घर पर आ जाए। तब उसे बेचने के बारे में सोचेंगे।