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24 घंटे बाद झाड़ी में अटकी मिली डूबी महिला
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:05 AM IST
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महिला को अस्पताल ले जा रहे परिजनों से नाम पता पूछती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में मंडावर क्षेत्र में नाव पलटने से गंगा में डूबी एक और महिला गंगा किनारे झाड़ियों में अटकी मिली। आरोप है कि एक दरोगा ने कानून का पाठ पढ़ाकर परिजनों को काफी देर तक घाट पर ही रोके रखा। वे महिला के जिंदा होने का दावा कर रहे थे और उसे बाइक पर ही जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत करार दिया। हेलीकाप्टर से भी गंगा में डूबे लोगों की तलाश की गई, पर सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ की टीम सुबह से ही गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन बाकी 9 लापता लोगों के बारे में कोई पता नहीं चला।
शुक्रवार को मंडावर क्षेत्र के गांव चाहड़वाला के सामने डेबलगढ़ (राजारामपुर) के गांव वालों से लदी नाव गंगा की बीच धारा में पलट गई थी। हादसे में नाव में सवार सभी 28 लोग बह गए थे। 17 लोग सकुशल गंगा से बाहर निकाल लिए गए। एक महिला का शव गांव रावली से आगे गंगा से मिल गया था। दस गांव वाले लापता थे। शुक्रवार शाम तेज बारिश व अंधेरा होने के कारण गंगा में डूबे लोगों की तलाश का काम रोक दिया गया था। जिन परिवारों के लोग लापता थे वे सारी रात चिंतित रहे। दिन निकलते ही वे खुद ही नाव लेकर गंगा में डूबे लोगों की तलाश में निकल पड़े। इस दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे नरोल्लापुर गुरुद्वारे से आगे गंगा के किनारे डेबलगढ़ निवासी मूलचंद की 46 वर्षीय पत्नी मीना देवी झाड़ी में अटकी दिखी। परिजनों ने दावा किया मीना देवी की सांस चल रही थी। वे उसे बाइक पर जिला अस्पताल ले जाने लगे तो वहां मौजूद एक दरोगा ने पहले कागजी कार्रवाई करने के लिए उन्हें रोक लिया। परिजन गुहार लगाते रहे कि उन्हें जाने दें वरना महिला मर जाएगी। पर दरोगा ने एक नहीं सुनी और मृतका का नाम पता मालूम करने में जुटा रहा।
इस दौरान कुछ लोग वहां आ गए। उन्होंने दरोगा की इस हरकत पर दरोगा को री खोटी सुनाई। तब भतीजा, मीना देवी को बाइक पर लेकर जिला अस्पताल की ओर दौड़ा। उधर, सुबह करीब छह बजे से एनडीआरएफ की टीम गंगा मेें बैराज से लेकर डेबलगढ़ तक गंगा में डूबे लोगों को खंगालने में जुटी रही। टीम का सबसे ज्यादा फोकस रावली का गंगा इलाका था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शासन की ओर से गंगा में डूबे लोगों को खोजने के लिए हेलीकाप्टर रावली पहुंचा। आधा घंटे से ज्यादा समय तक हेलीकाप्टर ने गंगा में डूबे लोगों को ढूंढा, पर कोई नहीं मिला। गंगा की मुख्य धारा, छोटी धारा पूरे इलाके पर हेलीकाप्टर का फोकस रहा। हेलीकाप्टर के जाने के बाद एनडीआरएफ के गोताखोर गंगा में डूबे लोगों को तलाशने में जुटे रहे।
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स्थानीय गोताखोर भी रहे सक्रिय
प्रशासन ने एनडीआरएफ व पीएसी की टीम के साथ स्थानीय गोताखोरों को भी गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने के लिए सहयोग लिया है। ये गोताखोर भी लगे रहे। शनिवार को प्रशासन की टीम भी सक्रिय रही। अफसर भी गंगा तट पर सक्रिय नजर आए। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक अफसरों ने गंगा का किनारा नहीं छोड़ा।
गुस्साई भीड़ ने किया एसडीएम का घेराव
बिजनौर में गंगा में समाए लोगों को ढूंढने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने का आरोप लगाकर लोगों ने एसडीएम बृजेश सिंह को घेर लिया।
एसडीएम व घेराव करने वाले लोगों में नोकझोंक हुई। कई गांवों के लोग सुबह से ही गंगा में डूबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। रावली से आगे बंधे पर ये लोग बड़ी तादाद में मौजूद थे। इस दौरान एसडीएम बृजेश सिंह इनके बीच पहुंचे तो गुस्साए लोग बिगड़ गए।
आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से गंगा में डूबे लोगों को खोजने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। हेलीकाप्टर भी दोपहर तक नहीं आया। अफसर भी अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं। वहीं, एसडीएम ने कहा कि प्रशासन ने सभी पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। हेलीकाप्टर भी आने वाला है।
इसके बाद भी गांव वाले शांत नहीं हुए और एसडीएम से भिड़ गए। एसडीएम व इन लोगों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई और हंगामा मचा रहा। कुछ लोग गुस्साए लोगों को शांत करने में जुटे रहे। बाद में लोगों को शांत किया गया। बताया गया कि एनडीआरएफ की टीम गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने में लगी है।
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शुक्रवार को मंडावर क्षेत्र के गांव चाहड़वाला के सामने डेबलगढ़ (राजारामपुर) के गांव वालों से लदी नाव गंगा की बीच धारा में पलट गई थी। हादसे में नाव में सवार सभी 28 लोग बह गए थे। 17 लोग सकुशल गंगा से बाहर निकाल लिए गए। एक महिला का शव गांव रावली से आगे गंगा से मिल गया था। दस गांव वाले लापता थे। शुक्रवार शाम तेज बारिश व अंधेरा होने के कारण गंगा में डूबे लोगों की तलाश का काम रोक दिया गया था। जिन परिवारों के लोग लापता थे वे सारी रात चिंतित रहे। दिन निकलते ही वे खुद ही नाव लेकर गंगा में डूबे लोगों की तलाश में निकल पड़े। इस दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे नरोल्लापुर गुरुद्वारे से आगे गंगा के किनारे डेबलगढ़ निवासी मूलचंद की 46 वर्षीय पत्नी मीना देवी झाड़ी में अटकी दिखी। परिजनों ने दावा किया मीना देवी की सांस चल रही थी। वे उसे बाइक पर जिला अस्पताल ले जाने लगे तो वहां मौजूद एक दरोगा ने पहले कागजी कार्रवाई करने के लिए उन्हें रोक लिया। परिजन गुहार लगाते रहे कि उन्हें जाने दें वरना महिला मर जाएगी। पर दरोगा ने एक नहीं सुनी और मृतका का नाम पता मालूम करने में जुटा रहा।
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इस दौरान कुछ लोग वहां आ गए। उन्होंने दरोगा की इस हरकत पर दरोगा को री खोटी सुनाई। तब भतीजा, मीना देवी को बाइक पर लेकर जिला अस्पताल की ओर दौड़ा। उधर, सुबह करीब छह बजे से एनडीआरएफ की टीम गंगा मेें बैराज से लेकर डेबलगढ़ तक गंगा में डूबे लोगों को खंगालने में जुटी रही। टीम का सबसे ज्यादा फोकस रावली का गंगा इलाका था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शासन की ओर से गंगा में डूबे लोगों को खोजने के लिए हेलीकाप्टर रावली पहुंचा। आधा घंटे से ज्यादा समय तक हेलीकाप्टर ने गंगा में डूबे लोगों को ढूंढा, पर कोई नहीं मिला। गंगा की मुख्य धारा, छोटी धारा पूरे इलाके पर हेलीकाप्टर का फोकस रहा। हेलीकाप्टर के जाने के बाद एनडीआरएफ के गोताखोर गंगा में डूबे लोगों को तलाशने में जुटे रहे।
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स्थानीय गोताखोर भी रहे सक्रिय
प्रशासन ने एनडीआरएफ व पीएसी की टीम के साथ स्थानीय गोताखोरों को भी गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने के लिए सहयोग लिया है। ये गोताखोर भी लगे रहे। शनिवार को प्रशासन की टीम भी सक्रिय रही। अफसर भी गंगा तट पर सक्रिय नजर आए। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक अफसरों ने गंगा का किनारा नहीं छोड़ा।
गुस्साई भीड़ ने किया एसडीएम का घेराव
बिजनौर में गंगा में समाए लोगों को ढूंढने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने का आरोप लगाकर लोगों ने एसडीएम बृजेश सिंह को घेर लिया।
एसडीएम व घेराव करने वाले लोगों में नोकझोंक हुई। कई गांवों के लोग सुबह से ही गंगा में डूबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। रावली से आगे बंधे पर ये लोग बड़ी तादाद में मौजूद थे। इस दौरान एसडीएम बृजेश सिंह इनके बीच पहुंचे तो गुस्साए लोग बिगड़ गए।
आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से गंगा में डूबे लोगों को खोजने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। हेलीकाप्टर भी दोपहर तक नहीं आया। अफसर भी अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं। वहीं, एसडीएम ने कहा कि प्रशासन ने सभी पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। हेलीकाप्टर भी आने वाला है।
इसके बाद भी गांव वाले शांत नहीं हुए और एसडीएम से भिड़ गए। एसडीएम व इन लोगों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई और हंगामा मचा रहा। कुछ लोग गुस्साए लोगों को शांत करने में जुटे रहे। बाद में लोगों को शांत किया गया। बताया गया कि एनडीआरएफ की टीम गंगा में डूबे लोगों को ढूंढने में लगी है।