{"_id":"5b785f5a42c792466a505113","slug":"21534615386-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर की गंगा व रामगंगा में भी प्रवाहित होगी अटल जी की अस्थियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर की गंगा व रामगंगा में भी प्रवाहित होगी अटल जी की अस्थियां
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां बिजनौर की गंगा और राम गंगा में भी प्रवाहित होगी। जिले में पहली बार किसी बड़े नेता की अस्थियां प्रवाहित होगी। अटल बिहारी वाजपेयी का महात्मा विदुर की धरती से गहरा नाता था।
शासन के निर्देशानुसार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के कई जिलों में गंगा में प्रवाहित होगी। बिजनौर में भी गंगा और रामगंगा में भी उनकी अस्थियां प्रवाहित की जाएगी। बिजनौर जिले में रामगंगा कालागढ़ से शुरू होकर हरेवली से भूतपुरी होकर मुरादाबाद को जाती है। हरेवली में बैराज है। गंगा हरिद्वार से बालावाली, नांगल होकर बैराज, गंज से निकलकर अन्य जिलों में जाती है। बिजनौर में गगा बैराज घाट और हरेवली में रामगंगा बैराज पर अस्थियां प्रवाहित होने की संभावना है। अस्थियां कब प्रवाहित होगी? इस संबंध में भाजपा के नेताओं और अफसरों के पास अभी तक कार्यक्रम नहीं आया है। अटल बिहारी वाजपेयी पहले ऐसे नेता है, जिनकी अस्थियां बिजनौर में भी प्रवाहित हो रही है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का महात्मा विदुर की धरती से गहरा नाता था। समय-समय पर वह विदुर की धरती पर आते थे। पांच अप्रैल 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी गंज में वाल्मीकि आश्रम का उद्घाटन करने आए थे। बिजनौर के तत्कालीन सांसद मंगलराम प्रेमी के कहने पर पूर्व प्रधानमंत्री को गंज आना पड़ा था। सांसद ने ही इस आश्रम का निर्माण कराया था। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी काफी समय तक गंज में रहे थे।
विज्ञापन
शासन के निर्देशानुसार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के कई जिलों में गंगा में प्रवाहित होगी। बिजनौर में भी गंगा और रामगंगा में भी उनकी अस्थियां प्रवाहित की जाएगी। बिजनौर जिले में रामगंगा कालागढ़ से शुरू होकर हरेवली से भूतपुरी होकर मुरादाबाद को जाती है। हरेवली में बैराज है। गंगा हरिद्वार से बालावाली, नांगल होकर बैराज, गंज से निकलकर अन्य जिलों में जाती है। बिजनौर में गगा बैराज घाट और हरेवली में रामगंगा बैराज पर अस्थियां प्रवाहित होने की संभावना है। अस्थियां कब प्रवाहित होगी? इस संबंध में भाजपा के नेताओं और अफसरों के पास अभी तक कार्यक्रम नहीं आया है। अटल बिहारी वाजपेयी पहले ऐसे नेता है, जिनकी अस्थियां बिजनौर में भी प्रवाहित हो रही है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का महात्मा विदुर की धरती से गहरा नाता था। समय-समय पर वह विदुर की धरती पर आते थे। पांच अप्रैल 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी गंज में वाल्मीकि आश्रम का उद्घाटन करने आए थे। बिजनौर के तत्कालीन सांसद मंगलराम प्रेमी के कहने पर पूर्व प्रधानमंत्री को गंज आना पड़ा था। सांसद ने ही इस आश्रम का निर्माण कराया था। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी काफी समय तक गंज में रहे थे।
विज्ञापन