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अभाविप कार्यकर्ताओं का निजी विद्यालयों के प्रबंधनों के खिलाफ एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:04 AM IST
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धामपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा। जिसमें आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र के सीबीएसई, आईसीएसई से संबंध निजी विद्यालयों में प्रवेश शुल्क, पाठ्यक्रम, यूनिफार्म के नाम पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। जो प्रदेश सरकार के आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की मांग की है।
अभाविप कार्यकर्ता शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। यहां उन्होंने निजी विद्यालयों के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि इन विद्यालयों में सरकार द्वारा लागू शुल्क विनिमय विधेयक को अमल में नहीं लाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से इन सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लगवाने, पाठ्यपुस्तकों और यूनिफार्म को चुनिंदा दुकानों से खरीदने की बाध्यता खत्म कराने, ट्रांसपोर्ट शुल्क किलोमीटर के आधार पर निर्धारित करने, वाहनों की सुरक्षा, मानकों की जांच समय-समय पर कराने, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धन छात्र-छात्राओं का प्रवेश और सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करने, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों, कोचिंग सेंटरों को बंद कराने, ऐसे सभी विद्यालयों में अभिभावक शिक्षक समन्वय समिति का गठन करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। लखनऊ पहुंच कर अधिकारियों और सरकार के आदेशों का उल्लंघन वाले स्कूलों के प्रबंधनों की शिकायत कर मुख्यमंत्री से कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान सौरभ जोशी, आकाश माहेश्वरी, अतुल, अजय राजपूत, प्रयास शर्मा, मुकुल जोशी, आकाश सैनी, यश चौधरी, सत्यम शर्मा, हिमांशु चौधरी, आशीष जोशी, आदित्य चौहान आदि मौजूद रहे।
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अभाविप कार्यकर्ता शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। यहां उन्होंने निजी विद्यालयों के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि इन विद्यालयों में सरकार द्वारा लागू शुल्क विनिमय विधेयक को अमल में नहीं लाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से इन सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लगवाने, पाठ्यपुस्तकों और यूनिफार्म को चुनिंदा दुकानों से खरीदने की बाध्यता खत्म कराने, ट्रांसपोर्ट शुल्क किलोमीटर के आधार पर निर्धारित करने, वाहनों की सुरक्षा, मानकों की जांच समय-समय पर कराने, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धन छात्र-छात्राओं का प्रवेश और सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करने, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों, कोचिंग सेंटरों को बंद कराने, ऐसे सभी विद्यालयों में अभिभावक शिक्षक समन्वय समिति का गठन करने की मांग की।
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कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। लखनऊ पहुंच कर अधिकारियों और सरकार के आदेशों का उल्लंघन वाले स्कूलों के प्रबंधनों की शिकायत कर मुख्यमंत्री से कार्रवाई कराई जाएगी। इस दौरान सौरभ जोशी, आकाश माहेश्वरी, अतुल, अजय राजपूत, प्रयास शर्मा, मुकुल जोशी, आकाश सैनी, यश चौधरी, सत्यम शर्मा, हिमांशु चौधरी, आशीष जोशी, आदित्य चौहान आदि मौजूद रहे।
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