{"_id":"597b88fe4f1c1b51628b46c2","slug":"21501268222-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में दोगुना हो जाएगा शरदकालीन गन्ने का रकबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में दोगुना हो जाएगा शरदकालीन गन्ने का रकबा
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
इस बार दोगुना हो
जाएगा गन्ना रकबा
बिजनौर। ट्रैंच विधि से शरदकालीन गन्ने का रकबा इस बार जिले में दोगुना होने वाला है। इस बार दस हजार हेक्टेअर जमीन में शरदकालीन गन्ना बोया जाएगा। शरदकालीन गन्ने में रोग नहीं आता है। इससे फसल की लागत कम होती है। खेत में गन्ने के साथ अन्य फसलें भी बोई जा सकती हैं। 2015 में जिले में 1100 हेक्टेअर, 2016 में पांच हजार हेक्टेअर जमीन में ट्रैंच विधि से शरदकालीन गन्ना बोया गया था। शरदकालीन गन्ने के पौधे को इस साल पेड़ी के साथ ही गन्ना पर्ची देने की तैयारी की जा रही है। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार, शरदकालीन गन्ना बोकर जिले के किसान देश के किसानों के लिए मॉडल बन रहे हैं।
विज्ञापन
जाएगा गन्ना रकबा
बिजनौर। ट्रैंच विधि से शरदकालीन गन्ने का रकबा इस बार जिले में दोगुना होने वाला है। इस बार दस हजार हेक्टेअर जमीन में शरदकालीन गन्ना बोया जाएगा। शरदकालीन गन्ने में रोग नहीं आता है। इससे फसल की लागत कम होती है। खेत में गन्ने के साथ अन्य फसलें भी बोई जा सकती हैं। 2015 में जिले में 1100 हेक्टेअर, 2016 में पांच हजार हेक्टेअर जमीन में ट्रैंच विधि से शरदकालीन गन्ना बोया गया था। शरदकालीन गन्ने के पौधे को इस साल पेड़ी के साथ ही गन्ना पर्ची देने की तैयारी की जा रही है। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार, शरदकालीन गन्ना बोकर जिले के किसान देश के किसानों के लिए मॉडल बन रहे हैं।